24 से 26 अक्तूबर तक संत समागम का आयोजन, देशभर से पधारे संत
करनाल, 25 अक्तूबर () : करनाल मानव सेवा संघ में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी 24 से 26 अक्तूबर तक संत समागम का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें देश के कौने-कौने से सैकड़ों की संख्या में संत, विचारक, एवं साधक गण भाग ले रहे है। करनाल मानव सेवा संघ द्वारा सभी साधकगणों का रहने खाने व विश्राम तथा सत्संग का अति सुंदर प्रबंध किया गया है। सत्संग कार्यक्रम प्रतिदिन 9 बजे से 11:30 तक तथा दोपहर बाद 3:30 से 6:30 बजे तक करनाल मानव सेवा संघ के सत्संग हॉल में आयोजित किया जाता है। सत्संग उपरांत रात को 8 बजे साधकों तथा जिज्ञासुओं की ज्ञान पिपासा को शांत करने के लिए प्रश्नोत्तरी का आयोजन भी किया जाता है। जिसमें साधकों के प्रश्नों का तर्कपूर्ण जवाब उपस्थित संतों द्वारा दिया जाता है और उनकी ज्ञान पिपासा शांत की जाती है। इस सत्संग समारोह में मानव सेवा संघ के संस्थापक स्वामी शरणानंद जी महाराज की विचारधारा एवं मानव सेवा संघ के मूल सिद्धांतों की व्याख्या की जाती है और स्वामी शरणानंद जी मूल सिद्धांत अहम शून्य होकर मानव मात्र के कल्याण के लिए कोई और नहीं कोई गैर नहीं भावना से यथाशक्ति निकटवर्ती समाज की सेवा के सिद्धांत पर अमल करने प्रेरणा दी जाती है। तथा मानवता के कल्याण के लिए मानव सेवा संघ के ग्यारह नियमों की पालना का भी संदेश दिया जाता है। कार्यक्रम के दौरान दुलीचंद शर्मा मंच का संचालन किया। डॉ. भगतराम खण्डवाल एडवोकेट ने बताया कि करनाल मानव सेवा संघ में हर वर्ष अक्तूबर माह में मानव सेवा संघ की विचारधारा के प्रचार प्रसार के लिए स्वामी शरणानंद जी की विचारधारा पर विचार-विमर्श के लिए संत समागम का आयोजन किया जाता है। जोकि इस वर्ष 24 से 26 अक्तूबर तक आयोजित किया जा रहा है। इस तरह के समागमों से समाज को एक नई दिशा मिलती है। तथा सभी को दुखी प्राणियों की सेवा का भाव उत्पन्न होता है और एक दूसरे के प्रति सेवा और प्रेम के भाव से समाज में एकता और भाईचारे की भावना को बढ़ावा मिलता है। जोकि इन कार्यक्रमों की प्रासंगिकता को स्थापित करता है। करनाल की उदार जनता के सहयोग से आए हुए अतिथि साधकगणों की सेवा में करनाल मानव सेवा संघ पूरी तन्मयता से लगा है। ताकि बाहर से आए संत करनाल के विषय में अच्छी भावना लेकर अपने घरों को लौटें। 26 अक्तूबर को सभी साधकों को गीता स्थली कुरुक्षेत्र पवित्र आश्रमों के दर्शनों का लाभ भी उपलब्ध होगा।
इस अवसर पर करनाल मानव सेवा संघ के संचालक स्वामी प्रेम मूर्ति जी ने सभी संतों, विचारकों, एवं साधकों को निष्ठापूर्वक एवं ईमानदारी से मानव सेवा संघ के नियमों का पालन करने तथा मानव मात्र के कल्याण के लिए मानव सेवा को मुख्य मानकर यथा संभव निकटवर्ती समाज की निष्काम भाव से काम करने की प्रेरणा दी तथा साथ ही सभी उपस्थित महानुभावों को अपना आशीर्वाद दिया। इस अवसर पर मुख्य वक्ताओं के रूप में गुजरात से आए स्वामी प्रेमानंद जी, रोहतक से महामंडलेश्वर स्वामी डॉ. परमानंद जी, वृंदावन से गंगा डागा जी, चंडीगढ़ से वाईपी सिंह जी, सरदारशहर (राजस्थान)देवकीनंदन, लखनऊ से रामसेवक प्रसाद, राम जीवनदास, चम्पा बहन, बाराबंकी से राधे श्याम जेसवाल, इटावा से अर्चना तोमर, कानपुर से चंद्रमोहन प्रजापति, रागनी प्रजापति, करनाल से पदमसेन गुप्ता, जयनारायण गुप्ता, डॉ. भगतराम खण्डवाल एडवोकेट, डॉ. बालकिशन कौशिक, महेंद्र नरवाल, नरेंद्र सुखन एडवोकेट, नागेश गुप्ता सीए एवं बड़ी संख्या में अन्य साधक गण उपस्थित रहे।

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