कुरुक्षेत्र, 19 सिंतबर।  उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि सीएम विंडो, एसएमजीटी, एसपीजीआरएएम, जन संवाद और समाधान शिविर से सम्बन्धित शिकायतों का समाधान अधिकारी तय समय सीमा में करे और इनसे सम्बन्धित कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग करे। उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा शुक्रवार को स्थानीय लघु सचिवालय के सभागार में सीएम विंडो, एसएमजीटी, एसपीजीआरएएम, जन संवाद और समाधान शिविर से सम्बन्धित समीक्षा बैठक में अधिकारियों को सम्बोधित कर रहे थे।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि समाधान शिविर में लोग बहुत उम्मीद के साथ आते है उनकी समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर होना चाहिए और शिविर से सम्बन्धित एटीआर भी पोर्टल पर अपलोड करे। उपायुक्त ने एक एक करके सभी विभागाध्यक्षों से उपरोक्त विषय पर जानकारी ली और कहा कि जो समस्याएं पोर्टल पर आपकी पेंडिंग है उसकी एटीआर तुरंत अपलोड करे। जिले के बारे में बोलते हुए उपायुक्त ने कहा  सीएम विंडो, एसएमजीटी, एसपीजीआरएएम, जन संवाद और समाधान शिविर से सम्बन्धित 6714 शिकायते आई है जिनमें से 4975 समस्याओं का समाधान किया जा चुका है और 1324 समस्याएं जांच उपरांत रिजैक्ट की गई है तथा 595 शिकायतें पेंडिंग है। इन 595 शिकायतों को आगामी एक सप्ताह के अंदर अंदर दूर करे। उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि हर सोमवार व वीरवार को जिला स्तर पर तथा सभी उपमंडलों में और सम्बन्धित नगरपालिकाओं में समाधान शिविर लगाया जा रहा है, उन्होंने कहा कि इन समाधान शिविर में सम्बन्धित अधिकारी खुद मौजूद रहे ताकि समस्या का समाधान मौके पर हो सके।
इससे पहले चंडीगढ़ से वीसी के माध्यम से सूचना जनसम्पर्क एवं भाषा विभाग के आयुक्त एवं सचिव अमित अग्रवाल ने सीएम विंडो, एसएमजीटी, एसपीजीआरएएम, जन संवाद और समाधान शिविर से सम्बन्धित प्रदेश भर के उपायुक्तों सहित सम्बन्धित अधिकारियों की बैठक ली तथा उन्हें आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इस अवसर पर एसडीएम शाश्वत सांगवन, एसडीएम अभिनव सिवाच, एसडीएम पंकज सेतिया, जिला परिषद सीईओ शम्भू राठी, नगराधीश आशीष कुमार सहित सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित थे।

प्राइवेट प्ले स्कूल का पंजीकरण करवाना अनिवार्य
कुरुक्षेत्र, 19 सिंतबर।   हरियाणा राज्य बाल अधिकार एवं संरक्षण आयोग के सदस्यों मीना कुमारी व  मांगे राम ने कहा कि राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग, नई दिल्ली द्वारा जारी किए गए निर्देशानुसार जिले में चल रहे प्राइवेट प्ले स्कूलों का पंजीकरण करवाना अनिवार्य है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा जारी हिदायतों के अनुसार प्रत्येक प्राइवेट प्ले स्कूल को महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत पंजीकरण करवाना अनिवार्य है। उनके द्वारा बताया गया कि प्ले स्कूल में 3-6 वर्ष तक के बच्चों को शिक्षा की सुविधा प्लेइंग मैथड से दी जाती है।
उन्होंने कहा कि प्ले स्कूलों में एक कक्षा में 20 बच्चें व उन पर एक शिक्षक को रखना अनिवार्य है। इसके साथ ही सोसायटी ट्रस्ट रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, जमीनी दस्तावेज, बिल्डिंग, फायर सेफटी, नक्शा व सी.ए. रिपोर्ट आदि होना अनिवार्य है। प्ले स्कूल के स्टाफ का कोई भी अपराधिक रिकॉर्ड न हो। बिना मान्यता वाले स्कूलों पर कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
इस अवसर पर  जिला बाल सरंक्षण अधिकारी इन्दु शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी कौशिक,  चैयरमैन बाल कल्याण समिति कृष्ण पांचाल व सदस्यगण, सभी खंड शिक्षा अधिकारी, सभी महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी तथा जिला बाल सरंक्षण कार्यालय कुरुक्षेत्र के कर्मचारी उपस्थित रहे।

