कुरुक्षेत्र, 21 जुलाई। उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण का जल्द ही दूसरा फेज शुरू किया जाएगा। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत गणना का कार्य पूरा होने के बाद अब दावे और आपत्तियों के निस्तारण का चरण शुरू हो गया है। इसको लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। जिला चुनाव कार्यालय ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। इसको लेकर 27 जुलाई को ट्रेनिंग भी दी जाएगी, ताकि उनके पास आने वाले शिकायत और ऑब्जेक्शन का सही तरीके से समाधान किया जा सके।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा मंगलवार को लघु सचिवालय के वीडियो कांफ्रेंस हॉल में विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर आयोजित बैठक में बोल रहे थे। इससे पहले हरियाणा के मुख्य चुनाव अधिकारी ए श्रीनिवास ने बैठक में वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इस बैठक में उपमंडल अधिकारी अमन कुमार व चुनाव तहसीलदार संदीप कुमार मौजूद रहे।
उन्होंने कहा कि अब एसआईआर का कार्य 24 जुलाई तक चलेगा और 31 जुलाई को ड्राफ्ट सूची प्रकाशित की जाएगी। सूचियों को प्रकाशित करनी की जगह चिन्हित की जा चुकी है। इसके साथ ही राजनैतिक दलों को इन सूचियों को उपलब्ध करवाया जाएगा। इस सूची में जो भी कमियां, खामियां होगी, उनको दुरुस्त करवाने के लिए 31 जुलाई से 30 अगस्त तक एआरओ को जमा करवा सकते हैं। सभी व्यवस्थाओं को पूरा करने के बाद 3 अक्टूबर को फाइनल सूची प्रकाशित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि जिला में प्रमुख मतदाताओं का सत्यापन किया जा चुका है। इनकी सूची बनाकर भेजी जा चुकी है। लाडवा विधानसभा में 7, शाहाबाद विधानसभा में 7, थानेसर विधानसभा में 21 और पिहोवा में 3 मतदाता चिन्हित हुए हैं। उन्होंने कहा कि कहा कि दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, समयबद्ध और निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार पूरी की जाए। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) और सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ) यह सुनिश्चित करें कि हर मतदाता को यह जानकारी हो कि उसे अपना दावा या आपत्ति किस कार्यालय में जमा करनी है। सभी विधानसभा स्तर पर पर्याप्त कर्मचारियों, इंटरनेट कनेक्टिविटी, फर्नीचर, कंप्यूटर व अन्य आवश्यक बुनियादी ढांचे तय किया गया है।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने, संशोधन कराने या अन्य बदलाव के लिए फार्म-6, फार्म-7 और फॉर्म-8 पर्याप्त संख्या में उपलब्ध होने चाहिए। यदि कहीं इनकी कमी हो तो तुरंत जिला निर्वाचन कार्यालय को सूचित किया जाए। नए मतदाता का आवेदन के लिए 1 जुलाई को 18 वर्ष पूर्ण होने मानकर किया जा सकता है। नए मतदान के लिए ऑनलाइन आवेदन भी किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार अनुपस्थित (एब्सेंट ), मृत (डेड ), स्थानांतरित (शिफ्टेड ) और डुप्लीकेट (डुप्लीकेट ) मतदाताओं की सूची संबंधित मतदान केंद्रों और सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शित की जाए, ताकि इससे मतदाता सूची को अधिक शुद्ध और पारदर्शी बनाया जा सकेगा। उन्होंने निर्देश दिए कहा कि दावे और आपत्तियों की सुनवाई प्रतिदिन निर्धारित समय पर है तथा सभी आवेदनों का तय समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए। साथ ही, मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को आवश्यक अभिलेख उपलब्ध कराते समय उनकी प्राप्ति का उचित रिकॉर्ड भी रखा जाए।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने आम नागरिकों से अपील की कि यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में नहीं है या सूची में किसी प्रकार की त्रुटि है, तो वह निर्धारित अवधि के दौरान आवश्यक दस्तावेजों के साथ संबंधित ईआरओ या एईआरओ कार्यालय में अपना दावा या आपत्ति अवश्य दर्ज कराएं।
