चरखी दादरी। जिले के गांव महराणा में रहने वाले एक अल्पसंख्यक समुदाय के युवक द्वारा गांव की ही एक युवती से निकाह करने का मामला गर्माता जा रहा है। इस बारे में गांव में दो बार पंचायतें हो चुकी हैं। दोनों पंचायतों में ग्रामीणों ने अल्पसंख्यक समुदाय के युवक द्वारा गांव की ही लड़की से निकाह करने को गलत बताया है।

इस मामले में पहली पंचायत गत आठ जुलाई को आयोजित की गई थी। दूसरी बार पंचायत गांव महराणा व साथ लगते दो गांवों की पंचायत रविवार को आयोजित की गई।

इन पंचायतों में निकाह करने वाले अल्पसंख्यक समुदाय के शाहिद नाम के युवक के परिवार से कोई संबंध नहीं रखने का फैसला लिया गया। इसके अलावा यह भी निर्णय लिया गया कि युवक और युवती दोनों अलग-अलग रहेंगे। इसके लिए पहले से ही प्रक्रिया चल रही है।

यहां यह भी उल्लेखनीय है कि गत तीन जुलाई को गांव महराणा निवासी 25 वर्षीय युवक शाहिद ने गांव की ही युवती प्रीति से निकाह कर लिया था। तीन दिन बाद इसकी सूचना ग्रामीणों को मिली तो उनमें रोष फैल गया था।

आमतौर पर खाप पंचायतों से जुड़े दादरी जिले में केवल गांव ही नहीं बल्कि अपने खाप के गांव में भी वैवाहिक संबंध बनाने को अनुचित माना जाता रहा है।

यहां तो मामला एक ही गांव के युवक-युवती का है। इसलिए ग्रामीणों में इस संबंध को लेकर खासा रोष दिखाई दे रहा है। दूसरी ओर मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस ने भी सुरक्षा की दृष्टि से गांव महराणा के अल्पसंख्यक समुदाय के घरों व दुकानों पर लगातार पहरा लगाया हुआ है। निकाह करने वाले युवक शाहिद के घर पर भी आठ जुलाई के बाद से पुलिस तैनात है।

इसी बीच कुछ लोग पंचायती तौर पर मामले को सुलझाने के लिए प्रधान धर्मपाल महराणा की अगुवाई में लगातार प्रयासरत हैं। रविवार को हुई तीन गांवों महराणा, पातुवास, खेड़ी सनवाल की पंचायत में इस कदर गंभीरता बरती गई कि वहां पुलिस कर्मियों, गुप्तचर विभाग, मीडिया से जुड़े लोगों को भी नहीं आने दिया गया।

बाद में धर्मपाल महराणा ने बताया कि रविवार को चार घंटे तक चली पंचायत में इस वैवाहिक संबंध की संवेदनशीलता को देखते हुए फैसला लिया गया है कि तीनों गांवों के लोग युवक शाहिद के परिवार से कोई संबंध नहीं रखेंगे। लड़का व लड़की अलग-अलग रहेंगे। इस बारे में वे पहले ही लिखकर दे चुके हैं।

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