गुरुग्राम। नेशनल टेनिस खिलाड़ी राधिका यादव की 10 जुलाई को हुई हत्या के मामले में बड़ी जानकारी सामने आई है। गोली मारने वाले उसके पिता दीपक के अंदर इतना गुस्सा भरा था कि वह उसे जिंदा देखना नहीं चाहता था।
बताया गया कि उसने एक के बाद एक चार गोलियां मारकर उसे मौत के घाट उतार दिया था। अगर पिता तीन गोलियां मारने के बाद भी रुक जाता तो राधिका की जान बचाई जा सकती थी। राधिका की मौत उस चौथी गोली की वजह से हुई जो उसके दिल तक गई थी।
राधिका की हत्या उसके पिता ने 10 जुलाई की सुबह उस वक्त की थी जब वह घर के लोगों के लिए खाना बना रही थी। खाना बनाने के दौरान राधिका की पीठ पर पिता ने पहले दो गोलियां चलाईं, लेकिन उसे कुछ नहीं हुआ तो पिता ने तीसरी गोली पीठ से चार अंगुल ऊपर कंधे के नीचे दागी। यह गोली आगे सीने तक गई।
इसके बाद भी राधिका खड़ी रही। वह दाहिनी तरफ से पीछे मुड़ने और हाथ उठाकर यह सब रोकने की कोशिश करने लगी, लेकिन पिता को रहम नहीं आया। उसने अगले पल ही चौथी गोली दाग दी, जो कि उसकी बगल के नीचे लगते हुए दिल तक पहुंची। यही गोली उसकी मौत का कारण बनी।”
वहीं, पोस्टमार्टम करने वाले डाक्टरों का मानना है कि पिता द्वारा चलाई गई पहली दो गोलियां रीढ़ की हड्डी से टकराई थीं। इसलिए उसे कुछ नहीं होता। तीसरी गोली सीने के पास जा लगी। इसने घायल जरूर किया, लेकिन जान इससे भी नहीं जाती। जो चौथी गोली दिल तक गई, उसी कारण राधिका की मौत हुई। अगर पिता तीन गोली मारने के बाद भी रुक जाता तो राधिका की जान बचाई जा सकती थी।
राधिका ने कहा था- न जहर खाऊंगी न फांसी पर लटकूंगी, मैं जिंदगी जिऊंगी
राधिका की हत्या न तो किसी ताने की वजह हुई और न ही यह सब इतना अचानक हुआ कि किसी को समझ नहीं आया। पुलिस सूत्रों और आसपड़ोस के लोगों के अनुसार, घरवाले राधिका की शादी कराना चाहते थे, लेकिन इसके लिए वह राजी नहीं थी। इसलिए राधिका और उसके पिता के बीच कई दिनों से झगड़ा चला आ रहा था। हत्या से तीन दिन पहले दोनों के बीच एक बार फिर तेज बहस हुई थी।
