पानीपत। नागरिक अस्पताल में विकास नगर की प्रसूता की डिलीवरी के बाद रक्त रिसाव से मौत हो गई। स्वजन ने हंगामा किया और डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। सेक्टर 29 थाना पुलिस ने स्वजन को शांत किया। पोस्टमार्टम कराकर शव स्वजन को सौंप दिया है।
बच्चे की हालत ठीक होने पर अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया। सिविल सर्जन ने स्वास्थ्य अधीक्षक को मामले की जांच के निर्देश दिए। विकास नगर निवासी चांदनी ने बताया कि उसके भाई रमजान का दो साल पहले गुरनाज (22) के साथ निकाह हुआ था।
गुरनाज नौ माह की गर्भवती थी। वह वीरवार रात आठ बजे उसे डिलीवरी के लिए नागरिक अस्पताल में लेकर आए थे। रात 12 बजे गुरनाज की हालत बिगड़ गई। वह नर्सिंग ऑफिसर के पास गए और गुरनाज की हालत के बारे में बताया। शुक्रवार सुबह छह बजे डॉक्टर ने ग्लूकोज चढ़ाई। शुक्रवार दोपहर एक बजे उसने बेटे को जन्म दिया।
इसके बाद से ही गुरनाज के पेट में तेज दर्द था और रक्त रिसाव हो रहा था। डॉक्टर ने गुरनाज की जबरदस्ती डिलीवरी की थी। उसका सही से इलाज नहीं किया। गुरनाज ने सोमवार सुबह इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। गुरनाज के मायका पक्ष के लोगों ने ससुराल पक्ष पर उसकी देखभाल में लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं। अब पुलिस भी मामले की जांच कर रही है।
जच्चा बच्चा की मौतों की हर माह समीक्षा की जाती है। इसके लिए डॉक्टरों का एक बोर्ड गठित है। महिला की मौत के कारणों की समीक्षा की जा रही है। जांच में अगर किसी की लापरवाही सामने आई तो निश्चित तौर पर कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. विजय मलिक, जिला सिविल सर्जन