किशोर न्याय अधिनियम 2015 पर आधारित सामाजिक व आर्थिक कारणों से होने वाले बाल अपराध पर पर हुआ भाषण प्रतियोगिता का आयोजन
कुरुक्षेत्र, 19 सितंबर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं सीजेएम नीतिका भारद्वाज ने कहा कि जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार मित्तल के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण व कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन व निर्देशिका प्रोफेसर सुशीला देवी चौहान के नेतृत्व में विधि संस्थान के संयुक्त तत्वाधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अंतर्गत किशोर न्याय अधिनियम 2015 पर आधारित सामाजिक व आर्थिक कारणों से होने वाले बाल अपराध पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों का शैक्षणिक विकास के साथ-साथ सर्वांगीण विकास करना व कानूनी जागरूकता लाकर आपराधिक दर को कम करना है। निर्देशिका प्रोफेसर सुशीला देवी चौहान ने कहा कि सभी भारतीय नागरिकों को मुफ्त कानूनी सेवा का अधिकार हमारा संविधान अनुच्छेद 39 ए प्रदान करता है। इस कार्यक्रम में लीगल एड के संयोजक डॉ संत लाल निर्वाण ने भाषण प्रतियोगिता की रूपरेखा व महत्व से अवगत करवाया। इसके साथ ही उन्होंने लीगल एड क्लीनिक में समय-समय पर होने वाले कार्यक्रम, सेवाओं और समाज के लिए कैसे लाभान्वित है, आदि के बारे में विस्तार पूर्वक बताया। इसके साथ ही अपने संबोधन में कानूनी सेवा प्राधिकरण अधिनियम 1987 के प्रावधानों को जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि लीगल एड का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंदों को मुफ्त में कानूनी सहायता प्रदान करना है ताकि धन के अभाव में कोई भी न्याय से वंचित न रह जाए। मुफ्त कानूनी सेवा ऑनलाइन वह ऑफलाइन भी प्राप्त की जा सकती है। जिनके वार्षिक आय तीन लाख से कम है औरतें अनुसूचित जाति से संबंधित व्यक्ति , सामूहिक आपदा, बाढ़ सुखा, भूकंप, हिंसा, औद्योगिक आपदा के शिकार व्यक्ति मुफ्त कानूनी सहायता प्राप्त करने का अधिकार रखते हैं, राष्ट्रीय राज्य व जिला स्तर पर सरकार उनको मुक्त कानूनी सहायता प्रदान करती हैं।
इस कार्यक्रम में डा. मनजिंदर गुलियानी व डा.सुमित ने निर्णायक मंडल में अहम भूमिका के साथ विद्यार्थियों को बढ़ चढक़र भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। जिसमें प्रथम रजत कुमार, द्वितीय अंश प्रीत, व तृतीय मुस्कान रहे। विधि संस्थान के विद्यार्थियों ने अपने संबोधन के माध्यम से बच्चों को बताया कि बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों को रोकने के लिए कानून व उपाय किए गए हैं। इनमें से कुछ प्रमुख उपाय यह हैं बच्चों को नैतिक शिक्षा देना, बच्चों को शारीरिक शिक्षा देना, बच्चों को खेलकूद, नाटक, वाद-विवाद और प्रतियोगिताओं में शामिल करना, बच्चों के स्वस्थ मानसिक विकास के लिए अभिभावकों और शिक्षकों की जिम्मेदारी बढ़ाना, बच्चों के अपराधी आचरण के कारणो को समझना और उन पर काम करना, बच्चों के साथ प्यार और सहानुभूति से पेश आना, बच्चों को अपराध के बारे में जागरूक करना, नशा मुक्ति आदि सुझाव प्रस्तावित किए गए।
विधि संस्थान के उपनिदेशक डा. रमेश सिरोही मूट कोर्ट में आयोजित भाषण प्रतियोगिता के सभी विजेताओं को बधाई दी और भविष्य में विधि संस्थान के उच्चतर शिखर पर विराजमान होने की मंगल कामना की। इसके साथ ही सभी निर्णायकों का आभार व्यक्त किया और विधि संस्थान के छात्रों का उत्साहवर्धन भी किया। इसके साथ संस्थान के सभी कर्मचारियों को सफल आयोजन की बधाई दी। इस अवसर पर विधि संस्थान की लीगल एड कमेटी के सदस्य डा. मोनिका, डा. कर्मदीप व शिक्षक गण  और आयोजन कमेटी सदस्य तुशाल, आशुतोष, सिया ढींगरा एवं संस्थान के विद्यार्थी उपस्थित रहे।

