कुरुक्षेत्र। गीता निकेतन आवासीय विद्यालय, कुरुक्षेत्र में पूर्व छात्र सम्मेलन का आयोजन हर्षोल्लास से किया गया। कार्यक्रम का आयोजन विद्यालय की पूर्व छात्र परिषद के सहयोग से किया गया, जिसमें सत्र 1974 से 2019 तक के पूर्व छात्रों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। जिसमें 201 पूर्व छात्रों ने प्रत्यक्ष भाग लिया एवं 312 पूर्व छात्र आॅनलाईन माध्यम से कार्यक्रम से जुडे रहे। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य विद्यालय एवं पूर्व छात्रों के मध्य भावनात्मक संबंधों को सुदृढ़ करना तथा संस्कारों का पुनर्जागरण करना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ शारदा के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। तत्पश्चात विद्यालय के प्राचार्य नारायण सिंह ने अतिथि महानुभावों, पूर्व आचार्यों एवं पूर्व छात्रों का परिचय कराया तथा विद्यालय की प्रगति एवं भावी योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि गीता निकेतन आवासीय विद्यालय विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के मार्ग दर्शन में संचालित है। विद्या भारती की मूल्य आधारित शिक्षा समाज जागरण में बेहतर परिणाम दे रही है। विद्या भारती के पूर्व छात्र पोर्टल पर 10 लाख 90 हजार पूर्व छात्र पंजीकृत है जो विश्व का सबसे बड़ा पूर्व छात्र संगठन बन गया है। ये पूर्व छात्र 87 से अधिक देशों में रहकर विविध क्षेत्रों में योगदान दे रहें है और अपनी स्कूली शिक्षा के दौरान प्राप्त सेवा, संस्कृति और प्रतिबद्धता के मूल्यों को आगे बढा रहे हैं। इन पूर्व छात्रों से सतत सम्पर्क बना रहे इस उद्देश्य से सभी विद्यालयें में एवं प्रांतीय स्तर पर पूर्व छात्र परिषदों का संगठन सक्रिय है। इसी क्रम में गीता निकेतन पूर्व छात्र परिषद द्वारा यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है।
इस कार्यक्रम में वर्तमान एवं पूर्व छात्रों द्वारा संगीत एवं नृत्य की प्रस्तुतियों ने विद्यालय की संस्कारयुक्त शिक्षा परंपरा एवं सांस्कृतिक चेतना का सजीव प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता विद्याभारती हरियाणा के अध्यक्ष डॉ0 देव प्रसाद भारद्वाज ने अपने उद्बोधन में कहा कि पूर्व छात्रों की उपलब्धियां विद्यालय की पहचान को वैश्विक स्तर पर प्रसारित करती हैं। गीता निकेतन के पूर्व छात्र आज देश-विदेश में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करते हुए विद्यालय द्वारा प्रदत्त संस्कारों को समाज में प्रतिष्ठित कर रहे हैं। उन्होंने राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ सामाजिक दायित्वों के निर्वहन पर विशेष बल दिया।
विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष डॉ0 घनश्याम शर्मा ने पूर्व छात्रों को विद्यालय एवं समाज के विकास में सक्रिय योगदान देने तथा विद्यालय से सतत संपर्क बनाए रखने हेतु प्रेरित किया। इस अवसर पर हिन्दू शिक्षा समिति हरियाणा के अध्यक्ष डॉ0 ऋषिराज वशिष्ठ एवं उपाध्यक्ष चेतराम शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्य एवं पूर्व छात्र अखिलेश गुप्ता के आह्वाहन पर अनेक पूर्व छात्रों ने विद्यालय प्रगति में पूर्व छात्रों की भूमिका विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किये। तत्पश्चात पूर्व छात्रों ने अपने अनुभव, संस्मरण एवं उपयोगी सुझाव साझा किए तथा विद्यालय परिवार के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। कार्यक्रम के अंत में पूर्व छात्र परिषद के सदस्य उद्योगपति विक्रांत विंदल ने सभी अतिथियों, पूर्व छात्रों, आचार्यगण एवं आयोजन से जुड़े सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर प्रबंध समिति के सदस्य, पूर्व आचार्यगण तथा हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार एवं विदेशों में निवास करने वाले बड़ी संख्या में पूर्व छात्र उपस्थित रहे।
