ऑपरेशन सिंदूर ने दुनिया को आतंकवाद के खिलाफ दिया सख्त संदेशः ब्रिगेडियर अनिल कुमार मोर
कुरुक्षेत्र, 22 अगस्त।
 हाल ही में संपन्न आपरेशन सिंदूर हमारे वीर जवानों के अदम्य साहस और अद्वितीय शौर्य का जीवंत उदाहरण है जहां उन्होंने दुर्गम परिस्थितियों में असाधारण पराक्रम और अनुशासन का परिचय देते हुए राष्ट्र की सुरक्षा और सम्मान को सर्वाेपरि रखा। इस अभियान की सफलता हमारी सेना और हमारे शीर्षस्थ नेतृत्व के दृढ़ संकल्प, अटूट निष्ठा और मातृभूमि के प्रति उनके समर्पण का प्रमाण है।  ये उद्गार कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने गुरुवार को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता छात्र कल्याण द्वारा आडिटोरियम हाल में आपरेशन सिंदूर की सफलता  को समर्पितः नवागंतुक छात्र स्वागत एवं उद्यमिता प्रोत्साहन समारोह में बतौर मुख्यातिथि व्यक्त किए। इससे पहले कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा, कुलसचिव डॉ. वीरेन्द्र पाल, ब्रिगेडियर अनिल मोर, डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. दिनेश कुमार तथा छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. एआर चौधरी ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
विशिष्ट अतिथि ब्रिगेडियर अनिल कुमार मोर ने सभी नवागंतुक छात्रों को जीवन में कड़ी मेहनत व समय के सदुपयोग तथा राष्ट्र निर्माण में युवाओं को भागीदार करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर 22 अप्रैल, 2025 को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में किया गया था। जिसमें भारतीय सेना द्वारा 6-7 मई की रात को पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया गया था। भारतीय सेनाओं ने वैश्विक मंच पर अपनी ताकत दिखाकर सटीकता व संयम का परिचय दिया। आपरेशन सिंदूर ने न सिर्फ आतंकवाद पर कड़ा प्रहार किया, बल्कि दुनिया को आतंकवाद के खिलाफ सख्त संदेश भी दिया। भारत ने दुनिया  को बताया कि आतंक के खिलाफ कहीं भी, कभी भी कार्रवाई होगी। बिना किसी सैन्य ठिकाने और रिहायशी क्षेत्र को निशाना बनाए 9 आतंकी ठिकानों को नष्ट किया जिसमें से 7 ठिकानों को इंडियन आर्मी ने व 2 ठिकानों को इंडियन एयर फोर्स ने सटीक निशाना लगाकर नेस्तनाबूद किया। उन्होंने पाकिस्तान द्वारा भारत पर किए गए हमलों तथा भारत द्वारा किए गए जवाबी हमलों के बारे में विस्तार से पीपीटी के माध्यम से बताया।
इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. वीरेन्द्र पाल, डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. दिनेश कुमार, छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. एआर चौधरी, प्रो. अनिल गुप्ता, प्रो. डीएस राणा, प्रो. आनंद कुमार, प्रो. जसबीर ढांडा, प्रो. अनिल मित्तल, प्रो. सुशील शर्मा, प्रो. उषा, प्रो. कृष्णा, प्रो. अनिता दुआ, प्रो. विवेक चावला, लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया, उप-निदेशक डॉ. जिम्मी शर्मा, डॉ. अंकेश्वर प्रकाश, डीन, निदेशक, शिक्षकोें सहित विद्यार्थी मौजूद थे।

कुवि से सम्मानित उद्यमी छात्रों को देंगे स्टार्टअप व आत्मनिर्भरता के टिप्स
कुरुक्षेत्र, 22 अगस्त।
 कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में ऑडिटोरियम हॉल में ऑपरेशन सिंदूर की सफलता  को समर्पितः नवागंतुक छात्र स्वागत एवं उद्यमिता प्रोत्साहन समारोह के तहत् कुरुक्षेत्र के चार प्रतिष्ठित उद्यमियों रमेश जैन, महेश कुमार, निकुंज अग्रवाल तथा प्रवीण वधवा को विश्व उद्यमिता दिवस पर सम्मानित किया गया। सभी सम्मानित उद्यमी कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के छात्रों को स्टार्टअप व आत्मनिर्भरता के टिप्स देंगे।
कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने गुरुवार को विश्व उद्यमिता दिवस पर मेली राम यशपाल जैन के प्रोपराइटर रमेश कुमार जैन को सफल उद्यमी बनने तथा 40 लोगों को रोजगार देने के लिए सम्मानित किया। मेली राम यशपाल जैन कुरुक्षेत्र की जानी मानी दुकान है जहां हर प्रकार का राशन सहित अन्य वस्तुएं लोगों के लिए उपलब्ध होती है। वर्धमान नाम से इनकी अपनी एक कंपनी है जो धूप, अगरबत्ती, दाले, मसाले व अन्य खाद्य सामग्री का निर्माण कर रही है।
