चुनाव में प्रशासन ने उन्हें हराने की पूरी कोशिश की जोकि जांच का विषय है, दस साल तक जो कार्यकर्ता मंत्री बनकर रहे वह गद्दारी करके दूसरी तरफ कूद गए : मंत्री अनिल विज

कैबिनेट मंत्री अनिल विज बोले, चुनाव में भ्रम फैलाया गया कि अनिल विज को टिकट नहीं मिलेगी और वह जीतेगा नहीं, उन्होंने ऐसे लोगों पर तंज कसते हुए कहा “कसाईयों के कहने से भैंसे नहीं मरा करती”

मंत्री अनिल विज ने कार्यकर्ताओं से किया आह्वान, बोले “अपने और पराए को पहचाने, नगर परिषद चुनाव की तैयारी करें”

कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने बीपीएस प्लेनेटेरियम में विधानसभा चुनाव के बाद आयोजित “भाजपा कार्यकर्ता धन्यवाद कार्यक्रम“ में बूथ, वार्ड व जोन प्रधानों को सम्मानित किया और थिरक कर कार्यकर्ताओं के साथ जीत का जश्न मनाया

चंडीगढ़/अम्बाला, 04 नवम्बर

हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन व श्रम मंत्री श्री अनिल विज कहा कि विधानसभा चुनाव में भाजपा की अम्बाला छावनी में जो शानदार जीत हुई है आज उस जीत को मनाने का दिन है। जीत मनाने के लिए बहुत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता यहां इकट्‌ठा हुए है और जुड़े हुए हैं।

श्री विज आज अम्बाला छावनी के बीपीएस प्लेनेटेरियम में विधानसभा चुनाव के उपरांत आयोजित भाजपा कार्यक्रम धन्यवाद कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मौजूद कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि यह चुनाव कई मायनों में अलग चुनाव है और सभी ने देखा होगा कि इस चुनाव में हमारे साथ कुछ लोगों ने गद्दारी करके हमें नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। ऐसे लोग दस साल मंत्री बनकर रहे और मौका आने पर कूदकर दूसरी तरफ चले गए। उन्होंने अपनी पहली मीटिंग में कह दिया था कि जिसने जाना है जाओ, बाहर मंडी लगी है, दाम भी अच्छे मिलेंगे, पर वह किसी को मनाने नहीं जाएंगे और कोई भी कार्यकर्ता किसी को मनाने नहीं जाएगा। उन्होंने कहा उनके साथ अगर दस सच्चे कार्यकर्ता रह जाएंगे तो वह चुनाव जीत जाएंगे। जिस प्रकार भट्टी में धातु पिघलाने से केवल असली सोना रह जाता है उसी प्रकार अब उनके साथ जो कार्यकर्ता हैं वह खरा सोना है जो विधानसभा चुनाव में उनके साथ डटे रहे।

श्री विज ने इस दौरान बड़े अंतर से जीत दर्ज करने वाले बूथ, वार्ड और जोन प्रधानों को सम्मानित किया जाएगा। इस दौरान हजारों की संख्या में उमड़े कार्यकर्ताओं के साथ मंत्री अनिल विज ने जीत का जश्न मनाया।

इस अवसर पर भाजपा नेता संजीव सोनी, राजीव डिम्पल, किरणपाल चौहान, संजीव सोनी, जसबीर जस्सी, कपिल विज, रामबाबू यादव, नरेंद्र राणा, श्याम सुंदर अरोड़ा, फकीरचंद सैनी, बीएस बिंद्रा, सुदर्शन सिंह सहगल, बलविंद्र सिंह, संजीव वालिया, ललता प्रसाद, मदनपाल राणा, रवि सहगल, सुरेंद्र बिंद्रा, अजय बवेजा के अलावा बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

इससे पहले कार्यक्रम में पहुंचे कैबिनेट मंत्री अनिल विज का जोरदार स्वागत कार्यकर्ताओं ने किया