पूर्व छात्र सम्मेलन 2025 स्मृतियों, संवाद एवं पुनः जुड़ाव का एक प्रेरणादायक एवं अविस्मरणीय आयोजन सिद्ध हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ शारदा के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। तत्पश्चात विद्यालय के प्राचार्य नारायण सिंह ने अतिथि महानुभावों, पूर्व आचार्यों एवं पूर्व छात्रों का परिचय कराया तथा विद्यालय की प्रगति एवं भावी योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि गीता निकेतन आवासीय विद्यालय विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के मार्ग दर्शन में संचालित है। विद्या भारती की मूल्य आधारित शिक्षा समाज जागरण में बेहतर परिणाम दे रही है। विद्या भारती के पूर्व छात्र पोर्टल पर 10 लाख 90 हजार पूर्व छात्र पंजीकृत है जो विश्व का सबसे बड़ा पूर्व छात्र संगठन बन गया है। ये पूर्व छात्र 87 से अधिक देशों में रहकर विविध क्षेत्रों में योगदान दे रहें है और अपनी स्कूली शिक्षा के दौरान प्राप्त सेवा, संस्कृति और प्रतिबद्धता के मूल्यों को आगे बढा रहे हैं। इन पूर्व छात्रों से सतत सम्पर्क बना रहे इस उद्देश्य से सभी विद्यालयें में एवं प्रांतीय स्तर पर पूर्व छात्र परिषदों का संगठन सक्रिय है। इसी क्रम में गीता निकेतन पूर्व छात्र परिषद द्वारा यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है।
इस कार्यक्रम में वर्तमान एवं पूर्व छात्रों द्वारा संगीत एवं नृत्य की प्रस्तुतियों ने विद्यालय की संस्कारयुक्त शिक्षा परंपरा एवं सांस्कृतिक चेतना का सजीव प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता विद्याभारती हरियाणा के अध्यक्ष डॉ0 देव प्रसाद भारद्वाज ने अपने उद्बोधन में कहा कि पूर्व छात्रों की उपलब्धियां विद्यालय की पहचान को वैश्विक स्तर पर प्रसारित करती हैं। गीता निकेतन के पूर्व छात्र आज देश-विदेश में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करते हुए विद्यालय द्वारा प्रदत्त संस्कारों को समाज में प्रतिष्ठित कर रहे हैं। उन्होंने राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ सामाजिक दायित्वों के निर्वहन पर विशेष बल दिया।
विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष डॉ0 घनश्याम शर्मा ने पूर्व छात्रों को विद्यालय एवं समाज के विकास में सक्रिय योगदान देने तथा विद्यालय से सतत संपर्क बनाए रखने हेतु प्रेरित किया। इस अवसर पर हिन्दू शिक्षा समिति हरियाणा के अध्यक्ष डॉ0 ऋषिराज वशिष्ठ एवं उपाध्यक्ष चेतराम शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्य एवं पूर्व छात्र अखिलेश गुप्ता के आह्वाहन पर अनेक पूर्व छात्रों ने विद्यालय प्रगति में पूर्व छात्रों की भूमिका विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किये। तत्पश्चात पूर्व छात्रों ने अपने अनुभव, संस्मरण एवं उपयोगी सुझाव साझा किए तथा विद्यालय परिवार के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। कार्यक्रम के अंत में पूर्व छात्र परिषद के सदस्य उद्योगपति विक्रांत विंदल ने सभी अतिथियों, पूर्व छात्रों, आचार्यगण एवं आयोजन से जुड़े सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर प्रबंध समिति के सदस्य, पूर्व आचार्यगण तथा हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार एवं विदेशों में निवास करने वाले बड़ी संख्या में पूर्व छात्र उपस्थित रहे।
पूर्व छात्र सम्मेलन 2025 स्मृतियों, संवाद एवं पुनः जुड़ाव का एक प्रेरणादायक एवं अविस्मरणीय आयोजन सिद्ध हुआ।
