कुरुक्षेत्र 30 जुलाई हरियाणा के एचएसएएमबी के चेयरमैन वेदपाल एडवोकेट ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए एक पेड़ मां के नाम अभियान ने पूरे देश में पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप दिया है। जलवायु परिवर्तन आज पूरी दुनिया के सामने गंभीर चुनौती बन चुका है। बढ़ता तापमान, असमय वर्षा, भूजल स्तर में गिरावट और प्रदूषण जैसी समस्याओं का समाधान केवल सरकारी योजनाओं से नहीं, बल्कि जनभागीदारी से संभव है। इसलिए सभी को पौधारोपण जैसे कार्यक्रमों में भाग लेने के साथ-साथ पौधे रोपित करके उनकी रक्षा भी करनी होगी।
चेयरमैन वेदपाल एडवोकेट वीरवार को राजकीय बहुतकनीकी संस्थान उमरी के परिसर में आयोजित 77 वें जिला स्तरीय वन महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। इससे पहले एचएसएएमबी के चेयरमैन वेदपाल एडवोकेट, पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा, चेयरमैन सुभाष कलसाना, चेयरमैन गुरनाम सैनी, जिप चेयरमैन कंवलजीत कौर, नप चेयरमैन माफी ढांडा, भाजपा के जिलाध्यक्ष रमेश सैनी, जिप उपाध्यक्ष डीपी चौधरी, उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा, भाजपा के वरिष्ठ नेता जयभगवान शर्मा, राजकीय बहुतकनीकी संस्थान उमरी के कार्यकारी प्रिंसिपल कमल सचदेवा ने एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधारोपण कर वन महोत्सव का विधिवत शुभारंभ किया। इस दौरान सभी मेहमानों ने करनाल (घरौंडा) में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम को भी लाईव देखा और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के संबोधन को भी सुना। चेयरमैन वेदपाल एडवोकेट ने कहा कि एक पेड़ मां के नाम एक प्रयास है जो हमारी मातृभूमि और प्रकृति के प्रति हमारे सम्मान और समर्पण को दर्शाता है। इस अभियान का उद्देश्य मां के नाम पर एक पेड़ लगाना और एक स्थायी स्मृति बनाना है, जो न केवल पर्यावरण की रक्षा करेगा बल्कि एक हरे और अधिक समृद्ध भविष्य के निर्माण में भी योगदान देगा। मां और प्रकृति दोनों ही जीवन का मूल आधार है और इसके माध्यम से हम अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। एक पेड़ मां के नाम मुहिम का हिस्सा बनें और अपनी मां के लिए एक अविस्मरणीय स्मृति बनाने के लिए पौधे जरूरी रोपित करे।
उन्होंने कहा कि आज का दिन अत्यंत पावन और प्रेरणादायी है। यह वन महोत्सव प्रकृति संरक्षण के प्रति समाज की सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। चिकित्सा विज्ञान मनुष्य के स्वास्थ्य की रक्षा करता है, जबकि वृक्ष पृथ्वी के स्वास्थ्य की रक्षा करते हैं। अस्पतालों में ऑक्सीजन जीवन बचाती है, लेकिन जंगल हमें चौबीसों घंटे नि:शुल्क ऑक्सीजन प्रदान करते हैं। भारतीय संस्कृति में सदियों से वृक्षों को देव तुल्य माना गया है। पीपल, बरगद, तुलसी और नीम जैसे वृक्ष केवल पर्यावरण ही नहीं, बल्कि हमारी आस्था और संस्कृति का भी आधार है। प्रत्येक जिला मुख्यालय पर ऑक्सी-वन विकसित किए जा रहे है। प्रत्येक गांव में पंचवटी तथा कुरुक्षेत्र के 48 कोस क्षेत्र के 134 तीर्थों पर पंचवटी वाटिका विकसित की जा रही है।
उन्होंने विद्यार्थियों से अपील करते हुए कहा कि कम से कम एक पौधे को गोद लेकर उसकी नियमित देखभाल करें और पौधरोपण को केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि जीवन भर का संस्कार बनाएं। सरकार ने पंचायतों एवं सार्वजनिक भूमि पर बड़े स्तर पर पौधारोपण का निर्णय लिया है तथा किसानों को दुर्लभ एवं संकटग्रस्त वृक्ष प्रजातियों के संरक्षण के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। किसानों से खेतों की मेड़ों एवं उपलब्ध भूमि पर स्थानीय प्रजातियों के पौधे लगाने का आग्रह करते हुए उन्होंने कहा कि कृषि और वानिकी एक-दूसरे के पूरक है। चेयरमैन ने जिले वासियों से आह्वान किया कि सभी मिलकर हरित, स्वच्छ और समृद्ध कुरुक्षेत्र के निर्माण का संकल्प लें, ताकि आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित एवं स्वस्थ पर्यावरण की अमूल्य विरासत मिल सके।
पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा ने कहा कि पेड़ हमारे जीवन के लिए जरुरी ऑक्सीजन देते है और हवा को साफ रखते है। यह पर्व हमें प्रकृति के महत्व को समझाने और पेड़ों के संरक्षण के लिए प्रेरित करने का एक अवसर प्रदान करता है। वन हमारे जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि वे हमें ऑक्सीजन देते है, जलवायु को नियंत्रित करते है और अनेक जीव-जंतुओं का आवास होते है। उन्होंने कहा कि हम सबको प्रतिज्ञा लेनी चाहिए कि हम सबको अधिक से अधिक पौधे लगाने चाहिए। एचएसएएमबी के चेयरमैन वेदपाल एडवोकेट व अन्य मेहमानों ने वन महोत्सव के तहत आयोजित क्वीज व पेंटिंग प्रतियोगिता के विजेता बच्चों, जिनमें संचित, जशन, खुशी, तनु, लक्की, नवनीत कौर, जसदीप कौर, अरमान बतान, देवव्रत पंवार शामिल है, को पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया। कार्यक्रम में उप-वनसंरक्षक सुगा ई ने आए हुए अतिथियों का स्वागत किया तथा वन महोत्सव से संबंधित विस्तार से जानकारी दी।
इस कार्यक्रम के मंच का संचालन एआईपीआरओ बलराम शर्मा ने किया। कार्यक्रम में जनसंपर्क विभाग के कलाकारों ने प्रदेश सरकार की नीतियों को गीतों के माध्यम से आमजन के समक्ष रखा। कार्यक्रम में वन विभाग द्वारा आए हुए अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस मौके पर एचएसएएमबी के चेयरमैन वेदपाल एडवोकेट, पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा, चेयरमैन सुभाष कलसाना, चेयरमैन गुरनाम सैनी, जिप चेयरमैन कंवलजीत कौर, नप चेयरमैन माफी ढांडा, भाजपा के जिलाध्यक्ष रमेश सैनी, जिप उपाध्यक्ष डीपी चौधरी, उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा, भाजपा के वरिष्ठ नेता जयभगवान शर्मा, राजकीय बहुतकनीकी संस्थान उमरी के कार्यकारी प्रिंसिपल कमल सचदेवा, संस्थान से एचएस सैनी, नरेश सैनी, वन विभाग से रेंजर सतीश कुमार सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।
