अम्बाला में प्रदेश के राज्यपाल आशिम घोष के ध्वजारोहण कार्यक्रम में उनके साथ रहेंगे उर्जा मंत्री अनिल विज

स्वतंत्रता दिवस पर  प्रदेश में  राज्यपाल नहीं  बल्कि मुख्यमंत्री द्वारा ध्वजारोहण का कार्यक्रम होता है राज्य स्तरीय समारोह हालांकि 12 अगस्त को जारी सरकारी  पत्र में  मुख्यमंत्री नायब सैनी द्वारा रोहतक में  ध्वजारोहण कार्यक्रम बारे में ऐसा उल्लेख नहीं

 चंडीगढ़  – आगामी  शुक्रवार   15 अगस्त  को जब देश अपनी  आज़ादी के 78 वर्ष पूर्ण  कर रहा है जो हालांकि भारत का  79 वां  स्वतंत्रता  दिवस है, के   उपलक्ष्य पर हरियाणा सरकार द्वारा 12 अगस्त   को जारी  शासकीय सर्कुलर पत्र   अनुसार प्रदेश के महामहिम  राज्यपाल प्रो. आशिम कुमार घोष  अम्बाला  जिला मुख्यालय पर अर्थात अम्बाला शहर में  जबकि मुख्यमंत्री नायब  सिंह सैनी रोहतक  जिला मुख्यालय  पर ध्वजारोहण करेंगे.

हालांकि उक्त पत्र अनुसार  प्रदेश के वरिष्ठतम कैबिनेट मंत्री अनिल विज अम्बाला जिला मुख्यालय पर  महामहिम राज्यपाल महोदय के ध्वजारोहण  कार्यक्रम में उनके साथ ही  रहेंगे. वहीं  प्रदेश सरकार के  अन्य 12 मंत्रीगण, सत्तारूढ़ भाजपा के लोकसभा एवं राज्यसभा सांसद और अन्य विभिन्न पदाधिकारी   प्रदेश के  अन्य जिला मुख्यालयों एवं उपमंडलों  पर  ध्वजारोहण करेंगे.

इसी बीच  पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट और प्रशासनिक मामलों के जानकार हेमंत कुमार ने बताया कि हरियाणा प्रदेश के इतिहास में अबकी बार  पहली बार ऐसा  होगा कि मौजूदा प्रदेश सरकार में मुख्यमंत्री के बाद  सबसे  वरिष्ठतम कैबिनेट मंत्री राज्य के  किसी जिला मुख्यालय पर स्वयं ध्वजारोहण न कर बल्कि  महामहिम राज्यपाल के साथ ही  स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में  उपस्थित रहेंगे अर्थात प्रदेश के उर्जा, परिवहन और श्रम मंत्री अनिल विज अम्बाला शहर में  राज्यपाल के  ध्वजारोहण समारोह में उनकी अगवानी और  मेजबानी  करते हुए  कार्यक्रम में उनके साथ रहेंगे. इससे पूर्व राज्यपाल में ध्वजारोहण कार्यक्रम में सम्बंधित जिले के  उपायुक्त (डी.सी.) और पुलिस अधीक्षक (एस.पी.) ही ऐसी भूमिका अदा करते रहे हैं .

बहरहाल, हेमंत  ने आगे बताया कि यह अत्यंत आश्चर्यजनक है कि बीते कई वर्षों से  हरियाणा  सरकार द्वारा प्रतिवर्ष  26 जनवरी को  गणतंत्र दिवस एवं 15 अगस्त को  स्वतंत्रता  दिवस समारोह मनाने के उपलक्ष्य पर  जारी सरकारी पत्रों  में क्रमश: राज्यपाल अर्थात प्रदेश के संवैधानिक प्रमुख  द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराने और प्रदेश के शासनाध्यक्ष अर्थात मुख्यमंत्री द्वारा ध्वजारोहण करने के आधिकारिक कार्यक्रम का औपचारिक तौर से राज्य स्तरीय समारोह के तौर पर उल्लेख नहीं  किया जाता है. इस वर्ष भी 12 अगस्त को जारी शासकीय सर्कुलर पत्र में प्रदेश स्तरीय समारोह का उल्लेख  नहीं किया गया है अर्थात  मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी  के रोहतक  जिला मुख्यालय   पर ध्वजारोहण  के समारोह को  राज्य   स्तरीय (स्टेट लेवल) समारोह  नहीं दर्शाया गया है.

पड़ोसी राज्य पंजाब में स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा फरीदकोट  जिला मुख्यालय पर ध्वजारोहण को हालांकि  पंजाब सरकार द्वारा जारी पत्र  में प्रदेश स्तरीय समारोह दर्शाया गया  गया है.

हेमंत ने  बताया   कि 15 अगस्त भारत की स्वतंत्रता दिवस के दिन राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में  देश के प्रधानमंत्री  लाल क़िले की  प्राचीर पर ध्वजारोहण करते हैं और राष्ट्र को सम्बोधित करते हैं जबकि गणतंत्र दिवस पर  भारत के  राष्ट्रपति  राजपथ पर राष्ट्रीय ध्वज फहराते  हैं और  परेड की सलामी  लेते हैं हालांकि उनका कोई सम्बोधन नहीं होता. इसका अर्थ है कि स्वतंत्रता दिवस पर देश के राजनीतिक प्रमुख / शासनाध्यक्ष अर्थात प्रधानमंत्री द्वारा ध्वजारोहण किया जाता है जबकि गणतंत्र दिवस पर संवैधानिक प्रमुख / राष्ट्राध्यक्ष अर्थात देश के महामहिम राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराने और परेड  की  सलामी की परंपरा चली आ रही है. हालांकि भारत के कुछ राज्यों, जिनमे हरियाणा और पंजाब  भी शामिल हैं, में 15 अगस्त को  स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री  के आधिकारिक समारोह के अलावा प्रदेश के राज्यपाल,  विधानसभा के अध्यक्ष/उपाध्यक्ष एवं समस्त मंत्रीगण आदि द्वारा  राज्य के सभी जिला मुख्यालयों और उपमंडलों पर  आयोजित  सरकारी समारोहों में ध्वजारोहण किया जाता है.

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