अब तक 67517 प्रॉपर्टी आई.डी. को किया गया सेल्फ सर्टिफाई।
प्रॉपर्टी आई.डी. में त्रुटि हो तो ऑनलाईन आपत्ति करवाएं दर्ज, होगा समाधान।
करनाल 18 नवंबर, उपायुक्त एवं नगर निगम आयुक्त उत्तम सिंह के निर्देश पर निगम क्षेत्र में सम्पत्ति आई.डी. को स्व-प्रमाणित करने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। इसके लिए नगर निगम की 10 टीमें डोर टू डोर जाकर प्रॉपर्टी आई.डी. को प्रमाणित करने का कार्य कर रही हैं। इन टीमों को आई कार्ड भी जारी किए गए हैं। अब तक 67 हजार 517 सम्पत्तियों को स्व-प्रमाणित किया जा चुका है। यह जानकारी उप निगम आयुक्त अभय सिंह ने दी।
निगम कार्यालय में भी सेल्फ सर्टिफाई का कार्य जारी- उन्होंने बताया कि शहरवासियों की सुविधा के लिए नगर निगम कार्यालय के नागरिक सुविधा केन्द्र (सी.एफ.सी.) की विंडो नम्बर 2, 8, 9 व 10 तथा प्रथम तल पर मौजूद काँफ्रैंस हॉल (सभागार) 207 नम्बर में भी स्व-प्रमाणित करने का कार्य किया जा रहा है। नागरिक यहां आकर भी अपनी प्रॉपर्टी आई.डी. को सेल्फ सर्टिफाई करवा सकते हैं। इसके लिए नागरिकों को फोन के माध्यम से भी सूचित किया जा रहा है।
एन.डी.सी. पोर्टल पर प्रॉपर्टी आई.डी. को कैसे करें स्व-प्रमाणित- उन्होंने बताया कि नागरिक सबसे पहले एन.डी.सी. पोर्टल property.ulbharyana.gov.in (प्रॉपर्टी डॉट यूएलबी हरियाणा डॉट जीओवी डॉट इन) साईट पर जाएं। इसके बाद अगर किसी व्यक्ति ने साईट पर रजिस्ट्रेशन किया हुआ है तो ठीक, नहीं तो न्यू रजिस्ट्रेशन का बटन क्लिक कर उस पर अपना ब्यौरा दर्ज करें। इसके पश्चात अपने रजिस्टर्ड मोबाईल नम्बर से लॉगिन करें तथा सर्च फील्ड में जाकर प्रॉपर्टी आई.डी. को सर्च करें। फिर प्रॉपर्टी का ब्यौरा पर क्लिक कर उसे चेक करें। प्रत्येक ब्यौरा के आगे येस व नो, दो विकल्प मिलेंगे। उसे ध्यान से पडऩे के बाद, सारा डाटा ठीक दिखाई दे, तो उसे येस कर दें। सारी जानकारी को येस करने के बाद अंत में परिवार पहचान पत्र या आधार नम्बर डालकर सब्मिट करें, उसके पश्चात प्रॉपर्टी आई.डी. स्व-प्रमाणित हो जाएगी। उन्होंने सभी शहरवासियों से अपील करते कहा कि वे प्रॉपर्टी आई.डी. को स्व-प्रमाणित करवाकर अपने डाटा को लॉक करें। ऐसा करने से कोई अन्य व्यक्ति प्रॉपर्टी आई.डी. से किसी प्रकार की छेडख़ानी नहीं कर सकता और न ही उसमें कोई तबदीली लाने के लिए आपत्ति दर्ज कर सकता है। इससे सम्बंधित प्रॉपर्टी मालिक स्वयं को सुरक्षित महसूस करेंगे। उन्होंने कहा है कि नागरिक इस कार्य के लिए नगर निगम की टीमों का सहयोग करें। यह कार्य उन्हीं की सुविधा के लिए ही किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि अगर प्रॉपर्टी आई.डी. डाटा में कोई त्रुटि हो, तो टीम के सदस्यों को बता दें कि उन्हें क्या-क्या त्रुटि दुरूस्त करवानी है, वह आपको उससे सम्बंधित दस्तावेज बता देंगे। सम्बंधित व्यक्ति उन दस्तावेजों को लेकर अटल सेवा केन्द्र (सी.एस.सी.) में जाकर ऑनलाईन आपत्ति दर्ज करवा सकते हैं। आपत्ति दर्ज होने के पश्चात नगर निगम द्वारा उस त्रुटि को दुरूस्त कर दिया जाएगा।
