अम्बाला, 6 जुलाई। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि महान स्वतंत्रता सेनानी और भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट्रसेवा, त्याग और सिद्धांतों का प्रतीक है। उनकी जयंती केवल उन्हें स्मरण करने का अवसर नहीं, बल्कि उनके बताए मार्ग पर चलने तथा नई पीढ़ी को उनके जीवन मूल्यों, आदर्शों और सिद्धांतों से प्रेरणा लेने का अवसर है।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी अंबाला में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी 125वीं स्मरण पक्ष कार्यक्रम के दौरान संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने भी शिरकत की। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि अंबाला में 85 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले साईंस सेंटर का नाम डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर रखा जाएगा, साथ ही निर्माणाधीन शहीद स्मारक के नजदीक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा भी स्थापित की जाएगी। इससे पहले मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा, प्रदेशाध्यक्ष डॉ अर्चना गुप्ता ने डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी, संसदीय बोर्ड की सदस्य श्रीमती सुधा यादव, पूर्व मंत्री असीम गोयल, प्रदेश उपाध्यक्ष बंतो कटारिया, प्रदेश संयोजक संदीप जोशी व जिला प्रधान मनदीप सिंह राणा ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धाजंलि भी दी।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले वर्ष से जुलाई 2027 तक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का दो वर्षीय जयंती समारोह मनाया जा रहा है। यह आयोजन उनके विचारों को देश के जन-जन और घर-घर तक पहुंचाने का महायज्ञ है तथा राष्ट्र की ओर से उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी के व्यक्तित्व में ज्ञान, कर्म और राष्ट्रभक्ति की त्रिवेणी का अद्भुत संगम दिखाई देता है।
उन्होंने कहा कि 6 जुलाई 1901 को कोलकाता में जन्मे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को विद्वता और राष्ट्रसेवा की भावना विरासत में मिली थी। उनके पिता सर आशुतोष मुखर्जी बंगाल के प्रसिद्ध शिक्षाविद् थे। मात्र 33 वर्ष की आयु में डॉ. मुखर्जी कोलकाता विश्वविद्यालय के सबसे कम उम्र के कुलपति बने। बाद में वे संविधान सभा के प्रभावशाली सदस्यों में शामिल रहे तथा स्वतंत्र भारत के पहले उद्योग एवं आपूर्ति मंत्री का दायित्व भी संभाला।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. मुखर्जी का राजनीतिक जीवन सत्ता की इच्छा से नहीं, बल्कि सेवा और सिद्धांतों के प्रति समर्पित था। जब देशहित और सिद्धांतों का प्रश्न आया तो उन्होंने 19 अप्रैल 1950 को केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद उन्होंने तत्कालीन सरसंघचालक श्री गुरु गोलवलकर से मुलाकात की और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के साथ मिलकर भारतीय जनसंघ की स्थापना की, जो आज भारतीय जनता पार्टी का आधार है।
उन्होंने कहा कि अंबाला की धरती का डॉ. मुखर्जी के जीवन से ऐतिहासिक संबंध है, 8 मई 1953 को जब वे जम्मू-कश्मीर के लिए रवाना हुए तो अंबाला स्टेशन पहुंचकर उन्होंने तत्कालीन जम्मू-कश्मीर के प्रधानमंत्री शेख अब्दुल्ला को संदेश भेजा कि वे बिना परमिट जम्मू आ रहे हैं और वहां के हालात का अवलोकन कर शांति स्थापित करना चाहते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रावी नदी के पुल पर उन्हें जम्मू-कश्मीर में प्रवेश से रोकने का सरकारी आदेश दिया गया, लेकिन उन्होंने स्पष्ट कहा कि वे राज्य में प्रवेश करने के लिए कटिबद्ध हैं। इसके बाद उन्होंने बिना परमिट जम्मू-कश्मीर में प्रवेश किया, जहां उन्हें गिरफ्तार कर श्रीनगर के निकट नजरबंद कर दिया गया। नजरबंदी के दौरान उनका निधन हो गया। उन्होंने कहा कि यह बलिदान भारत की एकता और अखंडता के लिए दिया गया सर्वोच्च बलिदान था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने  एक राष्ट्र में दो निशान, दो विधान और दो प्रधान नहीं चलेंगे का आह्वान किया था। उन्होंने कहा कि आज यह गर्व का विषय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डॉ. मुखर्जी के उस संकल्प को पूरा किया गया। उन्होंने कहा कि उनकी जयंती हमें राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए उनके आदर्शों पर चलने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि हम मिलकर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के दिखाए मार्ग पर चलते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत को 2047 तक विकसित भारत बनाने के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में काम कर रहे है।

