पात्र व्यक्ति को मिले सरकारी योजनाओं का लाभ
 करनाल, 18 दिसंबर– करनाल के विधायक जगमोहन आनंद ने कहा कि अधिकारी व कर्मचारी आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान करें। पात्र व्यक्ति को सरकारी योजनाओं का लाभ मिले। उसे योजनाओं का लाभ लेने के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़े। अधिकारी जनहित के कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करें।
विधायक जगमोहन आनंद ने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा नगर निगम कार्यालय और लघु सचिवालय के सभागार में समाधान शिविरों का आयोजन सुबह 10 बजे से 12 बजे तक किया जा रहा है। कोई भी व्यक्ति अपनी समस्या को लेकर सीधे वहां शिकायत दे सकता है और सभी विभागों के अधिकारी वहां मौजूद रहते हैं। उन्होंने कहा कि आमजन सेक्टर-13 स्थित उनके कैंप कार्यालय पर भी अपनी शिकायतों को लेकर आ सकते हैं। उन्होंने अपील की है कि जो भी व्यक्ति अपनी शिकायत लेकर आएं, वह लिखित शिकायत को ही दे।
उन्होंने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व में निरंतर विकास कार्य किए जा रहे हैं। करनाल वासियों को आए दिन किसी न किसी विकास परियोजना की सौगात मिलती रहती है। करनाल की जनता से जुड़ी मांगों को वे हरियाणा विधानसभा में उठाते रहेंगे।

By Dr. Rajesh Wadhwa

778-779, Partap Colony, Railway Road, Near Rudra Cinema, Opp Chaat King India Row, Kurukshetra 136118 Mob. 9896352867, 9467040367

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

टीडीआई सिटी धोखाधड़ी मामला, पानीपत कोर्ट ने पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट की खारिज; दोबारा जांच के आदेशपानीपत। टीडीआइ सिटी सेक्टर-38 और 39 के निवासियों से कथित करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। पानीपत के न्यायिक दंडाधिकारी (जेएमआइसी) विकास वर्मा की अदालत ने टीडीआइ इंफ्राकॉर्प इंडिया लिमिटेड एवं अन्य के खिलाफ दर्ज एफआईआर में पुलिस द्वारा दाखिल की क्लोजर रिपोर्ट को खारिज कर दिया है। साथ ही फाइल एसपी को भेजते हुए निर्देश दिए हैं कि मामले की पुनः जांच डीएसपी स्तर के अधिकारी से कराई जाए और नई जांच रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत की जाए। यह मामला टीडीआइ सिटी निवासी विवेक कुमार की याचिका पर अदालत पहुंचा था। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें जांच में शामिल किए बिना और उनके द्वारा उपलब्ध कराए दस्तावेजों पर विचार किए बिना केस बंद कर दिया।