मेरे स्टार प्रचारक मेरे कार्यकर्ता ही हैं : कैबिनेट मंत्री अनिल विज

श्री विज ने कहा कि इस बार आसपास की 13 विधानसभाओं में केवल अम्बाला छावनी में हम जीते हैं। इस बार चुनाव हमने अलग तरीके से लड़ा है और प्रयोग किया। उन्होंने कहा अपनी सभाओं में उन्होंने केवल अपने विकास के कार्य गिनवाए क्योंकि वह विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ रहे थे। उन्होंने कहा सभी हलको में स्टार प्रचार गए, उनपर भी दबाव बनाया गया कि यहां रैली रखो, मगर उन्होंने कहा वह अपने दम पर चुनाव लड़ेंगे। उनसे पूछा गया कि वह स्टार प्रचारक क्यों नहीं बुलाते  तो उन्होंने कहा कि उनकी स्टार प्रचारक तो उनके कार्यकर्ता ही हैं।

कैबिनेट मंत्री अनिल विज मंच से किया तंज, “कई लोगों ने भ्रम फैलाया कि मुझे टिकट नहीं मिलेगी, मगर कसाईयों के कहने से भैंसे नहीं मरा करती”

कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने कहा कि जब एग्जिट पोल आ रहे थे तब मीडिया भाजपा की हार बता रही थी। मगर वह अकेले थे जो इन एग्जिट पोल पर गलत बता रहे थे और वह कह रहे थे कि इस बार भाजपा की लहर चल रही है और चुनाव परिणामों में भाजपा ही जीतेगी और भाजपा सरकार पूर्ण बहुमत से बनेगी। एग्जिट पोल की सभी एजेंसियों के दावे चुनाव परिणाम के दिन गलत साबित हुए। उन्होंने कहा उन्हें पूरा विश्वास था कि चुनाव में वह जीतेंगे, पार्टी जीतेगी और वह मंत्री भी बनेंगे। कई लोगों ने भ्रम फैलाया कि अनिल विज को टिकट नहीं मिलेगी, फिर कहा वह जीतेगा नहीं, फिर कहने लगे की सरकार नहीं आएगी जोकि सब झूठ साबित हुआ और यहीं लोग विपक्षियों की गोद में जाकर बैठ गए। उन्होंने ऐसे लोगों पर तंज कसते हुए कहा कि “कसाईयों के कहने से भैंसे नहीं मरा करती”।

कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने कार्यकर्ताओं को नगर परिषद चुनाव के लिए तैयार होने का आह्वान किया

कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वह अपने और पराए को पहचाने। उन्होंने कहा विधानसभा चुनाव में हमें बहुत बड़ी जीत मिली है जिसकी हर जगह चर्चा है। उन्होंने कहा अब बहुत जल्द नगर परिषद के चुनाव होंगे और कार्यकर्ताओं ने अपनी-अपनी टीमें बनाकर लोगों के साथ जुड़े। उन्होंने कहा हमारा सदस्यता अभियान चल रहा है और व्हाटसऐप पर उस लिंक पर जाकर भाजपा से जुड़े। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वह अधिक से अधिक लोगों को सदस्यता दिलवाएं। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता अपनी एकता बनाकर रखें और यूपी के सीएम योगी जी जो मूलमंत्र दे रहे हैं कि “बंटेंगे तो कटेंगे” उसे बनाकर रखें। उन्होंने कहा इस चुनाव में पार्टी से कचरा बाहर हो चुका है और चुनाव में महिला कार्यकर्ताओं का बहुत योगदान रहा जोकि सराहनीय है।