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मेक इन इंडिया, नई शिक्षा नीति और आत्मनिर्भर भारत जैसे अनेक निर्णय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के राष्ट्रवादी विजन को आगे बढ़ाने वाले कदम: केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी केवल एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि एक भारत, श्रेष्ठ भारत के प्रणेता थे। उन्होंने अपने संपूर्ण जीवन को राष्ट्र की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के लिए समर्पित किया। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उनकी विचारधारा को धरातल पर उतारा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने 21 अक्टूबर 1951 को भारतीय जनसंघ की स्थापना कर देश को एक मजबूत वैचारिक विकल्प दिया। आज उसी विचारधारा के आधार पर भारतीय जनता पार्टी विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बन चुकी है और भाजपा एवं राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की सरकारें देश के अधिकांश हिस्से में जनसेवा कर रही हैं। श्री नड्डा ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे का नारा दिया था। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के पूर्ण एकीकरण के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 हटाकर उनके संकल्प को पूरा किया गया।
उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने पूर्वी पाकिस्तान से धार्मिक उत्पीडऩ के कारण भारत आए शरणार्थियों को नागरिकता देने की बात कही थी। प्रधानमंत्री मोदी ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) लागू कर उनकी इस सोच को भी साकार किया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मेक इन इंडिया, रक्षा विनिर्माण, सेमीकंडक्टर निर्माण, नई शिक्षा नीति और आत्मनिर्भर भारत जैसे अनेक निर्णय डॉ. मुखर्जी के राष्ट्रवादी विजन को आगे बढ़ाने वाले कदम हैं। नई शिक्षा नीति शिक्षा को सुलभ, किफायती, लचीला और मातृभाषा आधारित बनाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल है।

हरियाणा के विकास रफ्तार की तारीफ की:

केंद्रीय मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने प्रदेश की डब्बल इंजन सरकार और प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की तारीफ करते हुए विकास कार्यो को भी गिनवाया। उन्होंने हरियाणा में केंद्र सरकार की विकास परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि यमुनानगर में दीनबंधु छोटू राम तापीय विद्युत संयंत्र, द्वारका एक्सप्रेसवे, रेवाड़ी बाईपास, राष्ट्रीय राजमार्गों का विस्तार, रेल परियोजनाएं तथा खरखौदा में मारुति सुजुकी का विशाल संयंत्र प्रदेश के विकास को नई गति दे रहे हैं।
श्री नड्डा ने कहा कि हरियाणा में पारदर्शी भर्ती व्यवस्था लागू की गई है और बिना पर्ची-बिना खर्ची के हजारों युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली हैं। महिलाओं के कल्याण, स्वास्थ्य सेवाओं और आधारभूत ढांचे के विकास में भी राज्य सरकार उल्लेखनीय कार्य कर रही है। उन्होंने लाडो लक्ष्मी योजना, जरूतमंदों को 500 रुपये में मिलने वाले गैस सिलेंडर के साथ—साथ किसानों की एमएसपी पर खरीदी जा रही फसलों का भी किया। श्री नड्डा ने कहा कि प्रदेश में एम्स और कैंसर उपचार सुविधाओं का विस्तार स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा बदलाव लेकर आया है।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने पश्चिम बंगाल को भारत का हिस्सा बनाए रखने के लिए ऐतिहासिक संघर्ष किया था। यदि उन्होंने उस समय आंदोलन नहीं किया होता तो आज पश्चिम बंगाल का अस्तित्व वर्तमान स्वरूप में संभव नहीं होता। उन्होंने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि प्रत्येक नागरिक विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के संकल्प को पूरा करने में अपना योगदान दे तथा राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखकर कार्य करे। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री श्री जे.पी. नड्डा ने हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी द्वारा अंबाला स्थित सांईस सेंटर का नाम डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर रखने तथा उनकी भव्य प्रतिमा स्थापित करने की घोषणा का स्वागत किया और इसके लिए मुख्यमंत्री को बधाई दी।