एचआईवी एड्स के कार्यों की समीक्षा से सम्बन्धित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बैठक आयोजित
कुरुक्षेत्र, 19 सितंबर। उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कहा कि एचआईवी एड्स के मरीजों की स्थिति को गोपनीय रखा जाए और एचआईवी एड्स के मरीजों के बच्चे की शिक्षा में कोई भेदभाव न किया जाए और मरीज के साथ सामान व्यवहार किया जाए।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा शुक्रवार को लघु सचिवालय के सभागार में एचआईवी एडस के कार्यों की समीक्षा से सम्बन्धित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एचआईवी एड्स के मरीजों के रिकॉर्ड को अपडेट रखे तथा उसकी जानकारी उपायुक्त कार्यालय में भी भेजे। उपायुक्त ने कहा कि अस्पतालों में एचआईवी एड्स से संबंधित जागरूकता कार्यक्रम चलाए तथा मरीजों को एचआईवी एड्स से संबंधित दवाइयों के बारे में विस्तार से जानकारी भी दे।
इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. सुखबीर सिंह ने बताया कि एचआईवी एड्स के मरीजों की सालाना आय 2 लाख से कम है उन्हें सरकार द्वारा हर महीने में 2250/- रुपए की आर्थिक सहायता दी जाती है और उन्हें एचआईवी टेस्ट की जाँच नजदीकी सरकारी अस्पताल में जांच व इलाज गुप्त और मुफ्त किया जाता है। एचआईवी एड्स से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए 1097 पर मरीज फोन कर सकता है।  इस मौके पर डॉ. रमेश सभरवाल डिप्टी सिविल सर्जन, जनरल मैनेजर हरियाणा रोडवेज, सभी उप सिविल सर्जन कुरुक्षेत्र, प्रधान चिकित्सा अधिकारी एलएनजेपी अस्पताल, सभी वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी लाडवा, शाहबाद, पिहोवा, बारना, झाँसा, मयाना, बबैन, पॉलीक्लिनिक सेक्टर 4, सभी चिकित्सा अधिकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिपली, खानपुर खोलिया, डीग, कलसाना, गुडा, टाटका, इस्माईलाबाद, अभिमन्यु पुर , किरमच, सयाना सायदा, रामगढ़ रोड,मोहन नगर, कृष्णा नगर गामडौ, सचिव रेडक्रॉस सोसाइटी, कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी, जिला श्रम एवं कल्याण बोर्ड, कार्यकारी अधिकारी या मुख्य कार्यकारी अधिकारी, नगर पालिका सचिव लाडवा, शाहाबाद, इस्माईलाबाद, पिहोवा, थानेसर, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला शिक्षा अधिकारी, लीड जिला मैनेजर एवं अग्रणी जिला प्रबंधक, जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी, जिला बाल संरक्षण अधिकारी, जिला बाल कल्याण अधिकारी, रोटरी क्लब अध्यक्ष, अध्यक्ष लायस क्लब के सभी अधिकारियों ने मीटिंग में आग लिया।

जिला स्तरीय विजिलेंस एवं मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक का आयोजन
कुरुक्षेत्र 19 सितंबर-  उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा की अध्यक्षता में जिला स्तरीय विजिलेंस एवं मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम, 1989 के तहत दर्ज मामलों की समीक्षा की गई।
इस मौके पर उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि इस एक्ट के अधीन अनुसूचित जाति के लोगों पर गैर अनुसूचित जाति के अत्याचारों से पीड़ित अनुसूचित जाति के व्यक्तियों को 85 हजार से 8 लाख 25 हजार रुपए तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। उन्होंने जिला कल्याण अधिकारी दीपिका से कहा कि बैठक में शामिल सभी एजेंडो से सम्बन्धित मामलों में देय राशि नियमानुसार समय पर दी जाए, इस विषय में किसी भी प्रकार की कोई लापरवाही सहन नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त शिकायतों का निपटारा निष्पक्ष व त्वरित तरीके से किया जाए ताकि पीड़ित वर्ग को समय पर न्याय मिल सके। साथ ही उन्होंने जनप्रतिनिधियों व गैर सरकारी सदस्यों से अपील की कि वे भी समाज में जागरूकता फैलाएं ताकि लोग अपने अधिकारों के प्रति सजग रह सकें और किसी प्रकार का अन्याय होने पर तुरंत शिकायत दर्ज करवा सकें।
इस मौके पर जिला कल्याण अधिकारी दीपिका ने  बैठक में शामिल 19 मामलों की जानकारी विस्तार से दी और बताया कि निर्धारित समयावधि के भीतर सभी मामलों में कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने बताया कि 23 लाख रुपए का बजट आया था जिसमें से 19 लाख रुपए की राशि दी जा चुकी है और इस समय कोई भी केस पेंडिंग नहीं है। इस अवसर पर संबंधित विभागों के अधिकारियों के अलावा सदस्यों के रूप में अमरजीत सिंह, राजकुमार, बलकार सिंह, सतीश कुमार, दलीप कुमार, मोहन लाल,शमशेर सिंह आदि उपस्थित थे।