हाजरी पेलेस के उद्यमी महेश कुमार को परिधान के क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने व 20 लोगों को रोजगार देने के लिए सम्मानित किया गया। हाजरी पैलेस में बच्चों, महिलाओं व पुरुषों के हर तरह परिधान है। इन्होंने छोटी सी दुकान से अपना व्यवसाय शुरू कर सफलता को प्राप्त किया।
केयू के पूर्व छात्र, एजुट्रिप इंडिया के फांउडर व वेरा फूड प्राईवेट लिमिटेड कम्पनी के सीईओ निकुंज अग्रवाल खाद्य पदार्थ, ट्रैवल तथा शिक्षा के क्षेत्र में सफलता का शिखिर छू रहे है और एक सफल उद्यमी हैं। इनका स्कूलों का सबसे बड़ा नेटवर्क है तो विद्यार्थियों को गुणवत्तापरक शिक्षा प्रदान कर रहा है जिसका करीब एक मिलियन से ज्यादा का सालाना टर्नओवर है। इन्होंने नवाचार के साथ एमएसएमई, एफएमसीजी खाद्य प्रसंस्करण परिदृश्य को पुनर्परिभाषित किया। लाभदायक अनुसंधान एवं विकास; पायलट परियोजना का इन्होंने शुरू किया। कुरुक्षेत्र में पहली आंतरिक उत्पादन सुविधा स्थापित की तथा इन्होंने विशिष्ट उत्पादों और रोज़गार सृजन पर अपना ध्यान केंद्रित किया और आज यह सफल व्यवसायी हैं।
पे-बिंगों एंटरप्रेन्योर के प्रवीन वधवा  ने 14 वर्ष की आयु में हाकर के रूप में अपना कॅरियर शुरू किया। 2016 में इन्होंने पे-बिंगों की स्थापना की। अपनी मेहनत द्वारा किए गए कार्य के कारण आज  भारत के 24 राज्यों में 1,10,000$ पंजीकृत चैनल पार्टनर है जिसमें 8,000 से अधिक का वितरण नेटवर्क इसके संचालन की रीढ़ है। 30 से ज्यादा सेवाएँ प्रदान कर रहे हैं जिनमें घरेलू प्रेषण, एईपीएस, बिल भुगतान, माइक्रो-एटीएम, भारत-नेपाल स्थानांतरण, बीमा और मज़बूत एपीआई सेवाएँ शामिल हैं अपने नेटवर्क के माध्यम से यह हर महीने 60 लाख ग्राहकों को सेवा प्रदान कर रहे हैं। इनसे 1,10,000 से अधिक एजेंट जुड़े हैं, जो देश भर में स्वरोज़गार के अवसर पैदा कर रहे हैं।
चारों सम्मानित उद्यामियों ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के छात्रों को स्वयं का स्टार्टअप, व्ययवसाय व आत्मनिर्भरता के टिप्स सहित हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि उद्यमिता में करियर के अवसर किसी और के लिए काम करने के बजाय अपना खुद का व्यवसाय शुरू करने और चलाने की चाहत को कहते हैं। इसमें जोखिम उठाना, नवोन्मेषी होना, और व्यवसाय शुरू करने और उसे चलाने की चुनौतियों और अनिश्चितताओं का सामना करने के लिए तैयार रहना शामिल है।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि ब्रिगेडियर अनिल कुमार मोर, कुलसचिव डॉ. वीरेन्द्र पाल, डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. दिनेश कुमार, छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. एआर चौधरी मौजूद थे।

नए-नए आइडिया पर शोध कर विकसित भारत का विजन होगा पूराः प्रो. सोमनाथ सचदेवा
केयू में दो दिवसीय आनलाइन अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ
कुरुक्षेत्र, 22 अगस्त।
 आज देश के सामने कई प्रकार की चुनौतियाँ आ रही है उसके लिए इस तकनीक का इस्तेमाल कर नए-नए आइडिया पर शोध  कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 2047 के विकसित भारत का विजन पूरा होगा। इसके साथ ही हमें हमारी सोसाइटी को प्रभावित करने वाले विभिन्न कारकों का गहन अध्ययन करके संबंधित दिशा में सार्थक परिणाम मिल सकेंगे। यह विचार कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने मोबाइल रेडियो कम्युनिकेशन और 5जी नेटवर्क पर ऑनलाइन आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला के उद्घाटन अवसर पर व्यक्त किए।
प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि यदि हम सब संयुक्त प्रयास और मेहनत से मोबाइल रेडियो कम्युनिकेशन और 5जी नेटवर्क पर लगन व निष्ठा से कार्य करेंगे  तो विकसित भारत का सपना जल्द साकार होगा। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला एमआरसीएन 2025  स्वदेशी  तकनीकी क्षेत्र में अपना अहम रोल अदा करेंगी। हमारे इस विजन में जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान और जय अनुसंधान प्रमुख रूप से कार्य कर रहे हैं। अनुसंधान के अंर्तगत मोबाइल रेडियो कम्युनिकेशन इस कड़ी का प्रमुख प्रकल्प है। शोध और अनुसंधान में निरंतर रूप में कार्य समय के साथ सोसाइटी के लिए भी बहुत ज़रूरी है!
