करनाल, 8 जुलाई। डीसी डॉ आनंद कुमार शर्मा ने कहा कि ई ऑफिस प्रणाली समय की बचत के लिए सही माध्यम है। सरकार के निर्देशों के अनुसार सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का ई-ऑफिस पर अकाउंट बना हुआ है और सभी कार्यालय से संबंधित फाइलों का आदान-प्रदान ई-ऑफिस प्रणाली से करना सुनिश्चित करें। ई-ऑफिस प्रणाली न अपनाने वाले अधिकारी व कर्मचारी स्वयं जिम्मेदार होंगे और उनके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
डीसी बुधवार को लघु सचिवालय के सभागार में ई ऑफिस प्रणाली से संबंधित आयोजित बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि ई-ऑफिस सरकार का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है। ई-ऑफिस प्रणाली के प्रयोग से कार्यालयों के कार्य सरल तरीके से होता है और इससे समय भी बचता है। ई-ऑफिस का मतलब है इलेक्ट्रॉनिक ऑफिस। यह एक डिजिटल कार्यस्थल समाधान है। इसमें कंप्यूटर-आधारित सूचना प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करके कार्यालय के काम किए जाते हैं। ई-ऑफिस का मकसद कागजों का इस्तेमाल कम करना और कार्यालय के कामों को इलेक्ट्रॉनिक रूप में करना होता है। ई-ऑफिस से कार्यालय के कामों में पारदर्शिता बढ़ती है। इससे जवाबदेही बढ़ती है और निर्णय लेने की गति में तेजी आती है।
उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी और कर्मचारी दैनिक आधार पर ई-ऑफिस का प्रयोग करें और सभी फाइलों को ई-ऑफिस के माध्यम से ही भेजें। यह भी सुनिश्चित करें कि ई-ऑफिस पर भेजी जाने वाली फाइलों का समय पर निपटान किया जाए। सभी अधिकारी एवं कर्मचारी सरकार के दिशा-निर्देशानुसार कार्य करते हुए पारदर्शिता को महत्व दें और अपनी फाइलों का आदान प्रदान केवल ई-ऑफिस से ही करें। इस प्रणाली को अपनाकर कम समय में बेहतर कार्य किया जा सकता है। साथ ही फाइलों का रिकार्ड भी सुरक्षित रहता है। ई-ऑफिस के माध्यम से भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगेगा और बिचौलियों से छुटकारा मिलेगा।
इस अवसर पर एडीसी डॉ. राहुल रईया, एसीयूटी सोहम शैलेंद्र, सीईओ जिला परिषद अमित कुमार, सीटीएम सुरेश कुमार, डीईओ रोहताश वर्मा, डीडीपीओ कंचनलता, एएमसी अशोक, सीएमजीजीए श्रुति मिश्रा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहें।
