भिरडाना। जिले के बड़े गांवों में शामिल भूथनकलां इन दिनों गंभीर पेयजल संकट से जूझ रहा है। करीब नौ हजार की आबादी वाले गांव में लोग बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हैं। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि महिलाओं को तपती गर्मी में खेतों और दूर-दराज क्षेत्रों से घड़े भरकर पानी लाना पड़ रहा है। कई मुहल्लों में पिछले कई दिनों से पेयजल सप्लाई पूरी तरह प्रभावित है। इससे ग्रामीणों में जनस्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के प्रति भारी रोष बना हुआ है।
गांव के लोगों का कहना है कि जलघर और अन्य पेयजल स्रोत होने के बावजूद नियमित सप्लाई नहीं मिल रही। कई घरों में नलों से पानी आना बंद हो चुका है। मजबूरी में लोग निजी ट्यूबवेलों और खेतों से पानी भरकर ला रहे हैं। सबसे अधिक परेशानी महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को उठानी पड़ रही है। सुबह होते ही महिलाएं बर्तन और घड़े लेकर पानी की तलाश में निकल पड़ती हैं।
भीषण गर्मी के कारण स्थिति और गंभीर हो गई है। दोपहर के समय तापमान बढ़ने के बावजूद महिलाएं खेतों से पानी ढोने को मजबूर हैं। पिछले कई दिनों से घरों में पानी की सप्लाई नहीं पहुंच रही। सुबह से शाम तक पानी की चिंता बनी रहती है। कई बार दूर खेतों से घड़े भरकर पानी लाना पड़ता है।
कई मुहल्लों में कई दिनों से नहीं पहुंचा पानी
ग्रामीणों के अनुसार गांव के कई हिस्सों में पिछले कई दिनों से सप्लाई नहीं पहुंची। लोग निजी मोटरों और टैंकरों के सहारे पानी की जरूरत पूरी कर रहे हैं। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए स्थिति और कठिन हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं।
गांव में बढ़ते संकट को लेकर लोगों में रोष लगातार बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव में स्थायी पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि हर साल गर्मियों में लोगों को इस परेशानी से न गुजरना पड़े। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द सप्लाई सुचारु नहीं हुई तो वे विभाग के खिलाफ आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
