कुरुक्षेत्र, 18 जून। हरियाणा के पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा ने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक उत्कृष्ट पद्धति है। योग व्यक्ति को तनावमुक्त, अनुशासित एवं सकारात्मक बनाता है। योग को जन-जन तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है तथा इसके माध्यम से स्वस्थ हरियाणा और स्वस्थ भारत के लक्ष्य को साकार किया जा सकता है।
पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा ने वीरवार को द्रोणाचार्य स्टेडियम में योग प्रोटोकॉल ट्रेनिंग का अंतिम दिन दीप प्रज्वलित करके शुभारंभ किया गया। इस दौरान पूर्व राज्य मंत्री सुभाष सुधा के साथ नगर परिषद चेयरपर्सन माफी ढांडा, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. मंजू शर्मा साथ रहे। इस कार्यक्रम में लगभग 300 से अधिक व्यक्तियों ने योग प्रोटोकॉल अभ्यास में हिस्सा लिया। प्रशिक्षण शिविर का आरंभ प्रार्थना मंत्र के उच्चारण से किया गया। इसके बाद योग क्रियाओं जैसे ताडासन, वृक्षासन, पादहस्त, अर्धचक्रासन, वज्रासन, उत्तानमण्डुक, उष्ट्रासन, वक्रासन, मक्रासन, शलभासन, सेतुबंध, उत्तानपादासन, पवनमुक्त, अर्धहलासन, अनुलोम विलोम, कपालभाती, भ्रामरी का अभ्यास करवाते हुए इन यौगिक क्रियाओं द्वारा होने वाले लाभों की भी जानकारी दी गई।
पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस-2026 की इस वर्ष की थीम ‘योग फॉर हेल्दी एजिंग’ अर्थात ‘स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग’ निर्धारित की है, जोकि समयानुकूल है, क्योंकि वर्तमान समय में बदलती जीवनशैली, अनियमित खान-पान, मानसिक तनाव के कारण विभिन्न स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। प्रदेश सरकार ने योग युक्त नशा मुक्ति थीम को आगे बढ़ाते हुए युवाओं को नशा छोड़कर योग अपनाने के लिए प्रेरित किया है।
उन्होंने कहा कि योग वरिष्ठ नागरिकों यानी बुजुर्गों के लिए बेहद लाभकारी है, जोकि बढ़ती आयु के साथ शरीर में आने वाले प्राकृतिक परिवर्तनों के बावजूद व्यक्ति को सक्रिय और ऊर्जावान बनाने में मदद करता है। इससे वरिष्ठ नागरिक न केवल शारीरिक रूप से स्वस्थ रहेंगे, बल्कि सामाजिक और भावनात्मक रूप से अधिक सशक्त बनेंगे।
पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा ने कहा कि योग न केवल शरीर को स्वस्थ और लचीला बनाता है, बल्कि मानसिक तनाव को कम करने, एकाग्रता बढ़ाने और जीवनशैली से जुड़ी विभिन्न बीमारियों की रोकथाम में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वर्तमान समय में बढ़ती भागदौड़, तनावपूर्ण जीवन शैली और अनियमित दिनचर्या के कारण अनेक लोग शारीरिक एवं मानसिक समस्याओं से जूझ रहे हैं। ऐसे में योग एक प्रभावी और प्राकृतिक समाधान के रूप में सामने आया है।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों एवं अन्य प्रतिभागियों ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस प्रोटोकॉल के अनुसार विभिन्न योगासनों एवं प्राणायाम का अभ्यास किया। कार्यक्रम में अधिकारियों, कर्मचारियों व गणमान्य नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर योगाभ्यास किया तथा योग को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।
