पंचकूला। हरियाणा ने जीएसटी संग्रह में सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। मई 2026 के लिए राज्य जीएसटी संग्रह की वृद्धि दर में देश के सभी राज्यों में पहला स्थान प्राप्त किया है। मई 2025 की तुलना में 22 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्ज की गई है। मई 2026 के लिए राज्य जीएसटी संग्रह का राष्ट्रीय औसत 6 प्रतिशत रहा।
आबकारी और कराधान आयुक्त विनय प्रताप सिंह ने बताया कि हरियाणा के बाद मेघालय (19 प्रतिशत), कर्नाटक (17 प्रतिशत) और गुजरात (16 प्रतिशत) का स्थान है। मई के लिए हरियाणा का शुद्ध राज्य जीएसटी (निपटान के बाद) संग्रह 4,456 करोड़ रुपये है, जो पिछले वर्ष मई के संग्रह (3,649 करोड़ रुपये) से 807 करोड़ रुपये अधिक है।
हरियाणा वित्तीय वर्ष 2026-27 के पहले दो महीनों में राज्य जीएसटी राजस्व की संचयी वृद्धि दर में भी सभी राज्यों में पहले स्थान पर है। पिछले वित्तीय वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 40 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्ज की गई है।
चालू वित्तीय वर्ष के पहले दो महीनों के दौरान राज्य जीएसटी राजस्व की औसत राष्ट्रीय वृद्धि 23 प्रतिशत है। हरियाणा राज्य लगातार राज्य जीएसटी राजस्व में उच्च वृद्धि दर्ज कर रहा है। राज्य ने पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 में भी उच्चतम वृद्धि दर दर्ज की थी, जिसमें राष्ट्रीय औसत 6 प्रतिशत के मुकाबले राज्य जीएसटी राजस्व में 22 प्रतिशत की वृद्धि दर देखी गई थी।
