कुरुक्षेत्र 11 अगस्त ( ) आज प्राचीन मुल्तान सभा की एक विशेष बैठक प्रधान प्रदीप झाम्ब की अध्यक्षता में होटल पर्ल मार्क में आयोजित की गई। इस बैठक में महासचिव धर्मेंद्र सचदेवा, कृष्ण लाल पुंडरी, मास्टर ओमप्रकाश, पार्षद सुधीर चुघ, सुरेश धवन, प्रेम मदान, एडवोकेट संजीव धवन, राजू झाम्ब, देवेंद्र चावला, जितेंद्र अरोडा, महेश तनेजा व अन्य गणमान्य जन उपस्थित रहे।
बैठक में मुल्तान जोत (सेसा) के आयोजन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। प्रधान प्रदीप झांब ने बताया कि ये कार्यक्रम हर वर्ष की भांति पवित्र सावन मास में आयोजित किया जाता है। इस वर्ष भी ये कार्यक्रम 16 अगस्त को सन्निहित सरोवर पर बड़े हर्षोल्लास व धूमधाम के साथ मनाया जाएगा। इस दिन चक्रवर्ती मोहल्ला में स्थित धर्मशाला से पूजा अर्चना करने के उपरांत बैंड बाजों और झांकियों के साथ दोपहर 3 बजे सन्निहित सरोवर के लिए धर्मशाला से रवाना होगी। 4 बजे सन्निहित सरोवर पर श्री कृष्ण कृपा सेवा समिति द्वारा भजन कीर्तन कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा उसके बाद सन्निहित सरोवर में ज्योत को प्रवाहित किया जाएगा। इसके बाद 51 कंजकों का पूजन किया जाएगा। फिर सभी श्रद्धालुओं को हलवा छोले का प्रसाद वितरित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सारा कार्यक्रम प्राचीन परंपरा के अनुसार आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री सुभाष सुधा मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे।
उन्होंने बताया कि रविवार 23 अगस्त को मुल्तान ज्योत चक्रवर्ती मोहल्ला धर्मशाला से हरिद्वार के रवाना होगी। 2 बसों में सवार श्रद्धालुओं को पूर्व मंत्री सुभाष सुधा हरि झंडी देकर रवाना करेंगे। प्राचीन मुल्तान सभा के प्रधान प्रदीप झांब ने बताया कि बीते 12 वर्षों से निशुल्क बसों के माध्यम से मुल्तान समाज के श्रद्धालु हरिद्वार जाकर मुल्तान ज्योत कार्यक्रम में भाग लेते हैं।
महासचिव धर्मेंद्र सचदेवा ने मीटिंग के अंदर प्रस्ताव रखा कि नई धर्मशाला के लिए जमीन देखकर लेने के लिए 11 सदस्यों को मनोनीत किया जा रहा है, जो फाइनल करेंगे कि जमीन कहां पर और किस रेट पर लेनी है।
इस अवसर पर डॉक्टर श्यामलाल आहूजा, ओम भाई, पंडित अंकित शर्मा, नंदलाल धवन, ओम प्रकाश अरोड़ा, सुभाष सुखीजा, कृष्ण सचदेवा, रविंद्र सेठी, जगदीश सचदेवा, सुनील राजपाल ,प्रेम ग्रोवर, वेद प्रकाश धवन, विनोद सहगल, अशोक सचदेवा, विकास चुघ, सुरेश मल्होत्रा, कुणाल झाम्ब, नरेश सोनी, जोगिंदर झाम्ब व अन्य प्रबुद्ध जनों के साथ आत्मीय वातावरण में जलपान किया व जन सेवा से जुड़े विभिन्न विषयों पर सार्थक चर्चा हुई।
