श्री जयराम विद्यापीठ में आयोजित अखिल भारतीय संस्कृत साहित्य सम्मेलन के कार्यक्रम में देशभर से पहुंचे विद्वान
कुरुक्षेत्र, 14 अगस्त : ब्रह्मसरोवर के तट पर स्थित श्री जयराम विद्यापीठ के गीता शोध केंद्र में श्री जयराम संस्थाओं के सहयोग से अखिल भारतीय संस्कृत साहित्य सम्मेलन के वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया। सम्मेलन में देशभर से संस्कृत भाषा के विद्वान पहुंचे। देशभर में संचालित श्री जयराम संस्थाओं के परमाध्यक्ष ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी के सान्निध्य में श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान ने कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की। सरस्वतातिथि दिल्ली विश्विद्यालय के बौद्ध अध्ययन विभाग एवं कला संकाय के अध्यक्ष प्रो. इन्द्रनारायण सिंह रहे जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता अखिल भारतीय संस्कृत साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष एवं पूर्व कुलपति प्रो. रमेश कुमार पांडेय ने की। कार्यक्रम का मंच संचालन पाणिनि संस्कृत विश्वविद्यालय उज्जैन के कुलपति प्रो. शिव शंकर मिश्र ने किया। इस अवसर पर संस्कृत भाषा में सराहनीय उपलब्धियों के लिए केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय दिल्ली के प्रो. आरजी मुरली कृष्ण, विक्रमजीत सिंह सनातन धर्म महाविद्यालय कानपुर की प्रो. शोभा मिश्रा एवं दिल्ली विश्वविद्यालय संस्कृत विभाग के डा. अरुण कुमार को सम्मानित किया गया। इस मौके पर अनेकों शोधार्थी एवं विद्वान भी मौजूद रहे।
श्री जयराम संस्थाओं के परमाध्यक्ष ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी ने अपने सम्बोधन में कहा कि श्री जयराम संस्था निरंतर संस्कृत की सेवा में लगी हुई है। संस्कृत से जीवन है तथा इसी से हमें संस्कार मिलते हैं। संस्कृत विद्वानों से मिलकर वेदों के दर्शन होते हैं। उन्होंने कहा कि श्री जयराम संस्थाओं से शिक्षा ग्रहण कर बच्चे आज देश विदेश में उच्च पदों पर हैं। श्री जयराम संस्थाएं शिक्षा ही नहीं देती है बल्कि संस्कृत भाषा से इंसान भी बनाती हैं। आज पूरे देश में जयराम संस्थाएं निरंतर सेवा कर रही है। जयराम आश्रम आध्यात्म के साथ भारतीय संस्कारों एवं संस्कृति की शिक्षा दे रहा है। ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी ने कहा कि आज भी देश के विभिन्न प्रदेशों में हजारों बच्चे जयराम संस्थाओं में संस्कृत की शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि संस्कृत भाषा से लगाव है तथा जीवन भर संस्कृत सेवा करता रहूंगा। ब्रह्मचारी कहा कि संस्था अगला कार्यक्रम जयराम आश्रम में आयोजित करे। जयराम संस्थाओं का उद्देश्य ही सेवा करना है।
श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान ने कहा कि अखिल भारतीय साहित्य सम्मेलन ने देश के प्रमुख विद्वान पहुंचे हैं। उन्होंने सराहना करते हुए कहा कि संस्कृत एवं भारतीय संस्कृति की सेवा करना व बचाना देश की ही सेवा है। उन्होंने जयराम संस्थाओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि संस्कृत की सेवा कर रहे हैं। संस्कृत के विद्वान प्रोत्साहित होंगे। इस अवसर पर श्री जयराम संस्कृत महाविद्यालय के प्राचार्य रणबीर भारद्वाज, खरैती लाल सिंगला, श्री जयराम संस्थाओं के मीडिया प्रभारी राजेश सिंगला, सतबीर कौशिक, रोहित कौशिक व आचार्य प. प्रतीक शर्मा इत्यादि भी मौजूद रहे।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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