चंडीगढ़। अभी तक आपने देखा होगा कि किसी परिवार में लड़के के जन्म पर किन्नर समुदाय के लोग गाने-बजाने और बधाई मांगने जाते हैं, लेकिन हरियाणा में अब यह परंपरा बदलने जा रही है। यहां किसी भी लड़की के जन्म पर किन्नर समुदाय के लोग संबंधित परिवार के घर गाने-बजाने और बधाई देने जाया करेंगे।

इसके लिए राज्य सरकार किन्नर समुदाय के लोगों को अपने साथ जोड़ने जा रही है। ‘आपकी बेटी हमारी बेटी’ योजना के तहत एलआईसी में निवेश किए जाने वाले 21 हजार रुपये का प्रमाण पत्र भी किन्नर समुदाय के लोग बेटी के जन्म वाले परिवार के मुखिया को प्रदान करेंगे।

इस कार्य के बदले में हरियाणा सरकार की ओर से किन्नर समाज के लोगों को 1100 रुपये का शगुन प्रदान किया जाएगा। परिवार का मुखिया अपने घर बेटी होने की खुशी में स्वेच्छा से किन्नर समाज के प्रतिनिधियों को मिठाई देना चाहे तो वह उसका स्वयं का निर्णय होगा।

सीएम की मंजूरी मिलते ही हो जाएगा लागू

यह अनूठी और समावेशी पहल जिलों में मुख्य चिकित्सा अधिकारियों की देखरेख में क्रियान्वित की जाएगी। हरियाणा के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल ने किन्नरों को लड़कियों के जन्म वाले घरों में बधाई देने भेजने की योजना का प्रस्ताव तैयार किया है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मंजूरी मिलते ही इसे धरातल पर लागू कर दिया जाएगा। ‘आपकी बेटी हमारी बेटी’ योजना के तहत हरियाणा सरकार राज्य के ऐसे सभी अनुसूचित जाति और गरीबी रेखा से नीचे जीवन जीने वाले (बीपीएल) परिवारों को 21 हजार रुपये का एकमुश्त अनुदान प्रदान करती है, जिनकी पहली लड़की का जन्म 22 जनवरी 2015 को या उसके बाद हुआ है। दूसरी बेटी के जन्म पर पांच हजार रुपये का अनुदान देने का प्रविधान है। 18 वर्ष की आयु प्राप्त करने पर लड़की को एक अस्थायी राशि का भुगतान किया जाएगा।

हरियाणा में लिंग अनुपात में सुधार के लिए बनाई गई टास्फ फोर्स की बैठक में सुधीर राजपाल ने किन्नरों के सहयोग लिए जाने की जानकारी दी। उन्होंने लिंग परीक्षण और अवैध गर्भपात में शामिल आईवीएफ केंद्रों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के आदेश दिए। निर्णय लिया गया कि बेहतर निगरानी के लिए आईवीएफ के माध्यम से होने वाले सभी केस (प्रत्यारोपणों) को प्रसवपूर्व देखभाल (एएनसी) के तहत पंजीकृत किया जाना चाहिए।

बैठक में बताया गया कि राज्य का लिंग अनुपात बढ़कर एक हजार लड़कों पर 907 लड़कियां हो गया है। पिछले वर्ष इसी अवधि में राज्य का लिंग अनुपात 899 था। राजपाल ने अधिकारियों से कहा कि लिंग परीक्षण के दोषी डॉक्टरों के लाइसेंस रद किए जाएं।

हरियाणा सरकार ने सभी मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी (एमटीपी) और 12 सप्ताह से अधिक के गर्भपात के मामलों में रिवर्स ट्रैकिंग लागू की है। खासकर उन मामलों में जहां महिलाओं की पहले से एक या अधिक बेटियां हैं। इसका मतलब यह है कि जिन परिवारों में पहले से लड़कियां हैं, वे लड़कों चाह में लिंग परीक्षण और अवैध गर्भपात की तरफ भागते हैं।

इन पर निगाह रखी जाएगी तो लिंग परीक्षण और अवैध गर्भपात नहीं होंगे। अकेले जुलाई में संदिग्ध रिवर्स ट्रैकिंग मामलों में 32 एफआईआर दर्ज की गईं, जिनमें 32 गिरफ्तारियां हुई हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाले निजी अस्पतालों और क्लीनिकों को 38 नोटिस जारी किए गए हैं।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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