कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा की अध्यक्षता में हुई महत्वपूर्ण बैठक, 23 महत्वपूर्ण मुद्दों पर लिया फैसला
कुरुक्षेत्र, 03 नवंबर।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय (केयूके) में सोमवार को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा की अध्यक्षता में कमेटी रूम में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के अंतर्गत विश्वविद्यालय के दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा केंद्र द्वारा आगामी जुलाई 2026 से नए दूरस्थ शिक्षा (ओडीएल-ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग) कार्यक्रमों की शुरुआत किए जाने का निर्णय लिया गया। बैठक में 23 महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा कर निर्णय लिया गया।इस अवसर पर कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा केंद्र की निदेशक प्रो. मजूला चौधरी तथा डॉ. कुशविन्दर कौर द्वारा सम्पादित पुस्तक का विमोचन भी किया।
बैठक में कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय सदैव विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, लचीली एवं कौशल-आधारित शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि बदलते समय और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के दौर में विश्वविद्यालय की जिम्मेदारी है कि वह अपने विद्यार्थियों को ऐसे कार्यक्रम उपलब्ध कराए जो उन्हें रोजगार के साथ-साथ आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर करें।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि विश्वविद्यालय के दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा केंद्र द्वारा जुलाई 2026 से राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप 11 नए स्नातक, प्रमाणपत्र और डिप्लोमा कार्यक्रम दूरस्थ शिक्षा मोड में शुरू करेगा। इनमें प्रमुख रूप से बी.एससी. गणित, सांख्यिकी, कम्प्यूटर साइंस, बिजनेस एनालिटिक्स तथा ज्योग्राफी इसके अतिरिक्त, स्नातक के बाद नए प्रमाणपत्र एवं डिप्लोमा कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे, जिनमें मार्केटिंग, ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट, फाइनेंस,  बिजनेस एनालिटिक्स जैसे विषय प्रमुख होंगे। साथ ही, एक वर्ष का डिप्लोमा कार्यक्रम रूरल टूरिज्म एंटरप्रेन्योरशिप भी आरंभ किया जाएगा, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन आधारित उद्यमिता को प्रोत्साहित करना और युवाओं को स्थानीय संसाधनों से आत्मनिर्भर बनाना है।
बैठक में यह भी तय किया गया कि विश्वविद्यालय अपने मौजूदा स्नातक (यूजी) कार्यक्रमों के साथ विद्यार्थियों को माइनर डिग्री प्राप्त करने का अवसर देगा। इसके अंतर्गत विद्यार्थी 24 अतिरिक्त क्रेडिट के कोर कोर्स पूरे कर सकेंगे। यह सुविधा उन्हें मुख्य डिग्री के साथ किसी अन्य विषय में विशेषज्ञता हासिल करने का अवसर प्रदान करेगी। कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि यह पहल न केवल विद्यार्थियों को बहुआयामी शिक्षा का अवसर देगी बल्कि उन्हें रोजगार, स्टार्टअप्स और उद्यमिता के नए मार्गों की ओर भी अग्रसर करेगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप विश्वविद्यालय शिक्षा प्रणाली को अधिक समावेशी, व्यावहारिक और भविष्यमुखी बना रहा है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय जुलाई 2026 से शुरू होने वाले इन नए ओडीएल कार्यक्रमों की तैयारियों को समय पर पूरा करेगा, ताकि विद्यार्थी इन नवाचार पाठ्यक्रमों का लाभ ले सकें और भविष्य की चुनौतियों का आत्मविश्वास से सामना कर सकें।
दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा केंद्र की निदेशक प्रो. मंजुला चौधरी ने इन कोर्सो के लाभ व विषयवस्तु के  बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि “केयूके का दूरस्थ शिक्षा निदेशालय शिक्षार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, किफायती और लचीला शिक्षण अनुभव प्रदान करता है। यह विशेष रूप से उन विद्यार्थियों के लिए वरदान है जो नौकरी, पारिवारिक जिम्मेदारियों या भौगोलिक परिस्थितियों के कारण नियमित पढ़ाई नहीं कर पाते। आने वाले वर्षों में हम इसे और मजबूत करेंगे।”
बैठक में डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. दिनेश कुमार, प्रो. अनिल मित्तल, प्रो. प्रदीप कुमार, प्रो. तेजेन्द्र शर्मा, प्रो. महाबीर नरवाल, निदेशक प्रो. मंजूला चौधरी, प्रो. अनिता दुआ, लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया, डॉ. मीनाक्षी, डॉ. गीतिका संधू, डॉ. कुशविन्द्र कौर आदि उपस्थित रहे। सभी ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह कदम कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के लक्ष्यों की प्राप्ति की दिशा में अग्रणी बनाएगा।
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दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा केंद्र के विद्यार्थियों के लिए खोला जाएगा शिकायत समाधान केन्द्र

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा केंद्र  में विद्यार्थियों की शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के लिए ग्रिवेंस सेल बनाने का निर्णय लिया गया तथा दूरस्थ शिक्षा से जुड़े विद्यार्थियों को अधिक सुविधाएँ उपलब्ध कराने और सेवाओं को सुलभ बनाने के लिए पूरे हरियाणा में नए लर्निंग सेंटर खोले जाएंगे। इन लर्निंग सेंटरों के माध्यम से विद्यार्थियों को अध्ययन सामग्री, शैक्षणिक मार्गदर्शन, काउंसलिंग और परीक्षा संबंधी सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी।
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दूरस्थ शिक्षा निदेशालय (डीडीई) में बढ़ रहा विद्यार्थियों का रुझान

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय (केयूके) के दूरस्थ शिक्षा निदेशालय में पिछले तीन वर्षों में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की संख्या में निरंतर वृद्धि दर्ज की गई है। सोमवार को कुलपति प्रो. (डॉ.) सोमनाथ सचदेवा की अध्यक्षता में समिति कक्ष में आयोजित बैठक में यह आंकड़ा साझा किया गया। यह वृद्धि इस बात का संकेत है कि केयूके की दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा देशभर के विद्यार्थियों के लिए विश्वसनीय, सुलभ और रोजगारोन्मुख विकल्प बनती जा रही है। 2024 में प्रवेश लेने वाले कुल विद्यार्थियों की संख्या 17,466 पहुंची, जबकि 2025 में अभी तक प्राप्त आंकड़ों से संकेत मिलता है कि यह संख्या और आगे बढ़ रही है। विशेष रूप से जुलाई 2025 में ओडीएल और ऑनलाइन मोड में छात्रों की अच्छी संख्या देखने को मिली।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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