ब्रह्माकुमारीज : विश्व शांति धाम कुरुक्षेत्र में नव वर्ष 2025 के अभिनंदन पर हुआ कार्यक्रम
डॉ. राजेश वधवा
कुरूक्षेत्र। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के विश्व शांति धाम कुरुक्षेत्र सेवा केंद्र में वर्ष 2024 की विदाई और नव वर्ष 2025 का स्वागत और अभिनंदन धूमधाम से किया गया। कार्यक्रम में शहर व ग्रामीण आंचल से जुड़े बहन- भाईयों ने शिरकत की। कार्यक्रम का शुभारंभ परमात्म स्मृति गीत से हुआ। सेवा केंद्र इंचार्ज राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी सरोज बहन ने कार्यक्रम में पधारे सभी बहन भाइयों का हार्दिक धन्यवाद करते हुए कहा कि नए साल का आगमन बड़े प्यार और शुभ संकल्पों से करेंगे। हम सब के साथ सर्वशक्तिमान परमपिता परमात्मा है। उन्होंने कहा कि इस ईश्वरीय विश्वविद्यालय में जो लक्ष्य प्रभु ने हम सब को दिया है, उस लक्ष्य को प्राप्त करने में हमने स्वयं की कितनी उन्नति की है, इसका निरीक्षण स्वयं करना है। मन, कर्म, वचन से स्वयं को उच्च बनाना है।
उन्होंने कहा कि 2024 में परमपिता की आज्ञा पर कितना चलें और नव वर्ष में कितना चलेंगे। जो परमात्मा की आज्ञा पर चलते हैं, परमात्मा भी उन्हीं की मदद करते हैं। नव वर्ष, नई सोच, नवयुग, नवजीवन की हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि नव वर्ष में पुरानी बातों को भूल कर सभी को क्षमा करें। क्षमा करने से दुआएं भी मिलती है। उन्होंने सभी से प्रतिज्ञा करवाते हुए कहा कि सब को दुआएं देंगे और दुआएं लेंगे। यह बात हम जब कर पाते हैं, जब परमपिता के साथ संबंध जोड़ेंगे। नन्हे मुन्ने कलाकारों ने सामूहिक नृत्य द्वारा जिंदगी को गले लगा, गम की बातें भूलने का संदेश दिया। कुमारी तन्वी ने एक्शन सॉन्ग के माध्यम से नई उमंग है, नई तरंग है और परमात्मा भी साथ है नव वर्ष की मुबारक दी।
कार्यक्रम में जिला जेल कुरुक्षेत्र के हेड वार्डन लोकेश शर्मा ने नव वर्ष का अभिनंदन करते हुए कहा कि सर्वशक्तिमान हमारे साथ है, तो जीत हमारी ही है। जिंदगी हर कदम एक नई जंग है…गीत के द्वारा उन्होंने अपने भावों को प्रकट किया। ज्ञान और योग की गहराई को समझाने के लिए निशा, गोरी, तन्वी, राजकुमार, पार्थ ने ड्रामा दिखाते हुए कहा कि श्रेष्ठ विचारों में तैरने की चाह है, तो परमपिता किनारे जरुर लगाएंगे। ज्ञान के सिमरन से मन सदा हर्षित रहता है। ज्ञान और योग की शक्ति से हम सब आत्माएं शक्तिशाली बनती है।
गीत माला कला मंच से पधारी डॉक्टर पूनम गासो ने अपनी मधुर ध्वनि में प्रभु के प्रति अपनी भावनाएं व्यक्त की। सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति के बाद राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी सरोज बहन ने कहा कि सृष्टि परिवर्तन होकर आने वाली है। परमपिता परमात्मा राजयोग की तपस्या सिखा कर काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार आदि विकारों को मारना सिखाते हैं। उन्होंने कार्यक्रम में पहुंचे नए बहन भाइयों को पुनः आने का निमंत्रण दिया। इसी के साथ गीता जयंती पर सत्य ज्ञान प्रदर्शनी में जिन बहन भाइयों ने अपना समय देकर सत्य ज्ञान देने का सहयोग दिया था, उन्हें सम्मानित किया गया। कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के जे.ई सोमवीर और सुभाष को भी गीता जयंती पर विशेष सहयोग देने के लिए सम्मानित किया गया। इस अवसर पर बीके हरबंस सिंह, करण सिंह, सतीश कत्याल, बलवंत सिंह, राजेश कुमार, कृष्ण कुमार, श्याम लाल, मुकेश कुमार, केवल कृष्ण, गुरमेल सिंह, ऋषि पाल, आदित्य, गौरव, जगदीश, रोशन लाल, रिंकू, सुभाष, संपूर्ण, पार्थ, राजमाता, विमला, निर्मल सैनी, जरनैल , सुनीता मित्तल, सुमन, शैलजा, नीलम, ज्योति, हीरा, सुदेश, माला, अंग्रेजो, निशा, सोनम, गिरिजा, रेनु, नरेश, अंजू, गोरी आदि अनेक बहन भाईयों ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई और ईश्वरीय प्रसाद पाकर स्वयं को धन्य समझा।