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डॉ. श्यामा प्रसाद औद्योगिक क्रांति के अग्रदुत: प्रदेशाध्यक्ष डॉ अर्चना गुप्ता
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष डॉ अर्चना गुप्ता ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने देश की एकता के लिए त्याग दिया, देश को आत्मनिर्भरता का विचार उन्होंने ही दिया। उन्होंने कहा कि महान विभूति डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्वतंत्र भारत में उद्योग एवं आपूर्ति मंत्री बने थे। विपक्ष में होते हुए भी वे कर्तव्य और निष्ठा तथा ईमानदारी के परिपेक्ष के रूप में जाने जाते थे। उन्होंने 4 प्रमुख बिंदुओं पर काम किया, जिनमें रेल का जाल, एयरपोर्ट, रक्षा उपकरण और परमाणु उर्जा शामिल थे। आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी भी उसी विजन के साथ काम कर रहे है।
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केंद्रीय संसदीय बोर्ड सदस्य डॉ. सुधा यादव, प्रदेश संयोजक संदीप जोशी तथा भाजपा जिला अध्यक्ष मंदीप राणा ने भी डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में पूर्व मंत्री असीम गोयल ने सभी अतिथियों एवं कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी को सीएम अर्थात कॉमन मैन की संज्ञा दी और कहा कि मुख्यमंत्री आमजन से सीधे जुड़े हुए जननेता हैं। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद सभी कार्यकर्ताओं से आहवान किया कि डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बताए मार्ग पर चलकर राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ कार्य करें।
इस मौके पर भाजपा जिला अध्यक्ष मंदीप सिंह राणा, प्रदेश उपाध्यक्ष बंतो कटारिया, संयोजक संदीप जोशी, उपायुक्त अजय सिंह तोमर, पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत, मेयर अक्षिता सैनी, पूर्व विधायक संतोष चौहान सारवान, पूर्व विधायक डॉ. पवन सैनी, एसडीएम दर्शन कुमार, एसडीएम कनिका गोयल, राज्य सूचना आयुक्त नीता खेड़ा, भाजपा पदाधिकारी रितेश गोयल, कर्मचंद गोल्डी, विवेक गुप्ता, गुरविंदर सिंह मानकपुर, रीचा पाहवा, मनीष आनंद मन्नी, शोभा पूनिया, जगमोहन लाल कुमार, डॉ. संजय शर्मा, संदीप सैनी अम्बली, दिनेश लदाना, जसविंदर सिंह, मक्खन सिंह लबाणा, नरेंद्र राणा कुराली, गोपाल मित्तल, जसमेर राणा, संजीव गोयल टोनी, मनीष मित्तल के साथ—साथ भाजपा पार्टी के अन्य कार्यकर्तागण व गणमान्यगण मौजूद रहे।
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उत्तर हरियाणा  बिजली वितरण  निगम अम्बाला शहर के अधीक्षक अंिभयंता यूएचबीवीएन कार्यालय नजदीक अजीत पैट्रोल पम्प, बलदेवनगर अम्बाला शहर में  बिजली अदालत का आयोजन
अम्बाला, 6  जुलाई :-

उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम अम्बाला शहर के कार्यकारी अंिभयंता यूएचबीवीएन कार्यालय अम्बाला शहर में 7 जुलाई 2026 को अधीक्षक अभियंता विनोद कुमार गोयल की अध्यक्षता में प्रात: 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक बिजली अदालत का आयोजन किया जाएगा। कोई भी उपभोक्ता अपनी बिजली से सम्बन्धित शिकायत यहां रख सकता है।
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अम्बाला, 6  जुलाई :-
उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम अम्बाला शहर के अधीक्षक अंिभयंता यूएचबीवीएन कार्यालय नजदीक अजीत पैट्रोल पम्प, बलदेवनगर अम्बाला शहर  में  7 जुलाई 2026 को प्रात: 11 बजे से दापेहर 1 बजे तक आयोजित की जाएगी। इस बैठक की अध्यक्षता उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम अम्बाला के अधीक्षक अभियंता विनोद कुमार गोयल करेंगे। कोई भी उपभोक्ता अपनी बिजली से सम्बन्धित शिकायत यहंा रख सकता है।
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अम्बाला, 6 जुलाई
राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान अंबाला शहर के प्रधानाचार्य दिनेश राणा ने बताया कि जिन छात्र छात्राओं ने राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में दाखिले के लिए ऑन-लाईन आवेदन किया हुआ है। उन छात्र छात्राओं को सूचित किया जाता है कि आईटीआई व व्यवसाय के चयन की तिथि 03 जुलाई 2026 से 15 जुलाई 2026 तक है।
जिला में आठ सरकारी आईटीआई व तीन प्राइवेट आईटीआई है। छात्र छात्राएं अपनी पसंद की आईटीआई व व्यवसाय चुनकर ऑनलाइन सबमिट कर सकते है। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान अंबाला शहर में विभिन्न ट्रेड्स की 916 सीट है। आईटीआई अंबाला शहर में हर महीने कैंपस इंटरव्यू/रोजगार मेला लगाया जाता है तथा संस्थान में प्रशिक्षण ग्रहण कर रहे अधिकतर छात्र छात्राओं को रोजगार मिल जाता है। इसके अतिरिक्त आईटीआई अंबाला शहर में मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड द्वारा आधुनिक तकनीक की लैब्स स्थापित की गई है इन लैब्स में मारुति सुजुकी की तरफ से आने वाले ट्रेनर  उद्योगों में प्रयोग होने न्यूनतम तकनीक का प्रशिक्षण छात्रों को समय समय पर देते रहते है। जिससे संस्थान में प्रशिक्षण ग्रहण कर रहे छात्र छात्राओं रोजगार मिलने में बहुत लाभ होता है।

By Dr. Rajesh Wadhwa

778-779, Partap Colony, Railway Road, Near Rudra Cinema, Opp Chaat King India Row, Kurukshetra 136118 Mob. 9896352867, 9467040367

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