फतेहाबाद। Haryana Crime News: ढाणी भोजराज गांव के युवक व युवती द्वारा अंतरजातीय विवाह मामले में हुए विवाद के बाद गांव के नौ लोगों को नामजद करते हुए 50 अन्य के खिलाफ पुलिस ने एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। अब इस मामले में जांच अधिकारी डीएसपी संजय बिश्नोई पर गंभीर आरोप लगे हैं।
उन्होंने मुकदमे में नामजद लोगों को फंसाने की धमकी देकर 10 लाख रुपये की अवैध वसूली की। ग्रामीण नरेश ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को दी शिकायत में बताया कि 15 फरवरी 2025 को थाना भूना में एससी-एसटी एक्ट व अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ था।
जांच अधिकारी ने इस केस की आड़ में भय का माहौल बनाकर कथित रूप से बड़ी रकम की मांग की। आरोप है कि उक्त रकम चंदा कर इकठ्ठा कर जांच अधिकारी को दी गई।
शिकायतकर्ता का कहना है कि यह मामला उनके इलाके में चर्चित हो गया था और सामाजिक संगठनों ने कई पंचायतें भी की थी। पीड़ित पक्ष के अनुसार, तत्कालीन जांच अधिकारी एंव मौजूदा डीएसपी रतिया के रीडर दर्शन सिंह ने भी फोन पर बातचीत में वसूली की पुष्टि की, इसके साक्ष्य उनके पास मौजूद है।
ग्रामीणों ने दिया सामूहिक बयान
ग्रामीण सरजीत, सत्यवान, राजेंद्र, विकास, ओमप्रकाश, रोहताश, जिले सिंह, सुरेंद्र, गोपाल, सुभाष, इंद्राज, राजेंद्र, रामकुमार, सत्पाल, सुल्तान, कृष्ण, रोहताश व मनदीप सहित 23 लोगों ने हस्ताक्षर और अंगूठा लगाकर सामूहिक बयान दिया है कि उन्होंने चंदा कर 12 लाख 60 हजार रुपये इकट्ठा किए, जिनमें से 10 लाख रुपये जांच अधिकारी को केस खत्म कराने के नाम पर दिए गए।
बातचीत के प्रमुख अंश
शिकायकर्ता: पहले पूरी बात तो सामने आने दो, पहले तो पैसे क्लीयर करें ना कि कितने पैसे गए हैं कितने आए हैं, तेरे वाली तो मैं कह दूंगा कि इसका कसूर क्या है, वो धक्के से दे के आए हैं। कह दूंगा अगला तो नाट गया, अगले ने तो उल्टे गेड़ दिए।
दर्शन: कह दे, लिए कोनि यार, धक्के से गेर गए और उसने ठा के आगे दे दिए।
शिकायतकर्ता: वैसे कितने गए आगे, दर्शन दिल की बताइए, निरनावासी झूठ ना बोलिए।
दर्शन: भाई जी, मैं बताऊं, मने जो दिए मने ठा के न्यूं के न्यूं डिप्टी साहब को दे दिए।
शिकायतकर्ता: आग्ले ने बताए तो होंगे कै दिए हैं l
दर्शन: पांच का मने बेरा है, गिने मने भी नी, मने न्यू बोले-डिप्टी साहब को देणा है।
शिकायतकर्ता: फेर वही बात आगी ना, 11 लाख बतावे बे, फेर पांच ग्या है, साढ़े पांच होगे मानले तेरे वाले समेत, फेर बीच मै तो करग्यो काम।
दर्शन: फेर वो जाणे जो बीच में था, वो जाणे अर डिप्टी जाणे, मने तो इतने का बेरा है, मने जो दिए वो मने ठा के दे दिए।
शिकायतकर्ता: तेरी तो मजबूरी है, तू तो नीचे काम करे, तू अगले न नाट भी कोनि सके, वा अफसर के आदेश वाली बात है।
