लाडवा, 6 जुलाई। एसडीएम अनुभव मेहता ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण के कार्य को 14 जुलाई तक पूरा किया जाना है। इस कार्य को सभी सुपरवाइजर समयबद्ध तरीके से पूरा करवाने के लिए अपने-अपने बूथों के बीएलओ के साथ संपर्क में रहें। लाडवा विधानसभा में एन्यूमरेशन फार्म बांटने का कार्य लगभग पूरा चुका है। अब एन्यूमरेशन फार्म को भरकर जमा करवाया जा रहा है।
एसडीएम अनुभव मेहता अपने कार्यालय में सभी सुपरवाइजरों के साथ आयोजित बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण के कार्य की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने सुपरवाइजरों का एसआईआर को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि लाडवा विधानसभा में 217 बीएलओ एसआईआर का कार्य कर रहे हैं, 22 सुपरवाइजर बीएलओ के कार्य को सुपरवाइज कर रहे हैं। बीएलओ ने 197903 मतदाताओं में से 196250 को एन्यूमरेशन फार्म बांटे जा चुके हैं। अब तक 141768 मतदाताओं यानी 71.64 प्रतिशत का एन्यूमरेशन फार्म का डिजिटलाइजेशन किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि बीएलओ अपने अपने बूथ के मतदाताओं के एन्यूमरेशन फार्म को जमा करवा रहे हैं।
एसडीएम अनुभव मेहता ने कहा कि 21 जुलाई 2026 को मतदाता सूची का प्रारूप (ड्राफ्ट) प्रकाशित किया जाएगा। यदि किसी पात्र मतदाता का नाम ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं होता है तो वह 21 जुलाई से 20 अगस्त 2026 तक चलने वाली दावा एवं आपत्ति अवधि के दौरान फॉर्म-6 के साथ घोषणा-पत्र तथा आवश्यक दस्तावेज संलग्न कर अपने बीएलओ, निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) कार्यालय में जमा कर सकता है। इसके अलावा एनवीएसपी पोर्टल के माध्यम से भी ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आमजन की जानकारी के लिए सीईओ हरियाणा तथा डीईओ कुरुक्षेत्र की वेबसाइट पर भी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम अनावश्यक रूप से मतदाता सूची से न हटे।
उन्होंने कहा कि 1 जुलाई 2026 की क्वालिफाइंग तिथि के अनुसार पात्र नए मतदाता भी इस अवधि में अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज करा सकते हैं। वहीं जिन मतदाताओं को अपने नाम, पता या अन्य विवरण में संशोधन अथवा निर्वाचन क्षेत्र के भीतर स्थानांतरण करवाना है, वे फॉर्म-8 के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने लाडवा विधानसभा के सभी मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि वे अपना गणना प्रपत्र सही ढंग से भरकर शीघ्र अपने संबंधित बीएलओ को उपलब्ध कराएं, ताकि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान समयबद्ध ढंग से पूरा हो सके और कोई भी पात्र नागरिक अपने मताधिकार से वंचित न रहे।
