कोई भी व्यक्ति पराली में आगजनी की सूचना दे सकता है पुलिस हेल्पलाइन नं. 112 पर
कुरुक्षेत्र 10 अक्टूबर। उपायुक्त राजेश जोगपाल ने फसल अवशेष प्रबंधन पर अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगजनी की घटनाओं पर सेटेलाइट के माध्यम से सीधी निगरानी रखी जा रही है। यदि कोई किसान अपने खेतों में पराली में आग लगाता है तो तुरंत इसकी सूचना सेटेलाइट के माध्यम से अधिकारियों के पास पहुंच जाती है। जिस पर सम्बन्धित टीमें मौके पर ही पहुंच कर कार्रवाई भी अमल में ला रही है।
उपायुक्त राजेश जोगपाल ने बताया कि यदि कोई किसान अपने खेतों में पराली में आग लगाता है तो उसकी सूचना सीधे राजस्व विभाग के माध्यम से पटवारियों को भेजकर उनके फॉर्म रिकॉर्ड में रेड एंट्री दर्ज करने बारे आदेश दे दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि अब तक जिला कुरुक्षेत्र में 29 किसानों पर रुपये 72500/- जुर्माना लगाया जा चुका है तथा अब तक 11 किसानों के फार्म रिकॉर्ड में रेड एंट्री दर्ज की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि कोई भी व्यक्ति पराली में आगजनी की सूचना पुलिस हेल्पलाइन नं. 112 पर भी दे सकता है ताकि मामले में त्वरित कार्रवाई की जा सके।
उपायुक्त राजेश जोगपाल ने कहा कि पराली प्रबंधन के लिए कृषि विभाग के माध्यम से पर्याप्त मात्रा में कृषि यंत्र उपलब्ध है। उन्होंने किसानों से कहा कि वे खेतों में पड़े फसल अवशेषों को ना जलाएं ताकि पर्यावरण दूषित होने से बच सके। खेतों में फसल अवशेष जलने से भूमि की उपजाऊ शक्ति नष्ट होने के साथ-साथ भूमि जो मित्र कीट होते है वह भी खत्म हो जाते है। इतना ही नहीं फसल अवशेषों के जलने से निकलने वाले धुएं से
राजमार्गों पर होने वाली दुर्घटनाएं होती है। इसलिए किसानों फसल अवशेषों को ना जलाएं ताकि पर्यावरण प्रदूषित ना हो और बच्चों व आमजन के स्वास्थ्य पर प्रभाव ना पहुंचे। उन्होंने यह भी बताया कि किसानों को जागरूक करने एवं आगजनी की घटनाओं की मॉनिटरिंग हेतु सभी 417 गांव के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त कर दिए गए है। सभी खण्ड स्तरों पर 4 सदस्यीय अधिकारियों की टीमों का गठन कर दिया गया है, जिसमें कृषि विभाग, पुलिस, पंचायत विभाग एवं कृषि विज्ञान केन्द्र के अधिकारी शामिल किए गए हैं। सभी अधिकारी फील्ड में रहकर हर गतिविधि पर नजर रखकर कार्य भी कर रहे है।
इस मौके पर कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डा. कर्मचन्द ने कहा कि जिले में पराली प्रबंधन हेतु पर्याप्त मशीनरी उपलब्ध है। अब तक जिला के 1423 किसानों द्वारा कुल 11823 एकड़ इन सीटु व एक्स-सीटू 1000/- प्रति एकड़ पराली प्रबंधन के लिए पोर्टल पर पंजीकरण करवाया जा चुका है। किसानों को लगातार जागरूक किया जा रहा है कि पराली में बिल्कुल भी आग न लगाए। इसे इन सीटू मैनेजमेंट के माध्यम से खेतों में मिलाए और अपनी भूमि की उपजाऊ शक्ति को बढ़ाए। इसके साथ-साथ पराली की गांठे बनाकर जिला में स्थित विभिन्न फैक्ट्रियों में बेचकर लाभ भी कमा सकते है।
