पंचकूला। हरियाणा में पिछड़ा वर्ग आयोग अब और पावरफुल होगा। आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों के साथ ही स्टाफ में शामिल सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को किसी भी मुकदमे, उत्पीड़न या कानूनी कार्रवाई से सुरक्षा मिलेगी।

सामाजिक न्याय तथा अधिकारिता, अनुसूचित जातियां एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण ओर अंत्योदय मंत्री कृष्ण कुमार बेदी विधानसभा के मानसून सत्र में हरियाणा पिछड़ा वर्ग आयोग संशोधन विधेयक पेश करेंगे।

प्रदेश में पिछड़ा वर्ग के रूप में नागरिकों के किसी वर्ग को शामिल करने या निकालने के अनुरोध पर विचार कर सरकार को अपनी सिफारिश देने के लिए हरियाणा पिछड़ा वर्ग आयाेग का गठन किया गया है।

पहले दिन प्रश्नकाल में इन बड़े मुद्दों पर होगी चर्चा

आदित्य देवीलाल, इनेलो विधायक (ऐलनाबाद) : गत वर्ष राज्य में फोन काल द्वारा धमकियों एवं वसूली से संबंधित कितने मामले दर्ज हुए हैं तथा इनमें से कितने मामलों में गिरफ्तारी हुई हैं। क्या सरकार के पास काल इंटरसेप्शन या साइबर निगरानी के लिए कोई प्रभावी प्रणाली है।

कंवर सिंह, भाजपा विधायक (महेंद्रगढ़) : क्या मुख्यमंत्री बताएंगे कि वर्ष 2013–14 या उसके बाद आवासीय बोर्ड द्वारा एक्स सर्विसमैन को फ्लैट आवंटित करने के लिए संचालित योजना के तहत कितने आवेदकों को फ्लैट आवंटित नहीं हुए। इनमें से कितनों की राशि वापस नहीं की गई है और कब तक यह राशि लौटाने की संभावना है।

कुलदीप वत्स, कांग्रेस विधायक (बादली) : क्या मुख्यमंत्री बताएंगे कि विधानसभा चुनाव के लिए आदर्श आचार संहिता लगने से तुरंत पहले हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा 17 अगस्त 2024 को निकाली गई हरियाणा पुलिस में 5600 पदों की भर्ती प्रक्रिया अभी तक शुरू क्यों नहीं हुई है। भर्ती प्रक्रिया कब शुरू होगी।

उमेद सिंह, भाजपा विधायक (बाढ़ड़ा) : क्या केंद्र सरकार ने हरियाणा के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) स्वीकृत किया है। क्या इसे चरखी दादरी विशेषकर बाढ़ड़ा में बनाने का कोई प्रस्ताव है और अगर हां तो यह कब तक स्थापित किए जाने की संभावना है।

पूजा चौधरी, कांग्रेस विधायक (मुलाना) : क्या प्रदेश सरकार द्वारा राज्य की सभी सड़कों की मरम्मत जुलाई तक कराने की घोषणा की गई थी। क्या सरकार ने इस घोषणा को पूरा कर दिया है और यदि नहीं तो इसके क्या कारण हैं।

पहले दिन टेबल किए जाएंगे इन बड़े सवालों के जवाब

आदित्य देवीलाल चौटाला : पांच वर्षों के दौरान सूक्ष्म सिंचाई एवं कमान क्षेत्र विकास प्राधिकरण (मिकाडा) के अंतर्गत सरकार द्वारा स्वीकृत कार्यों की संख्या कितनी है। अब तक कितने काम पूरे हुए और इन पर कितना खर्च हुआ।

इसके अलावा राज्य में बाराबंदी प्रणाली के लिए निर्धारित पैरामीटर क्या हैं। कितने समय में इनकी समीक्षा की जाती है। सिंचित और विकसित असिंचित क्षेत्र के पानी का उपयोग किस स्थान पर तथा किस उद्देश्य के लिए किया जा रहा है।

आफताब अहमद : क्या वर्ष 2014 के बाद राज्य में बूचड़खानों को स्थापित करने की मंजूरी दी गई है। जिलावार ब्योरा क्या है। जनवरी 2015 से जनवरी 2025 तक नूंह में कितने बूचड़खानों को संचालित करने की अनुमति दी गई और किस मानदंड के आधार पर।

