अम्बाला, 6 जुलाई। गांव बहबलपुर स्थित गुरू ग्रंथ साहिब विद्या केंद्र सेवा समिति (रजि.) की ओर से बच्चों को खुले बोरवेल, कुओं तथा बरसात के मौसम में होने वाले संभावित हादसों से बचाव के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से एक विशेष बैठक आयोजित की गई।
बैठक में हाल ही में गांव धनोरा में हुए दर्दनाक हादसे का उल्लेख किया गया, जिसमें लगभग 220 फुट गहरे खुले बोरवेल में गिरने से चार वर्षीय मासूम बच्चे की मृत्यु हो गई थी। इस दुखद घटना से सबक लेते हुए समिति ने बच्चों को ऐसे खतरनाक स्थानों की पहचान करवाई और उन्हें इससे दूर रहने की सलाह दी। साथ ही अभिभावकों से भी बच्चों पर विशेष निगरानी रखने का आग्रह किया गया।
समिति के पदाधिकारियों ने बैठक के दौरान खुले कुओं और बोरवेलों को सुरक्षित बनाने के उपायों पर चर्चा की। उन्होंने सुझाव दिया कि जिन बोरवेलों और कुओं का उपयोग किया जा सकता है, उन पर मजबूत लैंटर डालकर आवश्यकतानुसार हैंडपंप लगाए जाएं, ताकि वे सुरक्षित भी रहें और उपयोग में भी आ सकें।
इसी अभियान के तहत सोमवार को संस्था के पदाधिकारियों ने क्षेत्र के पांच खुले कुओं और बोरवेलों का सर्वे किया। सर्वे के दौरान ऐसे स्थानों की पहचान की गई, जहां सुरक्षा के दृष्टिकोण से लैंटर डालकर हैंडपंप अथवा अन्य उपयोगी व्यवस्था की जा सकती है।
संस्था ने प्रशासन एवं ग्रामीणों से अपील की कि खुले बोरवेलों और कुओं को जल्द से जल्द सुरक्षित कराया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।
इस अवसर पर संस्था की प्रधान बीबी भूपिन्दर कौर, सचिव महान सिंह, बुद्ध राम, बलजीत सिंह, सुखविंदर सिंह, हरप्रीत सिंह, जत्थेदार निसाना वाली बुड्डा ढल, जगतार सिंह मरदों साहिब, गुरचरण सिंह सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
