कुरुक्षेत्र 7 अगस्त अतिरिक्त उपायुक्त विवेक आर्य ने कहा कि किसी भी माध्यम से आई शिकायत को समय पर निपटान करने की जिम्मेदारी संबंधित विभाग के एचओडी की है। यदि शिकायत के समाधान में देरी होती है तो इसका जिम्मेदार एचओडी होगा। कुरुक्षेत्र जिला की शिकायतों को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी स्वयं रिव्यू करते हैं। ऐसे में लापरवाही बरतने वाले अधिकारी पर कार्रवाई होना भी संभावित होगा। उन्होंने सभी अधिकारियों को बैठक में स्वयं उपस्थित होने और शिकायतों के निपटान पर समय रहते निपटाने करने के निर्देश दिए।
अतिरिक्त उपायुक्त विवेक आर्य शुक्रवार को लघु सचिवालय के सभागार में आयोजित विभिन्न माध्यमों से प्राप्त शिकायतों के समाधान की समीक्षा बैठक में बोल रहे थे। बैठक में उन्होंने सीएम विंडो, समाधान शिविर, जनसंवाद पोर्टल, सीपीग्राम पोर्टल और एसएमजीटी पोर्टल पर आने वाली शिकायतों की समीक्षा की। पेंडिंग शिकायतों से संबंधित विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए। इस मौके पर नगराधीश आशीष कुमार भी मौजूद रहे। अतिरिक्त उपायुक्त विवेक आर्य ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देश पर प्रत्येक सोमवार व वीरवार को जिला स्तर व उपमंडल स्तर पर समाधान शिविरों का आयोजन किया जाता है। इनमें सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहते हैं। जिला में अभी तक समाधान शिविरों में 8496 शिकायतें प्राप्त हुई है। इनमें से 5494 शिकायतों का निपटारा किया गया है, 2584 शिकायतें रिजेक्ट की गई हैं, 293 शिकायतें पेंडिंग और 98 शिकायतें रि-ओपन की गई है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा जिला के अलग-अलग स्थानों पर जन संवाद कार्यक्रमों का आयोजन करके नागरिकों की शिकायतों व समस्याओं को सुना जाता है। इसके अलावा मुख्यमंत्री आवास पर चंडीगढ़ जाकर नागरिकों द्वारा जा शिकायतें दी जाती है, उन्हें जन संवाद पोर्टल के माध्यम से हल किया जाता है। उन्होंने कहा कि जन संवाद पोर्टल पर अब तक कुल 553 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इन शिकायतों में से 166 शिकायतों का समाधान किया जा चुका है, 144 शिकायतों पर कार्रवाई चल रही है, 24 शिकायतों की एटीआर भेजी जा चुकी है और 102 शिकायतें ओवरडयू हैं। अतिरिक्त उपायुक्त विवेक आर्य ने कहा कि सीएम विंडो पर अभी तक 12334 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इनमें से 12074 शिकायतों को समाधान किया जा चुका है, जबकि 188 शिकायतों पर कार्रवाई चल रही है, 63 की एटीआर भेजी गई है और 135 शिकायतें ओवरडयू हैं। अभी भी स्कॉर में जिला अन्य जिलों से काफी पीछे है। सीएम विंडो पर आने वाली शिकायतों का अधिक से अधिक समाधान करके स्कॉर को सुधार किया जाना है।
