तकनीकी शिक्षा महानिदेशक ने किया परिसर का निरीक्षण
नीलोखेड़ी/करनाल 6 जून। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा 2025 के राज्य बजट में की गई घोषणाओं के अनुरूप, तकनीकी शिक्षा महानिदेशक प्रभजोत सिंह ने गत दिवस राज्य इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (एसआईईटी), नीलोखेड़ी का विशेष निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने हरियाणा प्रौद्योगिकी संस्थान में इसके प्रस्तावित उन्नयन का आकलन किया।
इस मौके पर महानिदेशक तकनीकी शिक्षा ने कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, कार्यशालाओं और पुस्तकालय सुविधाओं सहित सभी मौजूदा शैक्षणिक बुनियादी ढांचे की समीक्षा की। उन्होंने प्रयोगशालाओं और कार्यशालाओं में मशीनरी और उपकरणों की परिचालन स्थिति का भी निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे पाठ्यक्रम आवश्यकताओं और तकनीकी मानकों के अनुरूप नवीनतम उद्योग-संरेखित मशीनरी और उपकरण खरीदें।
महानिदेशक प्रभजोत सिंह ने संकाय सदस्यों और छात्रों के साथ एक संवादात्मक सत्र में, उच्च शिक्षा, प्लेसमेंट और शोध के अवसरों सहित प्रमुख क्षेत्रों पर चर्चा की। उन्होंने छात्रों के लिए आईआईटी, एनआईटी और आईआईआईटी जैसे प्रमुख संस्थानों में एक्सपोजर विजिट के महत्व पर जोर दिया और इस संबंध में संस्थान के मौजूदा प्रयासों की सराहना की। महानिदेशक ने एसआईईटी के लिए उन्नत वर्कस्टेशन, कंप्यूटर और लैब उपकरणों की खरीद के संबंध में मुख्यालय द्वारा की गई पहलों पर भी हितधारकों को जानकारी दी, जो वर्तमान में डीजीएसएंडडी और हारट्रॉन के माध्यम से संसाधित की जा रही हैं। विश्व स्तरीय शैक्षिक बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डालते हुए श्री प्रभजोत सिंह ने बताया कि 1 मई, 2025 को सीडीएलएसआईईटी, पन्नीवाला मोटा (सिरसा) का इसी तरह का दौरा किया गया था, जो इस पहल के तहत अपग्रेड किया जा रहा दूसरा संस्थान है। उन्नयन रोडमैप के भाग के रूप में, एसआईईटी नीलोखेड़ी में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए एक अतिरिक्त शिक्षण ब्लॉक, एक अलग प्रशासनिक ब्लॉक और एक बहुउद्देशीय खेल हॉल का निर्माण करने का निर्णय लिया गया है, ताकि हरियाणा प्रौद्योगिकी संस्थान में इसके परिवर्तन का समर्थन किया जा सके।
बता दें कि एसआईईटी नीलोखेड़ी वर्तमान में सिविल इंजीनियरिंग, कंप्यूटर इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग और सीएसई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग) में छह बी.टेक कार्यक्रम, साथ ही रोबोटिक्स और एआई, उन्नत विनिर्माण प्रौद्योगिकी और सिविल इंजीनियरिंग में एम.टेक कार्यक्रम लागू हैं।
