चंडीगढ़। एक देश-एक चुनाव को लेकर ज्वाइंट पार्लियामेंट्री कमेटी के साथ हरियाणा के राजनीतिक दलों की बैठक में कांग्रेस ने भागीदारी नहीं की। कांग्रेस ने कहा है कि उन्हें इस बैठक के लिए आमंत्रित ही नहीं किया गया था।
विपक्षी दलों में इनेलो, आम आदमी पार्टी, स्वराज पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के प्रतिनिधि नेताओं ने ज्वाइंट पार्लियामेंट्री कमेटी को सुझाव दिया कि देश में ईवीएम से नहीं, बल्कि बैलेट पेपर से चुनाव होने चाहिए।
इनेलो ने कहा कि वह एक देश-एक चुनाव का समर्थन तभी करेगा, जब उनके सुझावों को स्वीकार किया जाएगा। जननायक जनता पार्टी ने एक देश-एक चुनाव का समर्थन किया है।
चंडीगढ़ के निकट सुखविलास रिसॉर्ट में आयोजित ज्वाइंट पार्लियामेंट्री कमेटी (जेपीसी) की बैठक में कांग्रेस की प्रतिभागिता नहीं होने से इस बैठक की उपयोगिता पर सवाल खड़े हो गए। हरियाणा कांग्रेस के मीडिया प्रभारी चांदवीर हुड्डा ने कहा कि हमें इस बैठक की कोई सूचना नहीं थी।
संसद में पेश हुए 129वें संविधान संशोधन बिल पर चर्चा करने और सुझाव लेने के लिए पूर्व केंद्रीय मंत्री पीपी चौधरी की अध्यक्षता वाली 39 सदस्यीय जेपीसी बनाई गई है। जेपीसी का काम एक देश-एक चुनाव के संदर्भ में लोकसभा में पेश बिल पर व्यापक विचार-विमर्श करना, विभिन्न पक्षकारों और विशेषज्ञों से चर्चा करना और अपनी सिफारिशें सरकार को देना है। जेपीसी में 27 सांसद 12 राज्यसभा सदस्य हैं। राज्यसभा सदस्यों में रणदीप सिंह सुरजेवाला हरियाणा से हैं।
इनेलो के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव प्रकाश भारती और प्रदेश प्रवक्ता डॉ. सतबीर सैनी ने जेपीसी के सामने कहा कि हमारी पार्टी एक देश एक चुनाव प्रणाली का सशर्त समर्थन करेगी। इसके लागू होने से पहले चुनावी प्रक्रिया में बड़े सुधार होने चाहिएं। देश और प्रदेश में चुनाव ईवीएम की बजाय बैलेट पेपर से होने चाहिए। 

ईवीएम से चुनाव करवाना बैलेट पेपर से बहुत महंगा है। मतदान होते ही उसी दिन वोटों की गिनती होनी चाहिए, क्योंकि पंचायत चुनाव में दिन के दिन नतीजे आ जाते हैं तो लोकसभा और विधानसभा चुनाव में क्यों नहीं आ सकते। 

प्रकाश भारती व सतबीर सैनी ने चुनाव से ठीक पहले सत्ताधारी पार्टी के दबाव में विपक्षी दलों के मतदाताओं के लाखों वोट काट दिए जाते हैं। इससे चुनाव प्रभावित होता है और हारी हुई सीट को जिताने का काम किया जाता है। इसलिए चुनाव से करीब एक साल पहले तक नये वोट नहीं बनने चाहिए। 

चुनाव से पहले बिना सूचना दिए किसी का भी वोट भी लिस्ट से नहीं हटाना चाहिए। देश के आम चुनाव जो छह से सात चरणों में करवाए जाते हैं, उनको दो से तीन चरणों में ही पूरा कराना जरूरी है। उन्होंने चुनाव में शिक्षकों की ड्यूटी लगाने का भी विरोध किया। इससे स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। प्रकाश भारती ने चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवारों का खर्च चुनाव आयोग अथवा सरकार द्वारा वहन किए जाने का सुझाव दिया है, ताकि गरीब व्यक्ति भी चुनाव लड़ सके।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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