घरौंडा अनाज मंडी का विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने किया दौरा, व्यवस्था का लिया जायजा, अधिकारियों को दिए निर्देश।
घरौंडा/करनाल, 3 अक्तूबर। हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष एवं घरौंडा के विधायक हरविन्द्र कल्याण ने कहा कि इस वर्ष बरसात की अधिकता के कारण किसानों पर कुदरत की मार पड़ी है, अधिकारी किसानों पर और ज्यादा मार ना पड़ने दें। समय पर खरीद सुनिश्चित की जाए, उठान के कार्य में तेजी लाएं। उन्होंने कहा कि मंडियों में धान खरीद के कार्य में अगर किसी भी अधिकारी/कर्मचारी की लापरवाही नजर आई तो कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। इस मौके पर उपायुक्त उत्तम सिंह भी मौजूद रहे।
विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने शुक्रवार को घरौंडा अनाज मंडी पहुंचकर धान खरीद व्यवस्था का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। हरविन्द्र कल्याण ने इससे पूर्व मार्केट कमेटी कार्यालय में अधिकारियों की उपस्थिति में किसानों, आढ़तियों, व्यापारियों की समस्याओं को सुना और मौके पर ही अधिकारियों को निर्देश दिए कि धान खरीद कार्य की व्यवस्था को सुचारू किया जाए क्योंकि धान का सीजन पीक पर आ चुका है और अब मंडियों में धान की आवक की भी अधिकता रहेगी। उन्होंने कहा कि पोर्टल पर वेरिफिकेशन, गेट पास जैसी समस्याएं आड़े नहीं आनी चाहिए अगर कोई तकनीकी समस्या है तो उसका शीघ्र समाधान करवाएंं। उन्होंने किसानों की मांग को स्वीकार करते हुए कहा कि मंडियों में मिलर्स की संख्या बढ़ाई जाए ताकि समय पर धान की खरीद व उठान कार्य हो सके। उन्होंने कहा कि धान का सीजन 15 से 20 दिन का है, ऐसे में आवश्यकतानुसार मंडी में स्टाफ बढ़ाया जाए ताकि किसानों, आढ़तियों, व्यापारियों को बार-बार कार्यालय के चक्कर न काटने पडें़।
हरविन्द्र कल्याण ने मीटिंग के बाद धान की ढेरी पर पहुंचकर नमी को मॉइस्चर मीटर से चेक करवाया और निर्देश दिए कि खरीद एजेंसी व व्यापारी किसानों को बेवजह परेशान न होने दें बल्कि निर्धारित मानदंडों के अनुसार धान खरीद कार्यों में तेजी लाएं। उन्होने किसान भाइयों से भी अपील की कि वे अपनी फसल सुखाकर मंडियों में लेकर आएं ताकि उन्हें फसल बेचने में दिक्कत का सामना न करना पड़े।
डिफॉल्टर मिलर्स को एक भी दाना नहीं दिया जाए: उपायुक्त
इस अवसर पर उपायुक्त उत्तम सिंह ने कहा कि मंडियों में धान की खरीद कार्य की व्यवस्थाओं को सुचारू कर दिया गया है। फिर भी किसी किसान, आढ़ती व व्यापारी को समस्या आती है, तो इसको लेकर संबंधित एसडीएम से लोकल स्तर पर उसका समाधान करवा सकते हैं। उन्होंने डीएफएससी को निर्देश दिए कि मंडियों में मिलर्स की संख्या बढ़ाई जाए और इस बात का विशेष ध्यान रखें जो मिलर्स डिफॉल्टर हैं और डिलीवरी नहीं दी है, ऐसे मिलरों को धान का एक दाना भी नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जो खरीद एजेंसी धान खरीद व धान उठान के कार्य में लापरवाही बरतती है, उनके खिलाफ कार्यवाही अमल में लाई जाए।
उन्होंने बताया कि जिला की विभिन्न मंडियों में अब तक 82 हजार 552 मीट्रिक टन धान की आवक हुई है। जिसमें से सरकारी खरीद एजेंसी खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा 56426 मीट्रिक टन तथा हैफेड द्वारा 9968 मीट्रिक टन व हरियाणा वेयर हाउसिंग द्वारा 16158 मीट्रिक टन धान खरीदा गया। मंडियों से धान उठान का कार्य सरकारी खरीद एजेंसियों को समय पर करवाने के आदेश दिए गए हंै।
इस मौके पर एसडीएम राजेश सोनी, डीएफएससी अनिल कुमार, मंडी सचिव चंद्र प्रकाश, मंडी चेयरमैन राजकुमार पालीवाल, वाइस चेयरमैन राजपाल शर्मा, नगर पालिका चेयरमैन हैप्पी लक गुप्ता, मंडी प्रधान हैप्पी पसरीचा, पूर्व प्रधान सुशील गर्ग, पूर्व उपाध्यक्ष सुरेंद्र जैन, मंडल प्रधान रोहित भंडारी, महामंत्री तरसेम राणा, जगदीश राणा सहित पार्टी के अन्य कार्यकर्ता, किसान, व्यापारी व आढ़ती मौजूद रहे।
फसल अवशेषों में आग न लगाकर किसान सही तरीके से करें प्रबंधन: डीसी
उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि जो भी किसान मंडी में आए, वह अपने क्रमानुसार ही आएं ताकि समय पर उनकी फसल की खरीद हो सके। उन्होंने कहा कि किसान खेतों में फानों में आग न लगाएं। इससे जहां प्रदूषण को बढ़ावा मिलता है, वहीं भूमि की उर्वरा शक्ति भी कम होती है। इसलिए किसानों को चाहिए कि वे फसल अवशेषों में आग न लगाकर उनका सही तरीके से प्रबंधन करें।
