कुवि छात्रों के लिए रोजगार के नवीन अवसर पैदा होंगेः प्रो. सोमनाथ सचदेवा
बोर्ड ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग के साथ एमओयू करने वाली कुवि हरियाणा की पहली यूनिवर्सिटी
कुवि तथा बोर्ड ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग (नॉर्दर्न रीजन) के बीच हुआ समझौता
कुरुक्षेत्र, 20 जून।
 कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा की अध्यक्षता में शुक्रवार को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय तथा  बोर्ड ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग (नॉर्दर्न रीजन), कानपुर के बीच राष्ट्रीय प्रशिक्षुता प्रशिक्षण योजना (एनएटीएस) के अंतर्गत प्रशिक्षुता आधारित डिग्री कार्यक्रम (एईडीपी) के कार्यान्वयन हेतु समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए गए। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की ओर से कुलसचिव डॉ. वीरेन्द्र पाल तथा बोर्ड ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग के डिप्टी डायरेक्टर  संदीप कुमार ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने एमओयू के लिए बधाई देते हुए कहा कि बोर्ड ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग (नॉर्दर्न रीजन), कानपुर के साथ समझौता करने से कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए रोजगार के नवीन अवसर पैदा होंगे। उद्यमिता एवं रोजगार को बढ़ाना कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की प्राथमिकता है। इस समझौते का उद्देश्य स्नातक स्तर के छात्रों की रोजगार क्षमता में सुधार करना, उच्च शिक्षा संस्थानों और उद्योगों/प्रतिष्ठानों के बीच सक्रिय संपर्क को बढ़ावा देना तथा उच्च शिक्षा संस्थानों और बीओएटी (एनआर) के साथ साझेदारी में प्रशिक्षुता एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम (एईडीपी) के प्रभावी कार्यान्वयन द्वारा छात्रों के बीच कौशल अंतर को पाटना है।
कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि कुवि में प्रशिक्षण, प्रशिक्षुता एवं रोजगार केन्द्र, कुटिक, स्वरोजगार सृजन केन्द्र भी बनाए गए हैं जो विद्यार्थियों के लिए रोजगार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण कार्य कर रहे है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को कुवि ने देश में सर्वप्रथम इसके सभी प्रावधानों के साथ लागू किया है। कुवि द्वारा एनईपी 2020- के  अनुरूप इंटर्नशिप कार्यक्रम शुरू किए गए हैं जिसका उद्देश्य वास्तविक कौशल के साथ शिक्षार्थियों को सशक्त व आत्मनिर्भर बनाना है।  इस समझौते के तहत् बोर्ड ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग विद्यार्थियों को औद्योगिकी प्रशिक्षण प्रदान करेगा जिससे उनकी रोजगार क्षमता बढेगी।
प्रशिक्षुता प्रशिक्षण बोर्ड के प्रतिनिधि  संदीप कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय प्रशिक्षुता प्रशिक्षण योजना (एनएटीएस) योजना के तहत, युवाओं को अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग दी जाती है। इस समझौते के तहत् छात्रों के बीच एनएटीएस और एईडीपी कार्यक्रमों का प्रचार और जागरूकता सृजन करने में मदद मिलेगी। एनएटीएस पोर्टल प्रशिक्षुता अनुबंध प्रबंधन, प्रदर्शन प्रबंधन, मासिक वजीफा प्रबंधन मॉड्यूल और प्रशिक्षण के सफल समापन के बाद प्रमाण पत्र प्रदान करने जैसी सभी सुविधाएं प्रदान करेगा।
प्रो. जसविन्द्र सिंह ने एमओयू के उद्देश्य के बारे में प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि एनएटीएस और एईडीपी के तहत प्रशिक्षुता प्रशिक्षण को बढ़ावा देने के लिए उच्च शिक्षा संस्थानों/विश्वविद्यालयों के सहयोग से प्रतिष्ठानों/उद्योगों और उद्योग संघों के साथ कार्यशालाएं/सेमिनार/बैठकें आयोजित की जाएंगी।
इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. वीरेन्द्र पाल, डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. दिनेश कुमार, प्रो. मंजूला चौधरी, प्रो. नीलम ढांडा, प्रो. संजीव अरोड़ा, प्रो. जितेन्द्र शर्मा, प्रो. संजीव शर्मा, प्रो. प्रदीप कुमार, प्रो. राकेश कुमार, प्रो. रीटा, प्रो. महावीर नरवाल, प्रो. अनिता दुआ, कुवि प्लेसमेंट  आफिसर डॉ. महेन्द्र  सिंह, प्रो. मोहिन्दर चांद, लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया, प्रो. जसविन्द्र सिंह, प्रो. अश्विनी, प्रो. नीरज,  परीक्षा नियंत्रक डॉ. अंकेश्वर प्रकाश, सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।
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एईडीपी के अप्रेंटिसशिप घटक को लागू करने के लिए हुई सहमति

समझौते के तहत् कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय तथा बोर्ड ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग (नॉर्दर्न रीजन), कानपुर दोनों पक्ष यूजीसी के दिशानिर्देशों के अनुसार स्नातक स्तर के कार्यक्रमों बीसीए, बीकॉम प्रोफेशनल, बैचलर आफ मैनेजमेंट स्टडीज तथा बीएससी एलएलटी के छात्रों के लिए अप्रेंटिसशिप इम्बेडिड डिग्री प्रोग्राम (एईडी) के अप्रेंटिसशिप घटक को लागू करने के लिए सिद्धांत रूप से सहमत हुए।

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