कार्यशाला के संयोजक डीन इंजीनियरिंग एवं टेक्नोलॉजी और यूआईईटी संस्थान के निदेशक प्रो. सुनील ढींगरा ने कहा कि संस्थान के पास संबंधित विषय में 315 शोध पेपर रजिस्टर्ड हुए जिसमें 45 शोध पेपर्स का चयन किया गया है जो कार्यशाला के नौ विभिन्न सत्रों में पढ़े जाएंगे। बाद में इन 45 शोध पत्रों को सिंगापुर की नेचर स्प्रिंग प्रकाशन द्वारा प्रकाशित किया जाएगा।
विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. सतीश कुमार, जीप साइंटिस्ट सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस फॉर इंटेलिजेंस सेंसर और सिस्टम सीएसआईओ चंडीगढ़, मिस एमिना इल्माज भूटान सीईओ आईआईटी इनोवेशन थिंक टैंक यूएई, डॉ. विनोद शुक्ला हैंड ऑफ़ अकादमिक स्कूल ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड आर्किटेक्चर और इन टरेर डिजाइन अमेटी यूनिवर्सिटी दुबई, डॉ. उत्कृष श्रीवास्तव मिशिगन यूनिवर्सिटी अमेरिका, डॉ. दिनेश डेनफोस ग्लोबल डेनमार्क, प्रो. दिनेश कुमार आरएमआईटी यूनिवर्सिटी ऑस्ट्रेलिया, प्रो. श्रुति जैन सोलन ने संबन्धित विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किये। सह-संयोजक डॉ. विजय गर्ग ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।

केयू के छात्र हर्ष कुमार ’नेशनल सोशल आइकॉन अवार्ड 2025 से होंगे सम्मानित
कुरुक्षेत्र, 22 अगस्त। 
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग के छात्र व राज्य राष्ट्रीय सेवा योजना अवार्डी हर्ष कुमार को नेशनल सोशल आइकॉन अवार्ड 2025 के लिए चयनित किया गया है। कल देर शाम इस अवार्ड की घोषणा हुई जिसमें 15 अवार्डी को सम्मानित किया जाएगा जो कि अपने-अपने राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगे।
एन. एस. एस. की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. निधि माथुर ने बताया कि इस अवार्ड के लिए 230 नॉमिनेशन्स आए थे जिसमे से हरियाणा से कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के छात्र हर्ष को चयनित किया गया । यह अवार्ड समारोह 29 अगस्त को राजस्थान के जयपुर में आयोजित होगा । यह पुरस्कार उन्हें समाज सेवा, पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा में समान अवसर और वंचित वर्गों के विकास हेतु किए गए उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया जा रहा है।
छात्र हर्ष कुमार ने बताया कि उन्होंने एनएसएस के माध्यम से सक्रियता दिखाते हुए कई नवोन्मेषी अभियानों का सफलतापूर्वक संचालन किया है। इनमें रक्तदान शिविर, स्वच्छता एवं वृक्षारोपण अभियान, शिक्षा सहायता कार्यक्रम तथा युवाओं में सामाजिक चेतना जागरूकता फैलाना शामिल है। उनके नेतृत्व में अनेक स्वयंसेवकों ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य-जागरूकता एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति महत्वपूर्ण कार्य किए । इस अवसर पर छात्र हर्ष ने कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा, कुलसचिव डॉ. वीरेन्द्र पाल सहित अपने परिवार, विश्वविद्यालय, एनएसएस, विभाग और यूथ सोशलग्राम का आभार जताया ।

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