बल्लभगढ़। फरीदाबाद के बल्लभगढ़ में स्थानीय भगत सिंह कॉलोनी में 11 अगस्त 2024 को 40 वर्षीय विवाहिता पूजा की मौत को पति ने दुर्घटना और बीमारी बताया था। पुलिस को दिया गया उसका वह बयान पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मेल नहीं खा रहा है।
छांयसा गांव निवासी मृतका के भाई अक्षय की अर्जी पर न्यायिक दंडाधिकारी यतन क्वात्रा ने अदालत में पेश और व सबूतों को देखा तो उन्होंने इसे प्रथम दृष्टया सामान्य मौत की बजाय हत्या का मामला माना है।
वी शेप निशान को सबसे अहम तथ्य माना
पोस्टमार्टम से पूर्व लिए गए मृतका के फोटो अदालत में पेश किए गए। अदालत ने फोटो में मृतका के गले पर दिख रहे वी शेप निशान को सबसे अहम तथ्य माना है। दूसरा तथ्य, नल्लड़ मेडिकल कालेज से आई विसरा रिपोर्ट है, जो कि गला दबाए जाने से मौत की पुष्टि करती है। थाना शहर बल्लभगढ़ पुलिस ने करीब दो साल बाद अब हत्या के एंगल से जांच शुरू की है।
बता दें, छांयसा निवासी पूजा की शादी भगत सिंह कालोनी में रहने वाले सतीश नामक युवक से हुई थी। शादी के बाद पूजा ने तीन बच्चों को जन्म दिया। तीनों बच्चे बड़े हैं। पूजा की बहन ममता ने बताया कि उसकी बहन की मौत 11 अगस्त 2024 को रहस्यमय परिस्थितियों में हुई थी।
ममता ने बताया कि उसकी बहन को पति व अन्य स्वजन मिलकर प्रताड़ित करते थे। पति उस पर शक किया करता था। भूखा प्यासा रखते थे। उसकी बहन थोड़े दिन बीमार जरूर थी लेकिन फिर वह ठीक हो गई थी।
मौत को बीमारी के कारण होना बताया
ममता का आरोप है कि उसके जीजा सतीश ने पुलिस वालों से सांठगांठ करके उसकी मौत को रसोई में काम करते समय बेहोश गिर जाने और टीबी की बीमारी से ग्रस्त बताकर सामान्य मौत दिखाने का प्रयास किया। अपने बयान व अन्य स्वजनों के बयान में भी पूजा की मौत को बीमारी के कारण होना बताया।
तत्कालीन अनुसंधान अधिकारी ने निष्पक्ष जांच नहीं की और उसे जो बयान लिखवाए गए, उसने वही लिखकर मामला निपटा दिया था।वे जगह जगह न्याय के लिए भटक रहे थे। अंतत : उन्हें अदालत की शरण लेनी पड़ी।
