अंबाला। एंटी टेरोरिस्ट फ्रंट इंडिया व विश्व हिन्दू तख्त के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेश शांडिल्य ने कहा कि ऐतिहासिक गुरूद्वारा श्री पंजोखरा साहिब मे जो खालिस्तानी समर्थकों ने एंटी खालिस्तानी फ्रंट के अध्यक्ष गुरू सिमरन सिंह मंड की हत्या का प्रयास किया इससे पूरे देश में यह संदेश गया कि हरियाणा खालिस्तानियों की राजधानी बन चुकी है। वीरेश शांडिल्य ने कहा कि जिस तरह सीआरपीएफ पंजाब पुलिस, हरियाणा पुलिस की मौजूदगी में खालिस्तानियों ने मंड की हत्या करने का प्रयास किया सीधे तौर पर संविधान, कानून और हरियाणा सरकार सहित मुख्यमंत्री नायब सैनी को चुनौती है क्योंकि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी के पास गृह विभाग भी है। एंटी टेरोरिस्ट फ्रंट इंडिया व विश्व हिन्दू तख्त के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेश शांडिल्य ने कहा कि इससे पहले भी 1984 में आतंकवादी जरनैल सिंह भिंडरावाला ने दरबार साहिब की आड़ में भारतीय सेना के जवानों को मौत के घाट उतारा, पंजाब के डीआईजी एएस अटवाल की दरबार साहिब में हत्या की और ढाई सौ से अधिक सेना के जवानों को जख्मी कर दरबार साहिब की पवित्रता भंग कर हिन्दू सिख भाई चारे में जहर घोला था वही इतिहास शुक्रवार को पंजोखरा साहिब में खालिस्तानियों ने वही इतिहास दोहराया है और जब हरियाणा में खालिस्तानियों का दबदबा बढ़ता जा रहा है तो पंजाब में खालिस्तानियों की ताकत कितनी बढ़ चुकी है इस बात का अंदाजा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह व हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी को लगा लेना चाहिए। वीरेश शांडिल्य ने कहा कि वह इस बारे अंबाला के एसपी को पंजोखरा साहिब में हुए घटनाक्रम की लिखित शिकायत सौंपेंगे और मांग करेंगे कि संविधान व कानून की धज्ज्यिां उड़ाने वाले खालिस्तानियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। वीरेश शांडिल्य ने स्पष्ट कहा कि भारत देश धर्म से नहीं चलता यह संविधान व कानून से चलता है और खालिस्तानियों को इस गलत फहमी में नहीं रहना चाहिए कि वह धर्म की आड़ में तलवारों को करपानो का दुरूपयोग कर किसी के ऊपर भी जानलेवा हमला कर देंगे। वीरेश शांडिल्य आज पत्रकारों से बात कर रहे थे उन्होंने हिन्दू सिख भाईचारे से आहावान किया उन्होंने हरियाणा की खाप पंचायतों से आहावान किया कि हरियाणा में खालिस्तानी की मुहिम चलाने वालों के विरूद्ध सड़कों पर उतरना होगा। वीरेश शांडिल्य ने कहा कि वह गुरशरण सिंह वंड से मुलाकात करेंगे और साथ ही देश के गृह मंत्री अमित शाह व पंजाब के राज्यपाल से मुलाकात करेंगे और मांग करेंगे कि पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, हिमाचल, उत्तराखंड में खालिस्तान की घुसपैट हो चुकी है और पंजाब की सुरक्षा खतरे में है। पंजाब में फिर आतंकवाद फैलाने की साजिश शुरू हो चुकी है इसलिए गुरशरण सिंह मंड की हत्या करने करने का जो प्रयास खालिस्तानियों ने पंजोखरा साहिब में किया इसके बाद केंद्र सरकार को पंजाब में राष्ट्रपति शासन लागू करने की घोषणा कर देनी चाहिए और पंजाब को विधानसभा चुनावों से पहले सेना व पैरामिल्ट्री फोर्स की अधीन कर देना चाहिए ताकि पंजाब में खालिस्तानी समर्थक अमृतपाल समर्थक, जरनैल सिंह भिंडरावाला समर्थक व कट्टरपंथी ताकतें आतंकवाद फैलाने में कामयाब न हो सकें।