ज्यादा अंतर से जीतने वाले वाले बूथ, जोन व वार्ड प्रधान सम्मानित

अम्बाला छावनी विधानसभा चुनाव से ज्यादा अंतर से जीतने वाले बूथ, वार्ड व जोन प्रधानों को मंत्री अनिल विज ने सम्मानित किया। उन्होंने वार्ड प्रधानों में पहले तीन स्थान पर रहे शील नैन, सुरेंद्र सेठी और विपिन खन्ना के अलावा अन्य को सम्मानित किया। इसी प्रकार जोन प्रधानों में जसबीर सिंह जस्सी, नरेश शर्मा, श्याम सुंदर अरोड़ा, सुरेंद्र बिंद्रा, कीर्ति शर्मा को सम्मानित किया। इसके अलावा बूथ श्रेणी में बंधु नगर से शुभम, शास्त्री कालोनी से दीपक कौशिक, प्रीत नगर प्रधान व अन्य को सम्मानित किया।

हम अपने मुख्यमंत्री का नाम बदनाम नहीं होने देंगे : कैबिनेट मंत्री अनिल विज

इस चुनाव में कई ताकते मेरे खिलाफ चुनाव में लड़ी रही। एक सज्जन आशीष तायल ने लोगों को गली-गली में जाकर चित्रा सरवारा के कैंप में ज्वाइंन कराया और इसके सारे सबूत उनके पास हैं। उसने अपनी फेसबुक के हर पेज पर नायब सैनी के साथ फोटो डाली ताकि अधिकारियों व कार्यकर्ताओं पर प्रभाव डाला जा सके। उसका मुख्यमंत्री जी के साथ क्या रिश्ता है मुझे नहीं मालूम। मगर वह इस मंच से कहना चाहता है कि उसने भाजपा के खिलाफ जो काम किया है उसे हमारे मुख्यमंत्री जी के साथ फोटो लगाने का अधिकार नहीं है। उसे तुरंत यह फोटो फेसबुक से डिलीट करनी चाहिए और हम अपने मुख्यमंत्री का नाम बदनाम नहीं होने देंगे।

चुनाव में प्रशासन ने मुझे हराने की पूरी कोशिश की : मंत्री अनिल विज

उन्होंने कहा चुनाव के दौरान उनके खिलाफ काफी खेल हुए। प्रशासन ने उन्हें हराने की पूरी कोशिश की जोकि जांच का विषय है। नगर परिषद ने हमारी मंजूर सड़कों को बनाना बंद कर दिया। इसके अलावा अन्य कार्य भी रोक लिए, प्रशासन ने यह भी कोशिश की इस चुनाव में खून-खराबा हो ताकि अनिल विज या उसका वर्कर मर जाए ताकि चुनाव को प्रभावित किया जा सके। उन्होंने गांव शाहपुर की धर्मशाला में कार्यक्रम में जाना था और चुनाव आयोग से उन्होंने इसकी इजाजत ली हुई थी। चुनाव आयोग जब इजाजत देता है तो वह पुलिस से भी एनओसी लेता है। वह उस कार्यक्रम में गए तो वहां काफी लोग उपस्थित थे, इसी बीच वहां कई लोग डंडे लेकर हॉल के अंदर आ गए और झगड़ हो गई। यदि इस झड़प में कुछ हो जाता तो गलत हो जाता। मगर उन्होंने धैर्य बनाए रखा, मगर वह पूछना चाहते हैं कि उस समय पुलिस कहा थी। उनके पास जेड सिक्योरिटी है, मगर इस घटना से एक दिन पहले उनकी आधी सिक्योरिटी वापस ले ली गई थी। उस दिन सीआईडी कहां थी, उन्हें इस प्रदर्शन के बारे क्यों नहीं पता चला।

इसी प्रकार गांव गरनाला में घटना हुई और उन्होंने डीजीपी, डीसी, एसपी, चुनाव आयोग व आरओ को कार्यक्रम में जाने से पहले बता दिया था कि उनका वहां कार्यक्रम हैं। मगर वहां भी झड़प हुई और यदि इस कार्यक्रम में किसी को कुछ हो जाता इसका जिम्मेदार कौन होता। पुलिस प्रशासन इसी कोशिश में था कि अनिल विज को हराया जाए और इनके कहने पर कुछ कार्यकर्ताओं ने बगावत की।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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