फोन पर सीधे संपर्क करें सरपंच : डॉ. नरवाल
नीलोखेड़ी/करनाल, 20 सितंबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में सरकार संभालते ही “ग्रामोदय से भारतोदय” का मंत्र दिया था। इसी दृष्टि से पिछले दो दशकों में देश के ग्रामीण अंचल की तस्वीर को संवारने के निरंतर प्रयास हो रहे हैं। हरियाणा के गांव भी इस अभियान में उल्लेखनीय प्रगति कर रहे हैं। हर घर नल से जल, बेहतर बिजली आपूर्ति और स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत हुए कार्यों ने गांवों की स्थिति को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है।
यह बात हरियाणा ग्रामीण विकास विभाग के निदेशक डॉ. राहुल नरवाल ने नीलोखेड़ी स्थित हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान में आयोजित प्रदेश स्तरीय सरपंच कार्यशाला में कही। कार्यशाला की अध्यक्षता संस्थान के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने की।
डॉ. नरवाल ने स्पष्ट किया कि सरकार ग्रामीण अंचल की चुनौतियों और समस्याओं के निराकरण के लिए समुदाय की सहभागिता को सर्वोपरि मानती है।
डॉ. राहुल नरवाल ने बताया कि चयनित महाग्रामों में बहुत जल्द कचरा संग्रह और निस्तारण के लिए विशेष वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे। इन वाहनों के प्रभावी उपयोग और ठोस कचरा प्रबंधन पर कार्यशाला में सरपंचों और विभागीय अधिकारियों ने विस्तार से विचार-विमर्श किया।
डॉ राहुल नरवाल ने उपस्थित सरपंचों से कहा की वह सप्ताह में तीन दिन शुक्रवार से रविवार 5 से 7 बजे तक दूरभाष पर उनकी समस्या सुनने के लिए उपलब्ध रहेंगे।
हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि चौतरफा ग्रामीण विकास केंद्र और राज्य सरकार दोनों की प्राथमिकता है। उन्होंने सरपंचों से आग्रह किया कि अक्टूबर माह में होने वाली ग्राम सभाओं में वे अपने गांव की अगले एक वर्ष की विकास योजना ग्रामवासियों की सहमति से बारीकीपूर्वक तैयार करें।
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) से जुड़े डीपीओ दलजीत सिंह ने कचरा निस्तारण की प्रस्तावित योजना के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन सहायक प्रोफेसर संदीप भारद्वाज ने किया।
इस अवसर पर संस्थान के सहायक प्रोफेसर डॉ सुशील मेहता, कमलदीप सांगवान ,वजीर सिंह, स्वच्छ भारत मिशन शाखा चंडीगढ़ से अभिषेक शर्मा, फसी अहमद , सौरभ अरोड़ा व अन्य सदस्य मौजूद रहे। कार्यक्रम में सरपंचों ने स्वच्छता और कचरा निस्तारण के अलावा ग्राम पंचायत से जुड़ी अपनी अन्य समस्याओं को भी खुले मन से साझा किया।