प्रॉपर्टी आई.डी. में त्रुटि हो तो ऑनलाईन आपत्ति करवाएं दर्ज, होगा समाधान।
करनाल 18 नवंबर, उपायुक्त एवं नगर निगम आयुक्त उत्तम सिंह के निर्देश पर निगम क्षेत्र में सम्पत्ति आई.डी. को स्व-प्रमाणित करने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। इसके लिए नगर निगम की 10 टीमें डोर टू डोर जाकर प्रॉपर्टी आई.डी. को प्रमाणित करने का कार्य कर रही हैं। इन टीमों को आई कार्ड भी जारी किए गए हैं। अब तक 67 हजार 517 सम्पत्तियों को स्व-प्रमाणित किया जा चुका है। यह जानकारी उप निगम आयुक्त अभय सिंह ने दी।
निगम कार्यालय में भी सेल्फ सर्टिफाई का कार्य जारी- उन्होंने बताया कि शहरवासियों की सुविधा के लिए नगर निगम कार्यालय के नागरिक सुविधा केन्द्र (सी.एफ.सी.) की विंडो नम्बर 2, 8, 9 व 10 तथा प्रथम तल पर मौजूद काँफ्रैंस हॉल (सभागार) 207 नम्बर में भी स्व-प्रमाणित करने का कार्य किया जा रहा है। नागरिक यहां आकर भी अपनी प्रॉपर्टी आई.डी. को सेल्फ सर्टिफाई करवा सकते हैं। इसके लिए नागरिकों को फोन के माध्यम से भी सूचित किया जा रहा है।
एन.डी.सी. पोर्टल पर प्रॉपर्टी आई.डी. को कैसे करें स्व-प्रमाणित- उन्होंने बताया कि नागरिक सबसे पहले एन.डी.सी. पोर्टल property.ulbharyana.gov.in (प्रॉपर्टी डॉट यूएलबी हरियाणा डॉट जीओवी डॉट इन) साईट पर जाएं। इसके बाद अगर किसी व्यक्ति ने साईट पर रजिस्ट्रेशन किया हुआ है तो ठीक, नहीं तो न्यू रजिस्ट्रेशन का बटन क्लिक कर उस पर अपना ब्यौरा दर्ज करें। इसके पश्चात अपने रजिस्टर्ड मोबाईल नम्बर से लॉगिन करें तथा सर्च फील्ड में जाकर प्रॉपर्टी आई.डी. को सर्च करें। फिर प्रॉपर्टी का ब्यौरा पर क्लिक कर उसे चेक करें। प्रत्येक ब्यौरा के आगे येस व नो, दो विकल्प मिलेंगे। उसे ध्यान से पडऩे के बाद, सारा डाटा ठीक दिखाई दे, तो उसे येस कर दें। सारी जानकारी को येस करने के बाद अंत में परिवार पहचान पत्र या आधार नम्बर डालकर सब्मिट करें, उसके पश्चात प्रॉपर्टी आई.डी. स्व-प्रमाणित हो जाएगी। उन्होंने सभी शहरवासियों से अपील करते कहा कि वे प्रॉपर्टी आई.डी. को स्व-प्रमाणित करवाकर अपने डाटा को लॉक करें। ऐसा करने से कोई अन्य व्यक्ति प्रॉपर्टी आई.डी. से किसी प्रकार की छेडख़ानी नहीं कर सकता और न ही उसमें कोई तबदीली लाने के लिए आपत्ति दर्ज कर सकता है। इससे सम्बंधित प्रॉपर्टी मालिक स्वयं को सुरक्षित महसूस करेंगे। उन्होंने कहा है कि नागरिक इस कार्य के लिए नगर निगम की टीमों का सहयोग करें। यह कार्य उन्हीं की सुविधा के लिए ही किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि अगर प्रॉपर्टी आई.डी. डाटा में कोई त्रुटि हो, तो टीम के सदस्यों को बता दें कि उन्हें क्या-क्या त्रुटि दुरूस्त करवानी है, वह आपको उससे सम्बंधित दस्तावेज बता देंगे। सम्बंधित व्यक्ति उन दस्तावेजों को लेकर अटल सेवा केन्द्र (सी.एस.सी.) में जाकर ऑनलाईन आपत्ति दर्ज करवा सकते हैं। आपत्ति दर्ज होने के पश्चात नगर निगम द्वारा उस त्रुटि को दुरूस्त कर दिया जाएगा।
