कुरुक्षेत्र, 23 जुलाई: प्राचीन मुल्तान सभा के अध्यक्ष प्रदीप झांब ने बताया कि 23 अगस्त को चौथे सप्ताह मे सावन ज्योत का कार्यक्रम हरिद्वार मे आयोजित किया जाएगा। झांब ने बताया कि मुल्तान सभा की मीटिंग चक्रवर्ती मोहल्ला जल्द प्राचीन मुल्तान सभा की ओर बिरादरी का विशाल सम्मेलन आयोजित किया जाएगा जिसमें विभिन्न प्रदेशों के नागरिक प्रतिनिधि करेंग। यह सम्मेलन उत्तरी भारत का पहला सम्मेलन होगा। सभा की ओर से सामाजिक कार्यों को और गति दी जाएंगी । इस मौके पर कृष्ण लाल पुंडरी, श्याम लाल अहूजा, फतेहचंद गांधी, सुरेश धवन, धर्मेन्द्र सचदेवा, नगर पार्षद सुधीर चुघ, सुनील राजपाल, कृष्ण सचदेवा, जोगेंद्र झांब, जतिन अरोड़ा, पवन झांब, मास्टर ओमप्रकाश, ललित अरोड़ा, डाक्टर सुरेन्द्र मेहता, प्रेम मदान, राजेश बाजाज, डाक्टर महेश तनेजा, दीपक सचदेवा, सचिन अरोड़ा, अंकित शर्मा, कमल अरोड़ा, धवन सेतिया, गुलशन ग्रोवर, ओम प्रकाश अनेजा, प्रवीण आहुजा, पवन लौटा आदि गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
जोत का इतिहास पाकिस्तान से जुड़ा
प्राचीन मुल्तान सभा के प्रधान प्रदीप झांब ने कहा कि सावन के महीने में जोत का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व अत्याधिक है, जो भगवान शिव को समर्पित है। इस परंपरा की शुरुआत अविभाजित भारत ( अब पाकिस्तान ) के मुल्तान जिले के रहने वाले लाला रूप चंद्र मुल्तानी ने अपने साथियों के साथ की थी। उस समय मुल्तान की नदियों में आने वाली बाढ़ और तूफानों से जान – माल के कष्ट निवारण के लिए उन्होंने पैदल हरिद्वार आकर गंगा में ज्योत प्रज्ज्वलित की थी। उन्होंने बताया कि 23 अगस्त शाम को 5 बजे हरिद्वार के भीमगोड़ा के जयराम आश्रम विघापीठ से शोभायात्रा के रूप में ले जाकर,सभी की सुख समृद्धि की कामना के साथ मां गंगा में ज्योत को प्रवाहित किया जाएगा।
