कुरुक्षेत्र, 19 जून। पशुपालन विभाग के एसडीओ डा. जसबीर सिंह ने कहा कि पशु की देखभाल बच्चों की तरह करनी होती है, क्योंकि पशु बोल नहीं सकते और वो अपनी किसी भी स्थिति को बयां करने में असमर्थ होते हैं। ऐसे में पशुओं के व्यवहार से ही उसकी स्थिति का पता लगाया जाता है। विभाग द्वारा पशु की जांच व पशुपालकों को जागरूक करने के लिए लगातार शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों में पशुओं में होने वाली बीमारियों की लक्षणों की पहचान करना सिखाया गया।
एसडीओ डा. जसबीर सिंह शुक्रवार को गांव आलमपुर में आयोजित पशु जांच शिविर में बोल रहे थे। इस शिविर में पशुओं की जांच कर दवाइयां भी वितरित की गई। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर लगातार शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। अब तक जिले के 42 गांवों में जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया है। इन शिविरों में 2720 पशुओं को टीकाकरण किया गया है। पशु बीमा योजना के तहत 212 पशुओं के बीमा के लिए आवेदन प्राप्त किए गए हैं। उन्होंने कहा कि करीब 4000 पशुओं को विभिन्न बीमारियों का इलाज किया गया। इसके साथ ही पीकेसीसी के लिए 5 पशुपालकों के आवेदन भी प्राप्त किए गए हैं।
उन्होंने पशुपालकों को कहा कि यदि उन्हें पशुओं के व्यवहार में कोई भी परिवर्तन नजर आए तो तुरंत पशु चिकित्सक की सलाह लें। सरकार द्वारा समय समय पर विभिन्न बीमारियों के बचाव के लिए अभियान चलाया जाता है। इन अभियानों में सभी पशु पालकों को शामिल होना चाहिए और अपने पशुओं को टीकाकरण व दवा के लिए लाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।
