कुरुक्षेत्र, 12 अगस्त। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में वाणिज्य विभाग द्वारा बुधवार को बी.कॉम. (प्रोफेशनल) एवं एम.कॉम. के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए इंडक्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
मुख्य अतिथि प्रो. मोहिंदर चंद ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि कौशल विकास, सकारात्मक सोच और कठिन परिश्रम ही विद्यार्थियों को सफलता के शिखर तक पहुंचाने का सबसे सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने उच्च शिक्षा में अनुशासन, निरंतर सीखने, मेहनत और कौशल विकास के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य निर्धारित कर पूरी निष्ठा के साथ आगे बढ़ने तथा विश्वविद्यालय में उपलब्ध अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
इससे पहले वाणिज्य विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. सुभाष चंद ने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि तथा नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत किया और विद्यार्थियों को नए शैक्षणिक सत्र के लिए शुभकामनाएं दीं। प्रो. सुभाष चंद ने विद्यार्थियों को वाणिज्य विभाग की समृद्ध शैक्षणिक परंपराओं, उद्देश्यों और उपलब्धियों से परिचित कराया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा का उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम का ज्ञान प्राप्त करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, संचार कौशल, नेतृत्व क्षमता तथा व्यावसायिक दक्षताओं का समग्र विकास करना भी है।
विशिष्ट अतिथि कुवि परीक्षा नियंत्रक डॉ. अंकेश्वर प्रकाश ने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की परीक्षा प्रणाली एवं शैक्षणिक अनुशासन के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने अध्ययन के प्रति गंभीर रहने तथा समय प्रबंधन, नियमितता और निरंतर प्रयास को अपनी शैक्षणिक यात्रा का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर वाणिज्य विभाग के प्रो. तेजेन्द्र शर्मा, प्रो. महाबीर नरवाल, प्रो. रश्मि चौधरी तथा सहायक प्रोफेसर आशीष सांगवान विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी संकाय सदस्यों ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का विभाग में स्वागत किया तथा उन्हें अपनी शैक्षणिक यात्रा को लगन, अनुशासन और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।
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कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को बी.कॉम. (प्रोफेशनल) एवं एम.कॉम. के पाठ्यक्रम, सिलेबस पैटर्न, परीक्षा प्रणाली तथा विभाग की विभिन्न गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की गई। विद्यार्थियों को रोस्ट्रम, क्विज प्रतियोगिताओं, खेल गतिविधियों, कॉमवर्स फेस्ट, औद्योगिक भ्रमण तथा अन्य शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों से भी अवगत कराया गया। इसके अतिरिक्त, इंटर्नशिप एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों के महत्व के बारे में बताया गया।
