नई दिल्ली। हरियाणा में संगठन मजबूत करने में लगी कांग्रेस को उनके जिलाध्यक्षों ने ही झटका दिया है। कुर्सी देकर पावरफुल बनाने के बाद भी तीन से चार जिलाध्यक्ष ऐसे हैं जो पार्टी के लिए नीतिगत काम नहीं कर पा रहे हैं।

समीक्षा बैठकों के बाद उन्हें लगातार चेतावनी भी दी जा रही थी। इसके बाद भी उनके काम में सुधार नहीं आया। ऐसे में उनसे कुर्सी लेकर किसी और को देने की तैयारी की जा रही है।

इसी सप्ताह यह बदलाव करने की घोषणा भी हो सकती है। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की ओर से हरी झंडी मिलने के बाद प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह नई लिस्ट जारी करेंगे। चार में से एक जिलाध्यक्ष दक्षिण हरियाणा के जिले का है, जबकि तीन अन्य जिलों के हैं। यह तीन जिले ऐसे हैं जहां से कांग्रेस के सांसद हैं।

संगठन के दृष्टिकोण के मुताबिक पार्टी ने एक जिले को शहरी और ग्रामीण में बांट रखा है। सभी को संगठन की ओर से ली जाने वाली समीक्षा बैठक में चेतावनी भी दी जाती रही है। बेहतर कार्य करने वाले जिलाध्यक्षों को बधाई भी मिली है।

संगठन सृजन के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तथा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने जिलाध्यक्षों की नियुक्ति करने से पहले कहा था कि वह इतने पावरफुल होंगे कि पार्टी उनकी बात सांसद और विधायकों से पहले सुनेगी। पिछले साल नियुक्ति होने के बाद राहुल गांधी प्रशिक्षण शिविर में जिलाध्यक्षों से मिले थे और उनसे फिर अपनी बात दोहराई थी।

राहुल गांधी ने यहां तक कह दिया कि पार्टी के लिए बेहतर काम कर अपनी पहचान खुद बनाओ। प्रदेश के किसी नेता को आगे कर राजनीति नहीं करो। पार्टी को एक रखने के लिए काम करो।

नेता प्रतिपक्ष ने जिलाध्यक्षों के कामकाज को परखने के लिए तीन जोन बना रखे हैं। समीक्षा के बेहतर काम करने वाले को ग्रीन, सामान्य को येलो तथा काम नहीं करने वालों को रेड जोन में रखा जा रहा है। संगठन की ओर से हर माह समीक्षा की जा रही है।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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