भिवानी। यात्रियों की सुनो रेलवे, फाइलों से बाहर कब आएगा आपका 15 रुपये का जनता खाना। भिवानी जैसे जंक्शन पर प्रतिदिन आठ से नौ हजार यात्री अपने गंतव्य पर जाते हैं। यात्री कह रहे हैं जरूरतमंदों की सुध लेने वाला रेलवे कहां सोया है।

रेलवे सस्ती दरों पर भोजन का दावा कर रहा है पर भिवानी जंक्शन पर यात्रियों को न जानकारी है और न सुविधा दी जा रही है। देशभर के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को सस्ती दरों पर भोजन उपलब्ध कराने के लिए रेलवे बोर्ड की जनता खाना योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत यात्रियों को 15 रुपये में किफायती भोजन उपलब्ध कराने का दावा किया गया, ताकि लंबी दूरी की यात्रा करने वाले आम यात्रियों को राहत मिल सके।
भिवानी जंक्शन हरियाणा का एक अहम रेलवे स्टेशन है, जहां से रोजाना दिल्ली, हिसार, रेवाड़ी, रोहतक और राजस्थान की ओर जाने वाली कई ट्रेनों का संचालन होता है। यात्रियों का कहना है कि रेलवे सस्ती दरों पर भोजन देने के दावे तो करता है, लेकिन जमीनी स्तर पर यह सुविधा अब तक भिवानी तक नहीं पहुंच सकी है। इससे आम यात्रियों को महंगे दामों पर खाना और पानी खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ता है।

जानकारी के अभाव में योजना से अनजान यात्री

स्टेशन पर मिले कई यात्रियों ने बताया कि उन्होंने जनता खाना योजना का नाम तक नहीं सुना। प्लेटफार्म और स्टेशन परिसर में इस योजना से संबंधित कोई बोर्ड, पोस्टर या सूचना भी नजर नहीं आती। ऐसे में बाहर से आने वाले यात्रियों को यह समझ ही नहीं आता कि रेलवे ऐसी कोई सुविधा दे भी रहा है या नहीं। दिल्ली जाने के लिए ट्रेन का इंतजार कर रहे यात्री पवन कुमार ने कहा

अगर रेलवे 15 रुपये में खाना देने की सुविधा चला रहा है तो इसकी जानकारी हर स्टेशन पर होनी चाहिए। भिवानी जंक्शन पर हमने कभी ऐसा काउंटर नहीं देखा। एक अन्य यात्री सीमा देवी ने कहा लंबी यात्रा में कई बार महंगा खाना खरीदना पड़ता है। अगर सस्ता भोजन मिले तो यात्रियों को बड़ी राहत होगी।

नो पे, नो बिल मुहिम भी बेअसर

नया बाजार निवासी सतीश कुमार आैर बिचला बाजार के संजीव कुमार ने कहा रेलवे प्रशासन की नो पे, नो बिल मुहिम भी यहां पूरी तरह प्रभावी नहीं दिखती। स्टेशन परिसर और आसपास खाद्य सामग्री खरीदने पर अक्सर बिल नहीं दिया जाता। इससे यात्रियों को शिकायत या रेट को लेकर पारदर्शिता नहीं मिल पाती।

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि जनता खाना जैसी सुविधाओं का संचालन रेलवे बोर्ड और अधिकृत एजेंसियों के माध्यम से तय होता है। स्टेशन स्तर पर यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देना प्राथमिकता है। रेलवे बोर्ड या अधिकृत एजेंसी के माध्यम से जनता खाना सुविधा स्वीकृत होती है तो यहां इसे लागू किया जाएगा। स्टेशन पर अन्य खानपान व्यवस्थाओं की भी नियमित निगरानी की जाती है।

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