चंडीगढ़।  केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत द्वारा अपनी बेटी आरती राव के चंडीगढ़ निवास पर दक्षिण हरियाणा के 12 विधायकों को दिए गए रात्रिभोज पर सियासत रुकने का नाम नहीं ले रही है। भाजपा के 11 विधायकों के साथ नांगल चौधरी से कांग्रेस की विधायक मंजू चौधरी भी राव इंद्रजीत के रात्रिभोज का हिस्सा बनी थी।

भाजपा के 11 विधायकों में से छह विधायक मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के समक्ष अपनी स्थिति साफ कर चुके हैं, जबकि पांच विधायक विशुद्ध रूप से राव इंद्रजीत खेमे के माने जाते हैं।

राव इंद्रजीत अपनी बेटी के आवास पर रात्रिभोज के आयोजन को जहां सामान्य सद्भाव की सामाजिक प्रक्रिया का हिस्सा बता रहे हैं, वहीं शुक्रवार को नांगल चौधरी के पूर्व भाजपा विधायक डा. अभय सिंह यादव और कांग्रेस विधायक मंजू चौधरी में आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला शुरू हो गया है।

केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत की राजनीतिक कृपा से चुनाव जीती मंजू चौधरी के रात्रिभोज में शामिल होने पर डा. अभय सिंह यादव ने सवाल उठाए हैं। अभय सिंह हरियाणा की भाजपा सरकार में सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री रह चुके हैं।

उनकी गिनती राव इंद्रजीत के विरोधियों में होती है। राव नहीं चाहते थे कि नांगल चौधरी में अभय सिंह चुनाव जीतें, इसलिए मंजू चौधरी की किस्मत जाग गई। रात्रिभोज की इसी सियासत के बीच मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को गुरुग्राम में केंद्रीय चुनाव समिति की सदस्य एवं पूर्व सांसद डा. सुधा यादव से मुलाकात की।

डा. अभय यादव ने शुक्रवार को अपने फेसबुक अकाउंट पर पोस्ट किया कि नांगल चौधरी की कांग्रेस विधायक मंजू चौधरी का केवल डिनर में ही नहीं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी में भी स्वागत है। यदि मन कर रहा है तो संकोच की कोई बात नहीं है।

वह भाजपा में सादर आमंत्रित हैं। चुनाव के समय के गठबंधन का भाईचारा भी बना रहेगा और पार्टी का बंधन भी नहीं रहेगा। अभय सिंह ने इस पोस्ट के माध्यम से स्पष्ट रूप से कह दिया कि मंजू चौधरी की जीत व उनकी हार में राव इंद्रजीत ने ही अहम भूमिका निभाई है।

अभय यादव की चार लाइनों का मंजू चौधरी ने 26 लाइनों में दिया जवाब कांग्रेस विधायक मंजू चौधरी ने कुछ ही घंटों के बाद अभय सिंह यादव की चार लाइनों की पोस्ट का 26 लाइनें पोस्ट करते हुए जवाब दिया।

उन्होंने लिखा कि अभय सिंह यादव ने यदि अपने विधानसभा क्षेत्र में सही ढंग से काम किया होता, जनता के बीच रहते तो उन्हें यह दिन नहीं देखने पड़ते। चुनाव हारने के बाद दूसरों पर दोष मढने से अच्छा होता कि आत्ममंथन करते।

मंजू चौधरी ने रात्रिभोज में शामिल होने की बात स्वीकार करते हुए कहा कि राव इंद्रजीत और हमारे परिवार के बीच दशकों से संबंध हैं। राजनीति में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन व्यक्तिगत संबंध और मानवीयता बनी रहती है। इसे भी राजनीति में घसीटना आपकी मानसिक हताशा की तरफ इशारा कर रहा है।

मंजू चौधरी ने लगे हाथ अपनी पोस्ट में कांग्रेस पार्टी, राहुल गांधी और भूपेंद्र सिंह हुड्डा के प्रति अपनी राजनीतिक निष्ठा को भी स्पष्ट करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि हम राजनीति में नफरत या द्वेष नहीं, बल्कि सेवा और विकास का संकल्प लेकर आए हैं।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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