पोषण माह के तहत आयुष ग्राम कलाल माजरा में नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाकर की 410 मरीजों के स्वास्थ्य की जांच: डॉ. मंजू शर्मा।
कुरुक्षेत्र, 19 सितंबर। जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ. मंजू शर्मा के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय आयुष मिशन के अंतर्गत स्वास्थ्य नारी सशक्त परिवार पोषण माह अभियान के तहत आयुष ग्राम कलाल माजरा में आयुष विभाग कुरुक्षेत्र द्वारा नि:शुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का शुभारम्भ विधिवत रूप से भगवान धन्वन्तरि की प्रतिमा को दीप प्रज्वलित कर एवं पुष्प प्रन्वितलित कर किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में मुख्य्मंत्री कार्यालय प्रभारी कैलाश सैनी उपस्थित रहे।
मुख्य्मंत्री कार्यालय प्रभारी कैलाश सैनी ने कहा कि महिला हर घर की आधारशिला होती है, उन्हें सामाजिक कार्यों में भी बढ़-चढक़र भाग लेना चाहिए और समाज को भी महिलाओं को आगे बढऩे के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ. मंजू शर्मा ने गर्भवती महिलाओं, शिशुओं एवं स्तनपान करवाने वाली महिलाओं को मौसमी फल, सब्जियां, गुड़, चना, दलिया के सुपाच्य एवं पौष्टिक आहार के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करते हुए बताया कि वह आयुर्वेदिक चिकित्सा का लाभ अपने नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र पर भी ले सकते हैं। कैंप के दौरान आयुष विभाग, कुरुक्षेत्र के अनुभवी विशेषज्ञों डॉ. संतोष, डॉ. राजीव बिरवाल, डॉ. मोनिका गुप्ता, डॉ. प्रगति भुटानी, डॉ. आरती एवं डॉ. शुभम होम्योपैथिक विशेषज्ञ द्वारा महिलाओं, शिशुओं व छात्र-छात्राओं की आयुर्वेद एवं होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति से स्वास्थ्य की जांच, पोषण संबंधित परामर्श दी, लगभग 410 मरीजों को चिकित्सा प्रदान की गई।
कैंप के दौरान महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के लिए डॉ मीना द्वारा योग एवं नारी स्वास्थ्य पर व्याख्यान, डॉ रेनुका द्वारा औषधीय पौधों पर व्याख्यान, डॉ एकता द्वारा रजस्वला परिचर्या विषय पर, डॉ पिंकी, डॉ भावना द्वारा भी महिलाओं के स्वास्थ्य से संबंधित विषय पर अपने विचार रखे। स्वास्थ्य शिविर में  डिम्पल रानी,  सविता,  काजल, दीपक कुमार,कमल किशोर योग सहायकों द्वारा प्रतिभागियों को योग एवं मैडिटेशन तथा प्राणायाम आदि का अभ्यास भी करवाया गया।
आयुष विभाग कुरुक्षेत्र के सभी आयुर्वेदिक व होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारी, फार्मासिस्ट, योग सहायक एवं पार्ट टाइम वर्करों द्वारा स्वास्थ्य शिविर में अपना पूरा योगदान दिया गया। इस अवसर पर डॉ मंजू शर्मा द्वारा लोगों की अधिक से अधिक इन शिविरों से स्वास्थ्य लाभ लेने बारे आवाहन किया गया है। सरिता एवं सालविया आयुर्वेदिक व होम्योपैथिक फार्मासिस्ट द्वारा नि:शुल्क औषधियाँ वितरित की गई।

आफिस स्टाफ अपनी ब्रांच को रखेगे साफ-सुथरा:राजेश
कुरुक्षेत्र, 19 सितंबर।  नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी राजेश कुमार ने कार्यालय के कर्मचारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सभी कर्मचारी अपने अपने ब्रांच को साफ सुथरा रखेंगे और फाइलें भी तय जगहों पर रखेंगे। निरीक्षण के दौरान यदि किसी ब्रांच में व्यवस्था बेहतर नहीं मिली तो ब्रांच अधिकारी स्वयं जिम्मेवार होंगे।
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी राजेश कुमार ने कहा कि सबसे पहले तो हमें सभी अपने कार्यालय व कार्यालय के कमरों को साफ करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कम से कम पेपर कार्य किया जाए, इसके स्थान पर ऑनलाइन कार्य को ज्यादा महत्व दें। कार्यालय को जीरो वेस्ट बनाने के लिए भी योगदान दें। उन्होंने कर्मचारियों से कहा कि जब भी आप अपनी ब्रांच से काम खत्म करके जाते हैं तो चैक करें कि ब्रांच की सभी लाइट, पंखे और अन्य उपकरण बंद करके जाए। इस अवसर पर सचिव अरविंद कुमार, मनोज चहल, एक्सईएन रवि ओबरॉय, एमई जयपाल शर्मा, मुख्य सफाई निरीक्षक जितेंद्र नरवाल, सफाई निरीक्षक प्रदीप कुमार के अलावा स्टाफ भी मौजूद था।

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