पंचकूला। गुटबाजी कर पार्टी के कार्यक्रमों से दूरी बनाने वाले पार्टी के विभिन्न प्रकोष्ठ में नियुक्त पदाधिकारियों को जिम्मेदारी से मुक्त किया जा सकता है। इन प्रकोष्ठ में कांग्रेस सेवा दल जैसी प्रमुख इकाई भी है। पार्टी हाईकमान ने ऐसे नेताओं के नाम मांगे हैं।
यह आरोप चंडीगढ़ में हुई समीक्षा बैठक में पर्यवेक्षक के सामने वन-टू वन हुई बातचीत में कई जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाए थे। अब उन्हीं जिलाध्यक्ष से लिखित में शिकायत मांगी गई है। सूत्रों के मुताबिक पार्टी हाईकमान ने यह भी कहा है कि शिकायत देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा।
बता दें कि 26-27 मई को चंडीगढ़ में संगठन तथा जिलाध्यक्षों के कार्य का अवलोकन करने के लिए बैठक हुई थी जिसमें केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में कांग्रेस के विशेष आमंत्रित सदस्य चल्ला वामसी चंद्र रेड्डी को राहुल गांधी ने विशेष रूप से भेजा था।
बताते हैं कि पर्यवेक्षक ने पार्टी कार्यक्रम में नेताओं की भूमिका से लेकर कांग्रेस सेवादल के पदाधिकारी तथा पूर्व उम्मीदवारों की सक्रियता को लेकर सवाल किए थे। उन्हें कई जिलाध्यक्ष ने बताया था कि पार्टी के विभिन्न प्रकोष्ठ तथा कांग्रेस सेवादल के कई पदाधिकारी पार्टी में आए नेताओं के चेहरे देखकर ही आते हैं। पर्यवेक्षक ने पूरी रिपोर्ट केंद्रीय समिति के आगे रखी तो जिलाध्यक्षों को गोपनीय रिपोर्ट भेजने का कहा गया है।
