कुरुक्षेत्र, 10 अगस्त (): धर्मनगरी की सड़कों पर कांवड़ियों की आवाजाही बढ़ गई है। जगह-जगह कांवड़ सेवा शिविर लगाए गए हैं। इसी कड़ी में पुराने बस स्टैंड के सामने हर हर महादेव सेवा मंडल की ओर से 7वां कांवड़ सेवा शिविर लगाया गया है। शिविर में कांवड़ लेकर पहुंचने वाले शिव भक्तों के लिए 24 घंटे भोजन, प्रसाद, मेडिकल सेवा और विश्राम की व्यवस्था की गई है।
शिविर में सोमवार को गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज कांविड़ियों को आशीर्वाद देने पहुंचे। उन्होंने शिव भक्तों की सेवा में जुटे युवाओं की सराहना की। यहां पहुंचने पर गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज का शिविर के आयोजकों की ओर से भव्य स्वागत किया गया और सम्मान स्वरूप स्मृति चिह्न भेंट किया।
गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज ने आर्शी वचन में कहा कि सावन में कांवड़ यात्रा के दौरान सेवा का यह भाव धार्मिक आस्था के साथ समाज के लिए भी प्रेरणा देने वाला है। कुरुक्षेत्र के युवाओं में सेवा को लेकर चेतना जागना अच्छी बात है। युवाओं के पास ऊर्जा और क्षमता दोनों हैं। जरूरत इस बात की है कि इस ऊर्जा को इधर-उधर भटकाने या नशे जैसे गलत कामों में लगाने की बजाय किसी सार्थक काम में लगाया जाए।
उन्होंने कहा कि कांवड़ सेवा शिविर में युवा जिस तरह दिन-रात सेवा में जुटे हैं, वह दूसरे युवाओं के लिए भी प्रेरणा है। इससे युवाओं को अपनी क्षमता को सकारात्मक दिशा में लगाने का अवसर मिलता है। कुरुक्षेत्र जैसे धर्म क्षेत्र में जगह-जगह कांवड़ सेवा शिविर लगना इस आस्था को और मजबूत करता है।
उन्होंने कहा कि जब लोग अपनी सुविधा छोड़कर दूसरे लोगों की सेवा के लिए आगे आते हैं तो इससे सेवा भावना को व्यापकता मिलती है। कांवड़ियों के लिए भोजन और विश्राम की व्यवस्था करना केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज में सेवा और सहयोग की भावना को मजबूत करने का माध्यम भी है। इससे पूर्व रविवार की रात पूर्व मंत्री एवं थानेसर के विधायक अशोक अरोड़ा ने इस शिविर में भोले नाथ की संध्याकालीन आरती में हिस्सा लिया।
सेवा मंडल की ओर से शिवरात्रि की पूर्व संध्या पर जागरण का आयोजन भी किया गया। आयोजकों की ओर से रक्तदान शिविर भी लगाया, जिसमें 70 से ज्यादा रक्तदाताओं ने रक्तदान किया। आयोजकों का कहना है कि कांवड़ सेवा के साथ अन्य धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों के जरिए लोगों को सेवा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इस अवसर पर बलबीर डाबरिया, भूपेन्द्र भीम,
विवेक भारद्वाज डब्बू, वैभव गर्ग, नंद लाल यादव, सुरेंद्र सैनी बंटी अरोड़ा, साहिल, अशोक सुधा, साहिल गर्ग, शगुन, आर्य, नरेश, संजीव सीकरी, अशोक मेहता, ध्रुव, राजेंद्र चोपड़ा, चंद्र प्रकाश, उपवन, चिराग सेतिया, अभय अरोड़ा, संदीप गौड़, प्रदीप यादव सहित अन्य श्रद्धालु मौजूद रहे।
