चंडीगढ़। हरियाणा में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं की राजनीतिक पदों पर एडजस्टमेंट शुरू हो गई है। पिछले कुछ दिनों में 1960 भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को सरकार और संगठन में एडजस्ट किया जा चुका है।
हालांकि, अभी बड़ी तादाद में भाजपाइयों की राजनीतिक पदों पर ताजपोशी होनी बाकी है। मुख्य रूप से बोर्ड-निगमों की चेयरमैनी को लेकर भाजपा नेताओं व पदाधिकारियों में मारामारी है।
सरकार व संगठन में एडजस्टमेंट से पहले भाजपा अपने स्थानीय नेताओं को विश्वास में ले रही है। पार्टी के सांसदों-विधायकों, लोकसभा व विधानसभा चुनाव लड़ चुके उम्मीदवारों, वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों के अलावा जिला प्रभारियों व जिलाध्यक्षों तक से विचार-विमर्श के बाद नामों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
यही वजह है कि विभिन्न पदों के चाहवान केंद्र व हरियाणा के नेताओं के अलावा स्थानीय स्तर पर प्रभावी नेताओं के यहां भी लाबीइंग करने में जुटे हैं।
बुधवार देर रात और बृहस्पतिवार सुबह शहरी स्थानीय निकाय विभाग की ओर से नगर निगमों, नगर परिषदों व नगर पालिकाओं में मनोनीत पार्षदों की लिस्ट जारी कर दी गई। आठ नगर निगमों में 24 नेताओं तथा नगर परिषदों और नगर पालिकाओं में 168 नेताओं को पार्षद मनोनीत किया है।
इससे पहले सभी 22 जिलों में भारी-भरकम शिकायत निवारण समितियां बनाई गई थी। इन समितियों में विभिन्न जिलों में 75 तक सदस्य मनोनीत किए गए हैं। भाजपा के कुल 1168 नेताओं को इन समितियों में एडजस्ट किया गया है।
नियुक्तियों के जरिये भाजपा ने जहां सभी सभी 90 विधानसभा क्षेत्रों को कवर करने की कोशिश की है, वहीं क्षेत्रीय और जातिगत समीकरण भी साधे हैं। इसी तरह भाजपा के सभी 27 जिलाध्यक्षों द्वारा हाल ही में जिला कार्यकारिणी की घोषणा की गई, जिनमें 600 से अधिक कार्यकर्ताओं को पद दिए हैं।
बोर्ड-निगमों की चेयरमैनी के लिए मारामारी
बोर्ड-निगमों की चेयरमैनी को लेकर सबसे अधिक मारामारी है। चेयरमैनी के लिए भाजपा के वरिष्ठ नेता व पदाधिकारी ही नहीं, कई पूर्व मंत्री-विधायक व मौजूदा विधायक भी दौड़ में शामिल हैं। कई बोर्ड-निगम ऐसे भी हैं, जिनके चेयरमैन का दबदबा कैबिनेट और राज्य मंत्री के बराबर माना जाता है।
