फरीदाबाद। जिले के सेक्टर-12 स्थित एचएसपीवी ग्राउंड में गुरुवार को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में सीएम नायब सिंह सैनी और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर बतौर मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। इस दौरान खट्टर ने अपने पुरखों की आंखों देखी विभाजन विभीषिका का वर्णन किया, जिसे सुनकर सभी भावुक हो गए।

अपना घर बार छोड़कर निकले…

हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने कहा, बहुत कम लोग पहुंचे हैं, जिन्हें विभाजन विभीषिका की जानकारी है। 15 अगस्त से पहले देश के टुकड़े किए गए थे। हमारे बुजुर्ग दादी, नानी बताते थे कि किस तरह से जब देश का विभाजन हुआ तो हम अपना सब कुछ छोड़कर जान बचाते हुए अपना घर बार छोड़कर निकले थे।

‘फिर भी हमने अपना हिंदू धर्म नहीं छोड़ा’

उन्होंने आगे कहा, ‘बुजुर्गों ने यह भी कहा कि जान से भी ज्यादा प्यारी हमें अपने धर्म की रक्षा करने की चिंता थी क्योंकि धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया जा रहा था। फिर भी हमने अपना हिंदू धर्म नहीं छोड़ा।’

खट्टर ने कहा कि देश विभाजन के बाद जिन लोगों ने पीड़ा झेली, उनको उस समय की सरकार ने कभी याद नहीं किया। यह एक नरंसहार था। अपना घर-बार छोड़ने वाले विस्थापितों, जिसमें पंजाबी समाज के लोग प्रमुख थे, ऐसे लोग जहां भी बसे, वहां इन्होंने कभी हाथ नहीं फैलाया बल्कि मेहनत मजदूरी कर अपनी जिंदगी नए सिरे से शुरू की। इसलिए यह समाज पुरुषार्थी कहलाया।

पुरुषार्थी समाज के लोगों को नमन

वहीं, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि विभाजन विभीषिका इतिहास का काला अध्याय है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विभाजन विभीषिका में बलिदान देने वालों की स्मृति में प्रत्येक वर्ष स्मृति दिवस मनाने का निर्णय लिया। औद्योगिक नगरी फरीदाबाद को पुरुषार्थी समाज में अपनी मेहनत से खड़ा किया, एक नई पहचान दी। प्रदेश का यह अहम शहर है। मुख्यमंत्री ने पुरुषार्थी समाज के लोगों को नमन किया।

राष्ट्रहित और राष्ट्रधर्म हमारे लिए सर्वोपरि

सीएम ने घोषणा की कि विभाजन विभीषिका में बलिदान देने वालों की यादों को संजोए रखने के लिए स्मारक बनाया जा रहा है। जाति, धर्म, भाषा के नाम पर बांटने वालों से सावधान रहना पड़ेगा। राष्ट्रहित और राष्ट्रधर्म हमारे लिए सर्वोपरि है।

पंचनद स्मारक ट्रस्ट ने अपने पूर्वजों की याद को संजोंए रखने के लिए ठोस प्रयास किए हैं। इस ट्रस्ट ने अपने पूर्वजों की याद को संजोए रखने के लिए ठोस प्रयास किए हैं। नायब सिंह सैनी ने औद्योगिक नगरी के लिए 564 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की शुरुआत की है। इस बीच ट्रस्ट के लिए मुख्यमंत्री ने अपने ऐच्छिक कोष से 51 लाख रुपये देने की घोषणा की।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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