भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा चलाए जा रहे “छात्रों की गूंज” अभियान के अंतर्गत डॉ. मंगलसेन ऑडिटोरियम, करनाल में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के “छात्रों की गूंज” अभियान के प्रभारी श्री अमित सियाग के नेतृत्व, जिला कांग्रेस कमेटी (शहरी) करनाल के जिला अध्यक्ष श्री पराग गाबा की अध्यक्षता, पूर्व लोकसभा प्रत्याशी भाई दिव्यांशु बुद्धिराजा की उपस्थिति तथा यूथ कांग्रेस की ओर से कार्यक्रम की जिम्मेदारी श्री सोमिल संधू को सौंपे जाने के साथ सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।
इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) के अध्यक्ष राजेश वैध, भुप्पी लाठर, जिला मीडिया इंचार्ज संदीप महाजन, यूथ कांग्रेस रादौर अध्यक्ष जितेंद्र नरवाल, एडवोकेट रजत सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता, छात्र एवं युवा उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में देशभर में लगातार हो रहे पेपर लीक, भर्ती प्रक्रियाओं में देरी, शिक्षा व्यवस्था में बढ़ती अव्यवस्था, बेरोज़गारी तथा छात्रों के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ निर्णायक संघर्ष का संकल्प लिया गया।
वक्ताओं ने कहा कि जंतर-मंतर पर अपने भविष्य की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर जिस प्रकार कथित रूप से बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज किया गया, छात्राओं के साथ कथित दुर्व्यवहार हुआ और लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन किया गया, उसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। जिन हाथों में किताबें, कलम और सपने होने चाहिए थे, उन हाथों पर लाठियां बरसाना लोकतंत्र के माथे पर कलंक है। कांग्रेस पार्टी इस घटना की कड़ी निंदा करती है और छात्रों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है।
वक्ताओं ने कहा कि जब सरकार ने छात्रों की आवाज़ सुनने के बजाय दमन का रास्ता चुना, तब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी स्वयं कांग्रेस सांसदों के साथ प्रधानमंत्री से छात्रों की समस्याओं पर संवाद करने के लिए आगे बढ़े। लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय उन्हें और विपक्षी सांसदों को रास्ते में रोककर हिरासत में लिया गया। यह लोकतांत्रिक परंपराओं और जनता की आवाज़ को दबाने का प्रयास है।
कार्यक्रम में कहा गया कि पिछले 12 वर्षों में देशभर में कम-से-कम 152 पेपर लीक की घटनाओं ने 7.5 करोड़ से अधिक युवाओं के भविष्य को संकट में डाल दिया है। लाखों युवाओं ने वर्षों की मेहनत, परिवारों ने अपनी जीवनभर की जमा-पूंजी और छात्रों ने अपने सपनों को दांव पर लगाया, लेकिन उन्हें निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था के बजाय बार-बार निराशा मिली। पेपर लीक, परीक्षाओं के रद्द होने, परिणामों में देरी और भर्तियों के वर्षों तक लंबित रहने से देश का युवा मानसिक, आर्थिक और सामाजिक पीड़ा झेल रहा है।
वक्ताओं ने कहा कि एक विद्यार्थी अपने जीवन के सबसे महत्वपूर्ण वर्ष दिन-रात की कठिन मेहनत, त्याग और परिवार की उम्मीदों के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में लगाता है। लेकिन जब बार-बार पेपर लीक होते हैं, परीक्षाएं रद्द होती हैं, परिणाम लंबित रहते हैं और भर्तियां वर्षों तक पूरी नहीं होतीं, तब केवल एक परीक्षा प्रभावित नहीं होती, बल्कि लाखों युवाओं के सपने और उनके परिवारों का विश्वास भी टूट जाता है।
उन्होंने कहा कि देश में छात्रों की आवाज़ सबसे पहले मजबूती से नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी ने उठाई। उन्होंने 17 जून को राजस्थान के कोटा से “छात्रों की गूंज” अभियान की शुरुआत करते हुए छात्रों, अभिभावकों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं से संवाद किया। इसके बाद 17 जुलाई को देहरादून में भी छात्रों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनीं और उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया। आज यह अभियान करोड़ों युवाओं की उम्मीद, संघर्ष और विश्वास की बुलंद आवाज़ बन चुका है।
कार्यक्रम में कहा गया कि “छात्रों की गूंज” अभियान के अंतर्गत देशभर के शिक्षण संस्थानों, पुस्तकालयों, छात्रावासों, कोचिंग संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर विद्यार्थियों से संवाद स्थापित किया जाएगा। प्रत्येक छात्र की आवाज़, सुझाव और समस्याओं को संगठित रूप से संबंधित संस्थाओं तक पहुंचाकर उनके समयबद्ध समाधान के लिए संघर्ष किया जाएगा।
कांग्रेस पार्टी ने स्पष्ट किया कि यह अभियान अब गांव-गांव, शहर-शहर, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और छात्रावासों तक व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा। कांग्रेस सड़क से लेकर संसद तक युवाओं के अधिकारों की लड़ाई पूरी ताकत से लड़ेगी और तब तक संघर्ष जारी रहेगा, जब तक प्रत्येक छात्र को निष्पक्ष परीक्षा, पारदर्शी भर्ती और सुरक्षित भविष्य का अधिकार नहीं मिल जाता।
कांग्रेस पार्टी की प्रमुख मांगें:
केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान तत्काल इस्तीफा दें।
छात्रों पर हुए कथित पुलिस लाठीचार्ज एवं दमन की स्वतंत्र जांच कराई जाए।
परीक्षा एवं शिक्षा व्यवस्था पर संसद में विशेष चर्चा कराई जाए।
पेपर लीक मामलों तथा कथित पेपर लीक माफिया की निष्पक्ष जांच हो।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को भंग कर नई, पारदर्शी एवं जवाबदेह परीक्षा व्यवस्था लागू की जाए।
सभी प्रतियोगी परीक्षाओं एवं सरकारी भर्तियों के लिए बाध्यकारी वार्षिक कैलेंडर लागू किया जाए।
विद्यार्थियों की शिकायतों के समयबद्ध एवं पारदर्शी समाधान की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
अंत में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह केवल छात्रों की लड़ाई नहीं, बल्कि भारत के भविष्य की लड़ाई है। कांग्रेस पार्टी हर उस युवा की आवाज़ बनेगी, जिसके सपनों को पेपर लीक, भ्रष्टाचार, बेरोज़गारी और सरकारी लापरवाही ने तोड़ने का प्रयास किया है। “छात्रों की गूंज” अब देश के हर कोने तक पहुंचेगी और करोड़ों युवाओं के न्याय की इस लड़ाई को कांग्रेस पूरी शक्ति, संवेदनशीलता और एकजुटता के साथ आगे बढ़ाती रहेगी।
“हर टूटे हुए सपने को न्याय मिले, हर मेहनत को उसका अधिकार — यही ‘छात्रों की गूंज’ अभियान का संकल्प है।”
