कुरुक्षेत्र, 30 जून। एसडीएम अनुभव मेहता ने कहा कि एनीमिया एक गंभीर जनस्वास्थ्य समस्या है, जिसके प्रभावी नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा एवं महिला एवं बाल विकास विभाग सहित सभी संबंधित विभागों का समन्वित प्रयास आवश्यक है। उन्होंने सभी अधिकारियों को अभियान को जन-जन तक पहुंचाने और अधिकतम लाभार्थियों को इससे जोड़ने के निर्देश दिए।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाडवा में एनीमिया एलिमिनेशन माह के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता एसडीएम लाडवा अनुभव मेहता ने की, जबकि कार्यक्रम का संचालन एवं मार्गदर्शन वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. कृष्णकांत द्वारा किया गया। इस अवसर पर ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, सीडीपीओ, विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में विशेष रूप से एनीमिया एलिमिनेशन कार्यक्रम के जिला समन्वयक विनय गांधी उपस्थित रहे तथा उन्होंने एनीमिया उन्मूलन से संबंधित विस्तृत जानकारी साझा की।
बैठक में बताया गया कि लाडवा क्षेत्र की कुल 1,15,044 आबादी में 6 माह से 59 माह तक के बच्चों, 5 से 9 वर्ष तक के बच्चों, 10 से 19 वर्ष के किशोर-किशोरियों, 15 से 49 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं, गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं तथा अन्य संवेदनशील वर्गों की एनीमिया संबंधी नियमित जांच की जाएगी। जांच के दौरान एनीमिया से प्रभावित व्यक्तियों की समय पर पहचान कर उनका उचित उपचार सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गंभीर रूप से एनीमिया से ग्रस्त मरीजों को आवश्यकतानुसार जिला स्तर के स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया जाएगा ताकि उन्हें विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध कराया जा सके। बैठक में सभी संबंधित विभागों से आपसी समन्वय स्थापित कर एनीमिया मुक्त समाज के लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया गया।
वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. कृष्णकांत ने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य एनीमिया की समय रहते पहचान, उपचार एवं रोकथाम सुनिश्चित कर समाज को एनीमिया मुक्त बनाना है, जिससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार लाया जा सके और स्वस्थ समाज का निर्माण हो सके।