अर्जुन चौटाला : राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था को सुधारने के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए हैं। वर्ष 2014 से जुलाई 2025 तक हत्या, अपहरण, फिरौती के लिए अपहरण, दुष्कर्म, सामूहिक दुष्कर्म, महिलाओं के विरुद्ध अत्याचार, अनुसूचित जातियों पर अत्याचार और बच्चों पर अत्याचार के कितने मामले दर्ज हुए।

घनश्याम दास, भाजपा विधायक (यमुनानगर) : क्या स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की ब्लाक वर्ष 2020-2023 की एलटीसी का भुगतान लंबित है। कई कर्मचारियों की एलटीसी तो ब्लाक वर्ष 2016-2019 से ही लंबित है। इन कर्मचारियों का भुगतान कब तक कर दिया जाएगा।

25 को प्रश्नकाल में इन सवालों के मिलेंगे जवाब

चौधरी आफताब अहमद, कांग्रेस विधायक (नूंह) : क्या यमुना नहर से दूषित पानी गुरुग्राम नहर में प्रवाहित होता है, जिससे नूंह, पलवल, फरीदाबाद और गुरुग्राम जिले प्रभावित होते हैं। यदि हां तो अप्रैल 2023 से जून 2025 तक सरकार ने इस संबंध में क्या कदम उठाए हैं।

अशोक अरोड़ा, कांग्रेस विधायक (थानेसर) : गीता जयंती और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन के दौरान भारी यातायात को देखते हुए कुरुक्षेत्र शहर में यातायात प्रबंधन को सुधारने का कोई प्रस्ताव क्या सरकार के पास विचाराधीन है और हां तो इसका ब्योरा क्या है।

भगवान दास, भाजपा विधायक (नीलोखेड़ी) : क्या राज्य की नगर पालिकाओं, नगर परिषदों और नगर निगमों में सफाई कर्मचारियों की संख्या कार्यभार की तुलना में बहुत कम है। अगर हां तो क्या कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने का कोई प्रस्ताव है। सरकार द्वारा इस संबंध में क्या कार्रवाई की गई है।

राम कुमार कश्यप, भाजपा विधायक (इंद्री) : क्या यह सही है कि कुछ मामले जो एसएचओ या अन्य जांच अधिकारियों के पास लंबे समय तक लंबित रहते हैं, उन्हें बिना किसी कारण या निष्कर्ष के अन्य अधिकारियों को स्थानांतरित कर दिया जाता है। पिछले पांच वर्षों में करनाल में ऐसे कितने मामले स्थानांतरित किए गए और इनका ब्योरा क्या है।

लक्ष्मण सिंह यादव, भाजपा विधायक (रेवाड़ी) : क्या मसानी बैराज से रसायन युक्त पानी को निकालने का कोई प्रस्ताव सरकार के पास विचाराधीन है, जिससे जलस्तर बढ़ने के कारण 15 गांवों की भूमि को नुकसान पहुंचा है। जिन किसानों की फसल खराब हुई है, क्या उन्हें मुआवजा दिया जाएगा।

आदित्य सुरजेवाला, कांग्रेस विधायक (कैथल) : क्या वीएम इंजीनियरिंग (तथा कंसोर्टियम), जिसे करनाल- कैथल-थानेसर क्लस्टर के लिए एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन का अनुबंध दिया गया है, ने शर्तों का उल्लंघन किया है। क्या राज्य के अन्य भागों में विभाग द्वारा निर्धारित अनुबंध प्राप्त करने के लिए न्यूनतम अनुभव की आवश्यकता थी। क्या सावर्जनिक संसाधनों के उल्लंघन के मामलों में कोई जांच की गई है। कानून के उल्लंघन के मामलों में सरकार द्वारा क्या कार्रवाई की गई है।

कितने बूचडखानों को जारी हुए अनापत्ति प्रमाण पत्र

चौधरी मामन खान, कांग्रेस विधायक (फिरोजपुर झिरका) : वर्ष 2014 से अब तक नूंह जिले में कितने बूचड़खानों को अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी किए गए हैं। क्या सरकार को विभिन्न बूचड़खानाें से आने वाली दुर्गंध, मक्खियों के प्रकोप और पशुओं के साथ अमानवीय व्यवहार की ग्रामीणों द्वारा की जा रही शिकायतों की जानकारी है।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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