अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के उपलक्ष्य में जी.एम.एन. कॉलेज, अम्बाला छावनी में एक प्रभावशाली जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों में मानवाधिकारों, संवैधानिक मूल्यों और समाज के कमजोर वर्गों के संरक्षण के प्रति समझ तथा जागरूकता को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों और संकाय सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एडवोकेट अमिता वर्मा रहीं, जिन्होंने मौलिक अधिकारों एवं कर्तव्यों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बच्चों से संबंधित कानूनी अधिकारों, हक़ों और उपलब्ध उपचारों पर गहन जानकारी प्रदान की। उन्होंने विशेष रूप से विकलांग बच्चों, ट्रांसजेंडर बच्चों, मानव तस्करी से मुक्त कराए गए बच्चों, तथा बाल श्रम और बाल विवाह जैसी सामाजिक समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की। उनका व्याख्यान अत्यंत ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक रहा, जिसने विद्यार्थियों को अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति अधिक सजग बनने के लिए प्रेरित किया।
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रोहित दत्त ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मानवाधिकारों के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में प्रत्येक व्यक्ति का यह कर्तव्य है कि वह न केवल अपने अधिकारों को समझे बल्कि समाज में न्याय, समानता और गरिमा को बढ़ावा देने में सक्रिय भूमिका निभाए। उन्होंने विद्यार्थियों को ऐसे कार्यक्रमों में भाग लेकर अपनी दृष्टि को और व्यापक बनाने के लिए प्रोत्साहित किया।
इस अवसर पर जी.एम.एन. कॉलेज ने कानूनी साक्षरता, मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता और संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। कार्यक्रम में डॉ. भारती विज, डॉ. सरोज बाला, सुश्री जस्मिता हैंडा और रीतिका भी उपस्थित रहीं, जिन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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