हरियाणवी गायकी से सजी कला परिषद की शाम, रामकेश जीवनपुरिया ने मचाया धमाल
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कुरुक्षेत्र 12 अक्तूबर। हरियाणा कला परिषद द्वारा आयोजित साप्ताहिक संध्या में शनिवार को हरियाणवी लोक गायन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें हरियाणा के सुप्रसिद्ध लोकगायक रामकेश जीवनपुरिया ने अपने गीतों से माहौल को खुशनूमां बनाया। इस मौके पर पुलिस उप-अधीक्षक सुनील कुमार बतौर मुख्यअतिथि तथा पुलिस उप-अधीक्षक, (ट्रैफिक) कुरुक्षेत्र श्री रोहताश जांगड़ा विशिष्ट अतिथि के रुप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम से पूर्व हरियाणा कला परिषद के कार्यालय प्रभारी धर्मपाल गुगलानी ने पुष्पगुच्छ भेंटकर अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान श्रोताओं को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि सुनील कुमार ने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रम केवल मनोरंजन का साधन नहीं है। संगीत के माध्यम से समाज को आईना दिखाया जा सकता है। समाज में विभिन्न प्रकार की बुराइयां हैं, जो देश को खोखला करती जा रही हैं। इनमें सबसे बड़ी बुराई युवाओं में नशे की लत हैं। नशा युवा वर्ग के जीवन को खतरे में धकेल रहा है। नशा अगर जीवन में होगा तो युवाओं के साथ-साथ देश का भविष्य भी उज्जवल नहीं हो सकता। डीएसपी सुनील कुमार ने युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया। मंच का संचालन विकास शर्मा द्वारा किया गया। हट जा ताऊ पाछै नै फेम रामकेश जीवनपुरिया ने गणेश वंदना के साथ अपना कार्यक्रम प्रारम्भ किया गया। इसके बाद ये खो दिया सात जन्म कुछ कर भी नहीं पाए, ये जमाना रंग बदलता है रोज सुबह को चढ़ के सूरज शाम को ढलता है जैसे गीतों के माध्यम से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। चली जा रही है उम्र धीरे धीरे पल पल ये आठों पहर धीरे धीरे, जीवन में खुश रहना है तो झूठ का बद बाजार करो आदि गीतों के माध्यम से लोगों को प्रेरित करते हुए रामकेश ने हरियाणवी संस्कृति का परचम लहराया। वहीं हरियाणे का बखान करते हुए अपने हरियाणे ने इसा देखना चाहूं रे नफरत होजै खत्म चोगरदे प्यार देखना चाहूं रै के माध्यम से श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। जीवनपुरिया के बहुचर्चित गीत पहलै आली हवा रही ना पहलै आला पाणी शुरू करते हुए ही श्रोताओं ने भी तालियों के माध्यम से रामकेश का साथ देना शुरु कर दिया। लगभग आधे घंटे की अवधि वाले गीत में श्रोताओं ने जमकर वाहवाही की। रामकेश के साथ उनके बेटे नीरज जीवनपुरिया ने भी अपनी गायकी से लोहा मनवाते हुए लोगों के मन को छुआ।  कलाकारों में ऑर्गन पर कबीर, ढोल पर मिलन, पैड पर राजेंद्र, ढोलक पर बबलू तथा कोरस में बलराम और अमित ने सहयोग दिया। कार्यक्रम में सहयोगी के रूप में मनमोहन ने साथ दिया। अंत में अतिथियों द्वारा सभी कलाकारों को सम्मानित किया गया। इस मौके पर नरेश सागवाल, शिवकुमार किरमच, नीरज सेठी, सुलेखा आदि उपस्थित रहे।

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